हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।
हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।
चातुर्मास बुधवार, 14 जुलाई से बुधवार, 10 नवंबर तक: विष्णु जी के विश्राम के चार महीने, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक; इसमें शादी, जनेऊ और विद्यारंभ के मुहूर्त नहीं निकलते; ये बुधवार, 10 नवंबर, यानी देवउठनी एकादशी के दिन से फिर हो सकते हैं; बाक़ी काम इन दिनों वैसे भी बंद हैं: मुंडन सूर्य की राशि के कारण, गृह प्रवेश चंद्र मास के कारण।
पितृ पक्ष बुधवार, 15 सितंबर से बुधवार, 29 सितंबर तक: पितरों के श्राद्ध का पखवाड़ा; यह नई गाड़ी के मुहूर्त बुधवार, 29 सितंबर तक बंद रखता है; बाक़ी काम इन दिनों वैसे भी बंद हैं: शादी, जनेऊ और विद्यारंभ चातुर्मास के कारण, मुंडन सूर्य की राशि के कारण, गृह प्रवेश चंद्र मास के कारण; ज़मीन-जायदाद की ख़रीद और नए व्यापार के मुहूर्त पंचांग में फिर भी हैं, पर कई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं।
शारदीय नवरात्रि गुरुवार, 30 सितंबर से शुक्रवार, 8 अक्टूबर तक: शरद ऋतु की नवरात्रि, दशहरे से एक दिन पहले तक।
2027 के सारे त्योहार, महीने के हिसाब से: हिंदू त्योहार 2027
नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।
| दिन | सूर्योदय की तिथि | मास | व्रत-त्योहार |
|---|---|---|---|
| 1 बुध | शुक्ल प्रतिपदा | भादों | |
| 2 गुरु | शुक्ल द्वितीया | भादों | |
| 3 शुक्र | शुक्ल तृतीया | भादों | हरतालिका तीज |
| 4 शनि | शुक्ल चतुर्थी | भादों | गणेश चतुर्थी · ऋषि पंचमी |
| 5 रवि | शुक्ल पंचमी | भादों | |
| 6 सोम | शुक्ल षष्ठी | भादों | |
| 7 मंगल | शुक्ल सप्तमी | भादों | |
| 8 बुध | शुक्ल अष्टमी | भादों | राधा अष्टमी · मासिक दुर्गाष्टमी |
| 9 गुरु | शुक्ल नवमी | भादों | |
| 10 शुक्र | शुक्ल दशमी | भादों | |
| 11 शनि | शुक्ल एकादशी | भादों | परिवर्तिनी एकादशी |
| 12 रवि | शुक्ल द्वादशी | भादों | ओणम (केरल) |
| 13 सोम | शुक्ल त्रयोदशी | भादों | सोम प्रदोष व्रत |
| 14 मंगल | शुक्ल चतुर्दशी | भादों | अनंत चतुर्दशी |
| 15 बुध | पूर्णिमा | भादों | पितृ पक्ष शुरू (पूर्णिमा श्राद्ध) · भादों पूर्णिमा व्रत |
| 16 गुरु | कृष्ण प्रतिपदा | आश्विन | |
| 17 शुक्र | कृष्ण द्वितीया | आश्विन | विश्वकर्मा पूजा · कन्या संक्रांति |
| 18 शनि | कृष्ण द्वितीया | आश्विन | |
| 19 रवि | कृष्ण तृतीया | आश्विन | संकष्टी चतुर्थी |
| 20 सोम | कृष्ण चतुर्थी | आश्विन | |
| 21 मंगल | कृष्ण पंचमी | आश्विन | |
| 22 बुध | कृष्ण सप्तमी | आश्विन | |
| 23 गुरु | कृष्ण अष्टमी | आश्विन | जीवित्पुत्रिका (जितिया; बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश) |
| 24 शुक्र | कृष्ण नवमी | आश्विन | |
| 25 शनि | कृष्ण दशमी | आश्विन | |
| 26 रवि | कृष्ण एकादशी | आश्विन | इंदिरा एकादशी |
| 27 सोम | कृष्ण द्वादशी | आश्विन | सोम प्रदोष व्रत |
| 28 मंगल | कृष्ण त्रयोदशी | आश्विन | मासिक शिवरात्रि |
| 29 बुध | कृष्ण चतुर्दशी | आश्विन | सर्व पितृ अमावस्या |
| 30 गुरु | अमावस्या | आश्विन | शारदीय नवरात्रि |
तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।
शारदीय नवरात्रि गुरुवार, 30 सितंबर को है, जिस दिन इसकी तिथि, प्रतिपदा, शुरू होती है: 2027 में यह तिथि एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाती है।
जब तारीख़ अदालत दे, तो कोर्ट की सुनवाई वाले पेज पर हर दिन की सूर्य होरा है; क़ानूनी नोटिस के लिए नोटिस का जवाब वाले पेज पर जवाब के दिन हैं।
उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 सितंबर से 15 सितंबर तक भादों; फिर 16 सितंबर से 30 सितंबर तक आश्विन। विक्रम संवत 2084।
नई दिल्ली में भादों पूर्णिमा व्रत बुधवार, 15 सितंबर को।
नई दिल्ली में सर्व पितृ अमावस्या बुधवार, 29 सितंबर को।
नई दिल्ली में परिवर्तिनी एकादशी शनिवार, 11 सितंबर को और इंदिरा एकादशी रविवार, 26 सितंबर को।
हरतालिका तीज शुक्रवार, 3 सितंबर को; गणेश चतुर्थी शनिवार, 4 सितंबर को; राधा अष्टमी बुधवार, 8 सितंबर को; ओणम (केरल) रविवार, 12 सितंबर को; अनंत चतुर्दशी मंगलवार, 14 सितंबर को; पितृ पक्ष बुधवार, 15 सितंबर से बुधवार, 29 सितंबर तक; विश्वकर्मा पूजा शुक्रवार, 17 सितंबर को; जीवित्पुत्रिका (जितिया; बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश) गुरुवार, 23 सितंबर को; शारदीय नवरात्रि गुरुवार, 30 सितंबर को। नई दिल्ली के लिए।
नई दिल्ली में सुबह 11:04 से दोपहर 12:26 तक: मध्याह्न, यानी दिन का बीच का समय, जब चतुर्थी चल रही हो। माना जाता है कि गणेश जी का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए स्थापना और पूजा तभी की जाती है।
नई दिल्ली में सुबह 8:06 से सुबह 10:12 तक: प्रतिपदा रहते दिन का पहला तिहाई भाग। यह छूट जाए तो अभिजीत मुहूर्त, सुबह 11:47 से दोपहर 12:35 तक।
अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ, या 24 ज्योतिषियों में से किसी से पूछें कि कौन-सा व्रत आपके किस ग्रह को बल देगा। पैसे मिनट के हिसाब से।


