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नई दिल्ली

हिंदू कैलेंडर सितंबर 2027
भादों – आश्विन

हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।

विक्रम संवत 2084पूर्णिमांत9 त्योहार
पूर्णिमा15 सितंबरभादों पूर्णिमा व्रत
अमावस्या29 सितंबरसर्व पितृ अमावस्या
एकादशी11 सितंबरपरिवर्तिनी एकादशी26 सितंबरइंदिरा एकादशी
संक्रांति17 सितंबरकन्या संक्रांति
सितंबर 2027 भादों · आश्विन
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि112233हरतालिका तीज44गणेश चतुर्थी55667788राधा अष्टमी9910101111एकादशी1212ओणम1313प्रदोष1414अनंत चतुर्दशी15○पितृ पक्ष शुरू (पूर्णिमा श्राद्ध)161172विश्वकर्मा पूजा182193संकष्टी204215227238जीवित्पुत्रिका (जितिया)24925102611एकादशी2712प्रदोष2813शिवरात्रि291430●शारदीय नवरात्रि
शुक्ल पक्ष कृष्ण पक्ष त्योहार ○ पूर्णिमा   ● अमावस्या

हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।

चातुर्मास बुधवार, 14 जुलाई से बुधवार, 10 नवंबर तक: विष्णु जी के विश्राम के चार महीने, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक; इसमें शादी, जनेऊ और विद्यारंभ के मुहूर्त नहीं निकलते; ये बुधवार, 10 नवंबर, यानी देवउठनी एकादशी के दिन से फिर हो सकते हैं; बाक़ी काम इन दिनों वैसे भी बंद हैं: मुंडन सूर्य की राशि के कारण, गृह प्रवेश चंद्र मास के कारण।

पितृ पक्ष बुधवार, 15 सितंबर से बुधवार, 29 सितंबर तक: पितरों के श्राद्ध का पखवाड़ा; यह नई गाड़ी के मुहूर्त बुधवार, 29 सितंबर तक बंद रखता है; बाक़ी काम इन दिनों वैसे भी बंद हैं: शादी, जनेऊ और विद्यारंभ चातुर्मास के कारण, मुंडन सूर्य की राशि के कारण, गृह प्रवेश चंद्र मास के कारण; ज़मीन-जायदाद की ख़रीद और नए व्यापार के मुहूर्त पंचांग में फिर भी हैं, पर कई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं।

शारदीय नवरात्रि गुरुवार, 30 सितंबर से शुक्रवार, 8 अक्टूबर तक: शरद ऋतु की नवरात्रि, दशहरे से एक दिन पहले तक।

सितंबर 2027 के व्रत-त्योहार

9 त्योहार, 9 व्रत
सितंबर 20273शुक्रहरतालिका तीजभादों शुक्ल तृतीया · सूर्योदय पर4शनिगणेश चतुर्थीभादों शुक्ल चतुर्थी · दोपहर (मध्याह्न) · मध्याह्न पूजा मुहूर्त सुबह 11:04 से दोपहर 12:26 तक8बुधराधा अष्टमीभादों शुक्ल अष्टमी · सूर्योदय पर12रविओणमकेरल तिरुवोणम (श्रवण) नक्षत्र, सूर्य सिंह में14मंगलअनंत चतुर्दशीभादों शुक्ल चतुर्दशी · सूर्योदय पर15बुधपितृ पक्षपूर्णिमा श्राद्ध से सर्व पितृ अमावस्या तक · 29 सितंबर तक17शुक्रविश्वकर्मा पूजासूर्य का कन्या में प्रवेश23गुरुजीवित्पुत्रिका (जितिया)बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश आश्विन कृष्ण अष्टमी · सूर्योदय पर30गुरुशारदीय नवरात्रिआश्विन शुक्ल प्रतिपदा · तिथि शुरू होने वाले दिन, क्योंकि 2027 में यह किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय) · घटस्थापना मुहूर्त सुबह 8:06 से 10:12 तक
सितंबर 20278बुधमासिक दुर्गाष्टमीअष्टमी 7 सितंबर, सुबह 11:28 से 8 सितंबर, दोपहर 12:44 तक11शनिपरिवर्तिनी एकादशीएकादशी 10 सितंबर, शाम 5:00 से 11 सितंबर, शाम 7:36 तक · पारण 12 सितंबर, सुबह 6:05 से 8:33 तक13सोमसोम प्रदोष व्रतत्रयोदशी 12 सितंबर, रात 10:13 से 13–14 सितंबर की रात 12:40 तक · पूजा शाम 6:29 से रात 8:49 तक15बुधभादों पूर्णिमा व्रतपूर्णिमा 14–15 सितंबर की रात 2:48 से 16 सितंबर, सुबह 4:33 तक19रविसंकष्टी चतुर्थीचतुर्थी 19 सितंबर, सुबह 7:09 से 20 सितंबर, सुबह 7:09 तक · चंद्रोदय रात 8:0826रविइंदिरा एकादशीएकादशी 25 सितंबर, रात 10:31 से 26 सितंबर, शाम 7:49 तक · पारण 27 सितंबर, सुबह 6:12 से 8:35 तक27सोमसोम प्रदोष व्रतत्रयोदशी 27 सितंबर, शाम 4:55 से 28 सितंबर, दोपहर 1:55 तक · पूजा शाम 6:13 से रात 8:36 तक28मंगलमासिक शिवरात्रिचतुर्दशी 28 सितंबर, दोपहर 1:55 से 29 सितंबर, सुबह 10:55 तक · निशीथ 28 सितंबर, रात 11:47 से 12:36 तक29बुधसर्व पितृ अमावस्याअमावस्या 29 सितंबर, सुबह 10:55 से 30 सितंबर, सुबह 8:06 तक

इस महीने ये दिन भी

4सितंबर · शनिऋषि पंचमीभादों शुक्ल पंचमी · जिस दिन मध्याह्न का बड़ा भाग इस तिथि में हो, उस दिन · महिलाएँ सप्तर्षियों की पूजा करती हैं और व्रत रखती हैं; जुते हुए खेत का अन्न नहीं खातीं।

2027 के सारे त्योहार, महीने के हिसाब से: हिंदू त्योहार 2027

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।

दिन-ब-दिन

सूर्योदय की तिथि और मास
दिनसूर्योदय की तिथिमासव्रत-त्योहार
1 बुधशुक्ल प्रतिपदाभादों
2 गुरुशुक्ल द्वितीयाभादों
3 शुक्रशुक्ल तृतीयाभादोंहरतालिका तीज
4 शनिशुक्ल चतुर्थीभादोंगणेश चतुर्थी · ऋषि पंचमी
5 रविशुक्ल पंचमीभादों
6 सोमशुक्ल षष्ठीभादों
7 मंगलशुक्ल सप्तमीभादों
8 बुधशुक्ल अष्टमीभादोंराधा अष्टमी · मासिक दुर्गाष्टमी
9 गुरुशुक्ल नवमीभादों
10 शुक्रशुक्ल दशमीभादों
11 शनिशुक्ल एकादशीभादोंपरिवर्तिनी एकादशी
12 रविशुक्ल द्वादशीभादोंओणम (केरल)
13 सोमशुक्ल त्रयोदशीभादोंसोम प्रदोष व्रत
14 मंगलशुक्ल चतुर्दशीभादोंअनंत चतुर्दशी
15 बुधपूर्णिमाभादोंपितृ पक्ष शुरू (पूर्णिमा श्राद्ध) · भादों पूर्णिमा व्रत
16 गुरुकृष्ण प्रतिपदाआश्विन
17 शुक्रकृष्ण द्वितीयाआश्विनविश्वकर्मा पूजा · कन्या संक्रांति
18 शनिकृष्ण द्वितीयाआश्विन
19 रविकृष्ण तृतीयाआश्विनसंकष्टी चतुर्थी
20 सोमकृष्ण चतुर्थीआश्विन
21 मंगलकृष्ण पंचमीआश्विन
22 बुधकृष्ण सप्तमीआश्विन
23 गुरुकृष्ण अष्टमीआश्विनजीवित्पुत्रिका (जितिया; बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश)
24 शुक्रकृष्ण नवमीआश्विन
25 शनिकृष्ण दशमीआश्विन
26 रविकृष्ण एकादशीआश्विनइंदिरा एकादशी
27 सोमकृष्ण द्वादशीआश्विनसोम प्रदोष व्रत
28 मंगलकृष्ण त्रयोदशीआश्विनमासिक शिवरात्रि
29 बुधकृष्ण चतुर्दशीआश्विनसर्व पितृ अमावस्या
30 गुरुअमावस्याआश्विनशारदीय नवरात्रि

तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।

शारदीय नवरात्रि गुरुवार, 30 सितंबर को है, जिस दिन इसकी तिथि, प्रतिपदा, शुरू होती है: 2027 में यह तिथि एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाती है।

इस पेज के शब्द

हर शब्द का मतलब
  • पूर्णिमांत: उत्तर भारत का कैलेंडर, जिसमें महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है। पश्चिम और दक्षिण के अमांत कैलेंडर में महीना अमावस्या पर ख़त्म होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों महीने का नाम अलग बताते हैं।
  • शुक्ल और कृष्ण पक्ष: महीने का उजाला पखवाड़ा, जब चंद्रमा बढ़कर पूर्णिमा तक जाता है, और अँधेरा पखवाड़ा, जब घटकर अमावस्या तक।
  • संक्रांति: जिस दिन सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं; इनमें मकर संक्रांति सबसे जानी-मानी है।
  • प्रदोष: सूर्यास्त के ठीक बाद की शाम का समय।
  • निशीथ: आधी रात का समय, जब शिवरात्रि और जन्माष्टमी की पूजा होती है।
  • अपराह्न और मध्याह्न: दोपहर बाद का समय (दिन के पाँच बराबर भागों में चौथा) और दिन का बीच का समय, यानी दोपहर।
  • पारण: व्रत खोलने का समय, जैसे एकादशी का व्रत अगली सुबह खोला जाता है।
  • स्नान-दान: पूर्णिमा या अमावस्या पर पवित्र स्नान और दान।
  • क्षय: वह तिथि जो एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाए, इसलिए किसी सूर्योदय पर न दिखे; वह उसी दिन मानी जाती है जिस दिन शुरू होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

7 सवाल
सितंबर 2027 में कौन-सा हिंदू महीना है?

उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 सितंबर से 15 सितंबर तक भादों; फिर 16 सितंबर से 30 सितंबर तक आश्विन। विक्रम संवत 2084।

सितंबर 2027 में पूर्णिमा कब है?

नई दिल्ली में भादों पूर्णिमा व्रत बुधवार, 15 सितंबर को।

सितंबर 2027 में अमावस्या कब है?

नई दिल्ली में सर्व पितृ अमावस्या बुधवार, 29 सितंबर को।

सितंबर 2027 में एकादशी कब है?

नई दिल्ली में परिवर्तिनी एकादशी शनिवार, 11 सितंबर को और इंदिरा एकादशी रविवार, 26 सितंबर को।

सितंबर 2027 में कौन-से हिंदू त्योहार हैं?

हरतालिका तीज शुक्रवार, 3 सितंबर को; गणेश चतुर्थी शनिवार, 4 सितंबर को; राधा अष्टमी बुधवार, 8 सितंबर को; ओणम (केरल) रविवार, 12 सितंबर को; अनंत चतुर्दशी मंगलवार, 14 सितंबर को; पितृ पक्ष बुधवार, 15 सितंबर से बुधवार, 29 सितंबर तक; विश्वकर्मा पूजा शुक्रवार, 17 सितंबर को; जीवित्पुत्रिका (जितिया; बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश) गुरुवार, 23 सितंबर को; शारदीय नवरात्रि गुरुवार, 30 सितंबर को। नई दिल्ली के लिए।

2027 में गणेश चतुर्थी की पूजा का मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली में सुबह 11:04 से दोपहर 12:26 तक: मध्याह्न, यानी दिन का बीच का समय, जब चतुर्थी चल रही हो। माना जाता है कि गणेश जी का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए स्थापना और पूजा तभी की जाती है।

2027 में घटस्थापना का मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली में सुबह 8:06 से सुबह 10:12 तक: प्रतिपदा रहते दिन का पहला तिहाई भाग। यह छूट जाए तो अभिजीत मुहूर्त, सुबह 11:47 से दोपहर 12:35 तक।

व्रत का दिन सबके लिए एक होता है, पर हर किसी की कुंडली अलग होती है।

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9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
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