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नई दिल्ली

नामकरण का मुहूर्त सितंबर 2027
शुभ तारीख़ें और समय

नामकरण संस्कार, आम तौर पर ग्यारहवें या बारहवें दिन।

4 शुभ दिनसबसे अच्छा: गुरुवार, 2 सितंबर

सितंबर में नामकरण का मुहूर्त

नई दिल्ली के समय से

सितंबर 2027 में नामकरण के लिए 4 शुभ दिन हैं: 2, 3, 13 और 30 सितंबर। सबसे अच्छा दिन गुरुवार, 2 सितंबर 2027 (94%) है। 1 और दिन का मुहूर्त भद्रा (विष्टि करण, आधी तिथि जिसमें नया काम नहीं किया जाता) में पड़ता है, इसलिए वह गिना नहीं गया।

2सितंबर
गुरुवार, 2 सितंबरशुक्ल द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनीमुहूर्तसुबह 5:59 से 9:27; सुबह 11:47 से दोपहर 12:20सबसे अच्छा समय:सुबह 7:34 से 9:10
3सितंबर
शुक्रवार, 3 सितंबर हरतालिका तीजशुक्ल तृतीया · हस्तमुहूर्तसुबह 5:59 से 9:23; सुबह 11:43 से दोपहर 12:20सबसे अच्छा समय:सुबह 5:59 से 7:34
13सितंबर
सोमवार, 13 सितंबरशुक्ल त्रयोदशी · धनिष्ठामुहूर्तसुबह 6:04 से 8:43; सुबह 11:03 से दोपहर 12:17सबसे अच्छा समय:सुबह 6:04 से 7:37
30सितंबर
गुरुवार, 30 सितंबर शारदीय नवरात्रिशुक्ल प्रतिपदा · हस्तमुहूर्तसुबह 9:56 से दोपहर 12:11सबसे अच्छा समय:सुबह 10:41 से दोपहर 12:11

यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।

सितंबर4 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि1294%394%4567891011121385%141516171819202122232425262728293064%

4 शुभ दिन सितंबर 2027 में नामकरण के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।

  1. 1 सितंबरबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा फाल्गुनी) और शुभ तिथि (शुक्ल प्रतिपदा और शुक्ल द्वितीया) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
  2. 2 सितंबरगुरुवारशुभसुबह 7:34 से 9:10शुक्ल द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनी94%
  3. 3 सितंबरशुक्रवार · हरतालिका तीजशुभसुबह 5:59 से 7:34शुक्ल तृतीया · हस्त94%
  4. 4 सितंबरशनिवार · गणेश चतुर्थीयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  5. 5 सितंबररविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  6. 6 सितंबरसोमवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (अनुराधा) और शुभ तिथि (शुक्ल सप्तमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  7. 7 सितंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  8. 8 सितंबरबुधवार · राधा अष्टमीमुहूर्त नहींज्येष्ठा शाम 6:17 तक, फिर मूल: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  9. 9 सितंबरगुरुवारमुहूर्त नहींमूल रात 8:52 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  10. 10 सितंबरशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तराषाढ़ा) और शुभ तिथि (शुक्ल दशमी और शुक्ल एकादशी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  11. 11 सितंबरशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  12. 12 सितंबररविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  13. 13 सितंबरसोमवारशुभसुबह 6:04 से 7:37शुक्ल त्रयोदशी · धनिष्ठा85%
  14. 14 सितंबरमंगलवार · अनंत चतुर्दशीयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  15. 15 सितंबरबुधवार · पितृ पक्षमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (शतभिषा) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  16. 16 सितंबरगुरुवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा भाद्रपद) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा और कृष्ण द्वितीया) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  17. 17 सितंबरशुक्रवार · विश्वकर्मा पूजाबंदसंक्रांति: सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं
  18. 18 सितंबरशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  19. 19 सितंबररविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  20. 20 सितंबरसोमवारमुहूर्त नहींभरणी शाम 6:09 तक, फिर कृत्तिका: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  21. 21 सितंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  22. 22 सितंबरबुधवारभद्रा मेंइसका मुहूर्त सुबह 6:09 से 8:09; सुबह 10:29 से दोपहर 12:13 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
  23. 23 सितंबरगुरुवारमुहूर्त नहींकृष्ण अष्टमी अगले दिन रात 2:57 तक, फिर कृष्ण नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  24. 24 सितंबरशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (पुनर्वसु) और शुभ तिथि (कृष्ण दशमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  25. 25 सितंबरशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  26. 26 सितंबररविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  27. 27 सितंबरसोमवारमुहूर्त नहींअश्लेषा सुबह 10:33 तक, फिर मघा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  28. 28 सितंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  29. 29 सितंबरबुधवारमुहूर्त नहींकृष्ण चतुर्दशी सुबह 10:55 तक, फिर अमावस्या: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  30. 30 सितंबरगुरुवार · शारदीय नवरात्रिशुभसुबह 10:41 से दोपहर 12:11शुक्ल प्रतिपदा · हस्त64%

मुहूर्त किस काम के लिए

और यह दिन कैसे मनाया जाता है

नामकरण वह संस्कार है जिसमें बच्चे का नाम पहली बार पुकारा जाता है। मनुस्मृति (2.30) इसे जन्म के दसवें या बारहवें दिन बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार ग्यारहवाँ या बारहवाँ दिन रखते हैं। छोटी-सी पूजा या हवन के बाद पिता या घर के बड़े बच्चे के दाएँ कान में नाम कहते हैं, और नाम का पहला अक्षर अक्सर जन्म नक्षत्र से लिया जाता है।

पंचांग में सितंबर 2027

नामकरण के लिए इसके 30 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ4 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं12 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता12 दिन
संक्रांति1 दिन
मुहूर्त भद्रा में1 दिन

त्योहार के दिन, इस काम के लिए:

  • शुक्रवार, 3 सितंबर, हरतालिका तीज: नामकरण के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 5:59 से 7:34
  • शनिवार, 4 सितंबर, गणेश चतुर्थी: शनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  • बुधवार, 8 सितंबर, राधा अष्टमी: ज्येष्ठा शाम 6:17 तक, फिर मूल: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  • मंगलवार, 14 सितंबर, अनंत चतुर्दशी: मंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  • बुधवार, 15 सितंबर, पितृ पक्ष: इस दिन के शुभ नक्षत्र (शतभिषा) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  • शुक्रवार, 17 सितंबर, विश्वकर्मा पूजा: संक्रांति: सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं
  • गुरुवार, 30 सितंबर, शारदीय नवरात्रि: नामकरण के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 10:41 से दोपहर 12:11

एक दिन की जाँच

गुरुवार, 2 सितंबर 2027, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर
जाँचयह दिननियम
वारगुरुवार सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार में से एक
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी उन 16 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है
तिथिशुक्ल द्वितीया अनुमत तिथि
सबसे अच्छा समयसुबह 7:34 से 9:10 राहु काल (दोपहर 1:56 से 3:31) से बाहर
लग्न और भावकन्या लग्न लग्न मकर, मेष, कर्क या तुला न हो

यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नामकरण के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।

मुहूर्त के नियम

बच्चे का नाम रखना
नक्षत्र
  • अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • ये शास्त्रीय वर्गीकरण के ध्रुव (स्थिर), चर, मृदु और क्षिप्र नक्षत्र हैं: उग्र, तीक्ष्ण और मिश्र नक्षत्रों को छोड़कर सब, जिन्हें मुहूर्त ग्रंथ संस्कार से दूर रखते हैं
तिथियाँ
  • शुक्ल: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
वार
  • सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।

मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती) और चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल षष्ठी और अष्टमी, और कृष्ण षष्ठी और अष्टमी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।

नामकरण के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
सितंबर 2027 में नामकरण के कितने शुभ दिन हैं?

4 दिन: गुरुवार, 2 सितंबर 2027, शुक्रवार, 3 सितंबर 2027, सोमवार, 13 सितंबर 2027 और गुरुवार, 30 सितंबर 2027, नई दिल्ली के लिए।

क्या गणेश चतुर्थी (4 सितंबर 2027) नामकरण के लिए शुभ है?

पंचांग के हिसाब से नहीं: शनिवार को यह काम नहीं किया जाता।

सितंबर 2027 में नामकरण के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

गुरुवार, 2 सितंबर 2027 (94%): शुक्ल द्वितीया और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, सबसे अच्छा समय सुबह 7:34 से 9:10।

सितंबर 2027 के बाक़ी 26 दिन नामकरण के लिए किस वजह से बंद रहे?

इसके 30 दिनों में से 12 दिनों में ठीक नक्षत्र और तिथि एक साथ नहीं आते, 12 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता, 1 दिन संक्रांति का है और 1 दिन का मुहूर्त भद्रा में है।

सितंबर 2027 के आसपास किस महीने में नामकरण के ज़्यादा दिन हैं?

नवंबर 2027 में, 11 दिन; जुलाई 2027 में 8 और अक्टूबर 2027 में 5।

ये शुभ दिन हैं। ज़रूरी नहीं कि आपके लिए भी शुभ हों।

पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और नामकरण के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।

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