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नई दिल्ली

नामकरण का मुहूर्त मार्च 2027
शुभ तारीख़ें और समय

नामकरण संस्कार, आम तौर पर ग्यारहवें या बारहवें दिन।

5 शुभ दिनसबसे अच्छा: बुधवार, 24 मार्च

मार्च में नामकरण का मुहूर्त

नई दिल्ली के समय से

मार्च 2027 में नामकरण के लिए 5 शुभ दिन हैं: 4, 5, 10, 11 और 24 मार्च। सबसे अच्छा दिन बुधवार, 24 मार्च 2027 (91%) है। 1 और दिन का मुहूर्त भद्रा (विष्टि करण, आधी तिथि जिसमें नया काम नहीं किया जाता) में पड़ता है, इसलिए वह गिना नहीं गया।

4मार्च
गुरुवार, 4 मार्चकृष्ण द्वादशी · उत्तराषाढ़ामुहूर्तसुबह 6:43 से 8:42; सुबह 10:18 से दोपहर 12:33सबसे अच्छा समय:सुबह 11:05 से दोपहर 12:33
5मार्च
शुक्रवार, 5 मार्चकृष्ण द्वादशी · श्रवणमुहूर्तसुबह 6:42 से 8:40; सुबह 10:14 से दोपहर 12:32सबसे अच्छा समय:सुबह 6:42 से 8:09
10मार्च
बुधवार, 10 मार्चशुक्ल द्वितीया · उत्तरा भाद्रपदमुहूर्तसुबह 6:36 से 8:20; सुबह 9:54 से दोपहर 12:31सबसे अच्छा समय:सुबह 6:36 से 8:05
11मार्च
गुरुवार, 11 मार्चशुक्ल तृतीया · रेवती सुबह 11:20 तक, फिर अश्विनीमुहूर्तसुबह 6:35 से 8:15; सुबह 9:51 से दोपहर 12:31सबसे अच्छा समय:सुबह 11:02 से दोपहर 12:31
24मार्च
बुधवार, 24 मार्चकृष्ण द्वितीया · चित्रामुहूर्तसुबह 6:20 से 7:24; सुबह 9:00 से दोपहर 12:27सबसे अच्छा समय:सुबह 9:24 से 10:56

यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।

मार्च5 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि123491%582%67891082%1187%1213141516171819202122232491%25262728293031

5 शुभ दिन मार्च 2027 में नामकरण के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।

  1. 1 मार्चसोमवारमुहूर्त नहींज्येष्ठा शाम 4:27 तक, फिर मूल: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  2. 2 मार्चमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  3. 3 मार्चबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तराषाढ़ा) और शुभ तिथि (कृष्ण एकादशी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
  4. 4 मार्चगुरुवारशुभसुबह 11:05 से दोपहर 12:33कृष्ण द्वादशी · उत्तराषाढ़ा91%
  5. 5 मार्चशुक्रवारशुभसुबह 6:42 से 8:09कृष्ण द्वादशी · श्रवण82%
  6. 6 मार्चशनिवार · महाशिवरात्रियह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  7. 7 मार्चरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  8. 8 मार्चसोमवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (शतभिषा) और शुभ तिथि (शुक्ल प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  9. 9 मार्चमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  10. 10 मार्चबुधवारशुभसुबह 6:36 से 8:05शुक्ल द्वितीया · उत्तरा भाद्रपद82%
  11. 11 मार्चगुरुवारशुभसुबह 11:02 से दोपहर 12:31शुक्ल तृतीया · रेवती सुबह 11:20 तक, फिर अश्विनी87%
  12. 12 मार्चशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (अश्विनी) और शुभ तिथि (शुक्ल पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  13. 13 मार्चशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  14. 14 मार्चरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  15. 15 मार्चसोमवारबंदसंक्रांति: सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं
  16. 16 मार्चमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  17. 17–19 मार्च3 दिनबंदहोलाष्टक, होलिका दहन तक की आठ तिथियाँ, जिनमें कोई संस्कार नहीं होता
  18. 20 मार्चशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  19. 21 मार्चरविवार · होलिका दहनयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  20. 22 मार्चसोमवार · होलीमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा फाल्गुनी और हस्त) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  21. 23 मार्चमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  22. 24 मार्चबुधवारशुभसुबह 9:24 से 10:56कृष्ण द्वितीया · चित्रा91%
  23. 25 मार्चगुरुवारभद्रा मेंइसका मुहूर्त सुबह 6:19 से 7:21; सुबह 8:55 से दोपहर 12:27 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
  24. 26 मार्चशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (अनुराधा) और शुभ तिथि (कृष्ण पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  25. 27 मार्चशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  26. 28 मार्चरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  27. 29 मार्चसोमवारमुहूर्त नहींमूल अगले दिन रात 3:18 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  28. 30 मार्चमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  29. 31 मार्चबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तराषाढ़ा) और शुभ तिथि (कृष्ण दशमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो

मुहूर्त किस काम के लिए

और यह दिन कैसे मनाया जाता है

नामकरण वह संस्कार है जिसमें बच्चे का नाम पहली बार पुकारा जाता है। मनुस्मृति (2.30) इसे जन्म के दसवें या बारहवें दिन बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार ग्यारहवाँ या बारहवाँ दिन रखते हैं। छोटी-सी पूजा या हवन के बाद पिता या घर के बड़े बच्चे के दाएँ कान में नाम कहते हैं, और नाम का पहला अक्षर अक्सर जन्म नक्षत्र से लिया जाता है।

पंचांग में मार्च 2027

नामकरण के लिए इसके 31 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ5 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता13 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं8 दिन
होलाष्टक3 दिन
संक्रांति1 दिन
मुहूर्त भद्रा में1 दिन

इस महीने के काल:

  • होलाष्टक: मंगलवार, 16 मार्च से रविवार, 21 मार्च तक

त्योहार के दिन, इस काम के लिए:

  • शनिवार, 6 मार्च, महाशिवरात्रि: शनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  • रविवार, 21 मार्च, होलिका दहन: रविवार को यह काम नहीं किया जाता
  • सोमवार, 22 मार्च, होली: इस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा फाल्गुनी और हस्त) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो

एक दिन की जाँच

बुधवार, 24 मार्च 2027, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर
जाँचयह दिननियम
वारबुधवार सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार में से एक
नक्षत्रचित्रा उन 16 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है
तिथिकृष्ण द्वितीया अनुमत तिथि
सबसे अच्छा समयसुबह 9:24 से 10:56 राहु काल (दोपहर 12:27 से 1:59) से बाहर
लग्न और भाववृषभ लग्न लग्न मकर, मेष, कर्क या तुला न हो

यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नामकरण के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।

मुहूर्त के नियम

बच्चे का नाम रखना
नक्षत्र
  • अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • ये शास्त्रीय वर्गीकरण के ध्रुव (स्थिर), चर, मृदु और क्षिप्र नक्षत्र हैं: उग्र, तीक्ष्ण और मिश्र नक्षत्रों को छोड़कर सब, जिन्हें मुहूर्त ग्रंथ संस्कार से दूर रखते हैं
तिथियाँ
  • शुक्ल: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
वार
  • सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।

मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती) और चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल षष्ठी और अष्टमी, और कृष्ण षष्ठी और अष्टमी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।

नामकरण के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
मार्च 2027 में नामकरण के कितने शुभ दिन हैं?

5 दिन: गुरुवार, 4 मार्च 2027, शुक्रवार, 5 मार्च 2027, बुधवार, 10 मार्च 2027, गुरुवार, 11 मार्च 2027 और बुधवार, 24 मार्च 2027, नई दिल्ली के लिए।

क्या होली (22 मार्च 2027) नामकरण के लिए शुभ है?

पंचांग के हिसाब से नहीं: इस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा फाल्गुनी और हस्त) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो।

मार्च 2027 में नामकरण के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

बुधवार, 24 मार्च 2027 (91%): कृष्ण द्वितीया और चित्रा नक्षत्र, सबसे अच्छा समय सुबह 9:24 से 10:56।

मार्च 2027 के बाक़ी 26 दिन नामकरण के लिए किस वजह से बंद रहे?

इसके 31 दिनों में से 13 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता, 8 दिनों में ठीक नक्षत्र और तिथि एक साथ नहीं आते, 3 दिन होलाष्टक में पड़ते हैं, 1 दिन संक्रांति का है और 1 दिन का मुहूर्त भद्रा में है।

मार्च 2027 के आसपास किस महीने में नामकरण के ज़्यादा दिन हैं?

अप्रैल 2027 में, 7 दिन; फ़रवरी 2027 में 6 और मई 2027 में 6।

ये शुभ दिन हैं। ज़रूरी नहीं कि आपके लिए भी शुभ हों।

पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और नामकरण के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।

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