नामकरण संस्कार, आम तौर पर ग्यारहवें या बारहवें दिन।
मार्च 2027 में नामकरण के लिए 5 शुभ दिन हैं: 4, 5, 10, 11 और 24 मार्च। सबसे अच्छा दिन बुधवार, 24 मार्च 2027 (91%) है। 1 और दिन का मुहूर्त भद्रा (विष्टि करण, आधी तिथि जिसमें नया काम नहीं किया जाता) में पड़ता है, इसलिए वह गिना नहीं गया।
यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।
5 शुभ दिन मार्च 2027 में नामकरण के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।
नामकरण वह संस्कार है जिसमें बच्चे का नाम पहली बार पुकारा जाता है। मनुस्मृति (2.30) इसे जन्म के दसवें या बारहवें दिन बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार ग्यारहवाँ या बारहवाँ दिन रखते हैं। छोटी-सी पूजा या हवन के बाद पिता या घर के बड़े बच्चे के दाएँ कान में नाम कहते हैं, और नाम का पहला अक्षर अक्सर जन्म नक्षत्र से लिया जाता है।
इस महीने के काल:
त्योहार के दिन, इस काम के लिए:
| जाँच | यह दिन | नियम |
|---|---|---|
| वार | बुधवार | सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार में से एक |
| नक्षत्र | चित्रा | उन 16 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है |
| तिथि | कृष्ण द्वितीया | अनुमत तिथि |
| सबसे अच्छा समय | सुबह 9:24 से 10:56 | राहु काल (दोपहर 12:27 से 1:59) से बाहर |
| लग्न और भाव | वृषभ लग्न | लग्न मकर, मेष, कर्क या तुला न हो |
यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नामकरण के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।
ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।
मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती) और चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल षष्ठी और अष्टमी, और कृष्ण षष्ठी और अष्टमी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।
नामकरण के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय
5 दिन: गुरुवार, 4 मार्च 2027, शुक्रवार, 5 मार्च 2027, बुधवार, 10 मार्च 2027, गुरुवार, 11 मार्च 2027 और बुधवार, 24 मार्च 2027, नई दिल्ली के लिए।
पंचांग के हिसाब से नहीं: इस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा फाल्गुनी और हस्त) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो।
बुधवार, 24 मार्च 2027 (91%): कृष्ण द्वितीया और चित्रा नक्षत्र, सबसे अच्छा समय सुबह 9:24 से 10:56।
इसके 31 दिनों में से 13 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता, 8 दिनों में ठीक नक्षत्र और तिथि एक साथ नहीं आते, 3 दिन होलाष्टक में पड़ते हैं, 1 दिन संक्रांति का है और 1 दिन का मुहूर्त भद्रा में है।
अप्रैल 2027 में, 7 दिन; फ़रवरी 2027 में 6 और मई 2027 में 6।
पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और नामकरण के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

