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नई दिल्ली

हिंदू कैलेंडर अगस्त 2027
सावन – भादों

हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।

विक्रम संवत 2084पूर्णिमांत6 त्योहार
पूर्णिमा16 अगस्तसावन पूर्णिमा व्रत
अमावस्या2 अगस्तहरियाली अमावस्या31 अगस्तभादों अमावस्या
एकादशी12 अगस्तश्रावण पुत्रदा एकादशी28 अगस्तअजा एकादशी
संक्रांति17 अगस्तसिंह संक्रांति
अगस्त 2027 सावन · भादों
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि1142●सावन सोमवार3142हरियाली तीज5465नाग पंचमी768798सावन सोमवार10911101211एकादशी13121413प्रदोष15131614सावन सोमवार17○रक्षा बंधन181192203कजरी तीज214225236247258कृष्ण जन्माष्टमी26927102811एकादशी2912प्रदोष3013शिवरात्रि31●
शुक्ल पक्ष कृष्ण पक्ष त्योहार ○ पूर्णिमा   ● अमावस्या

हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।

चातुर्मास बुधवार, 14 जुलाई से बुधवार, 10 नवंबर तक: विष्णु जी के विश्राम के चार महीने, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक; इसमें शादी, जनेऊ और विद्यारंभ के मुहूर्त नहीं निकलते; ये बुधवार, 10 नवंबर, यानी देवउठनी एकादशी के दिन से फिर हो सकते हैं; बाक़ी काम इन दिनों वैसे भी बंद हैं: मुंडन सूर्य की राशि के कारण, गृह प्रवेश चंद्र मास के कारण।

सावन सोमवार, 19 जुलाई से मंगलवार, 17 अगस्त तक: शिव जी का महीना; इसके हर सोमवार को सावन सोमवार का व्रत रखा जाता है।

सूर्य ग्रहण सोमवार, 2 अगस्त: नई दिल्ली में दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखाई देता है; यहाँ यह आंशिक ग्रहण है: सबसे ज़्यादा पर चंद्रमा सूर्य की चौड़ाई का लगभग 17% ढकता है। सूतक रात 3:53 से, यानी ग्रहण शुरू होने से बारह घंटे पहले से, ग्रहण ख़त्म होने तक रहता है: इस बीच कोई मुहूर्त नहीं लिया जाता।

अगस्त 2027 के व्रत-त्योहार

6 त्योहार, 10 व्रत
अगस्त 202719जुलाईसावन सोमवार19 जुलाई से 17 अगस्त तक · सोमवार 19, 26 जुलाई, 2, 9, 16 अगस्त4बुधहरियाली तीजसावन शुक्ल तृतीया · तिथि शुरू होने वाले दिन, क्योंकि 2027 में यह किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय)6शुक्रनाग पंचमीसावन शुक्ल पंचमी · सूर्योदय पर17मंगलरक्षा बंधनसावन शुक्ल पूर्णिमा · सूर्योदय की पूर्णिमा से; राखी भद्रा के बाद बाँधी जाती है · राखी बाँधने का मुहूर्त सुबह 5:51 से दोपहर 12:58 तक20शुक्रकजरी तीजभादों कृष्ण तृतीया · सूर्योदय पर25बुधकृष्ण जन्माष्टमीभादों कृष्ण अष्टमी · सूर्योदय की अष्टमी और आधी रात के रोहिणी नक्षत्र से · निशीथ पूजा 25–26 अगस्त की रात 12:01 से 12:46 तक; जो परिवार आधी रात की अष्टमी मानते हैं (स्मार्त), वे इसे एक रात पहले, मंगलवार, 24 अगस्त को मनाते हैं
अगस्त 20272सोमहरियाली अमावस्याअमावस्या 1 अगस्त, शाम 7:20 से 2 अगस्त, दोपहर 3:35 तक9सोममासिक दुर्गाष्टमीअष्टमी 8 अगस्त, रात 10:24 से 9 अगस्त, रात 10:34 तक12गुरुश्रावण पुत्रदा एकादशीएकादशी 11–12 अगस्त की रात 12:59 से 12–13 अगस्त की रात 3:00 तक · पारण 13 अगस्त, दोपहर 1:46 से शाम 4:24 तक14शनिशनि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 14 अगस्त, सुबह 5:21 से 15 अगस्त, सुबह 7:54 तक · पूजा शाम 7:02 से रात 9:12 तक16सोमसावन पूर्णिमा व्रतपूर्णिमा 16 अगस्त, सुबह 10:29 से 17 अगस्त, दोपहर 12:58 तक · स्नान-दान 17 अगस्त20शुक्रसंकष्टी चतुर्थीचतुर्थी 20 अगस्त, शाम 6:53 से 21 अगस्त, रात 8:05 तक · चंद्रोदय रात 8:2728शनिअजा एकादशीएकादशी 27 अगस्त, दोपहर 3:25 से 28 अगस्त, दोपहर 12:42 तक · पारण 29 अगस्त, सुबह 5:58 से 8:31 तक29रविरवि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 29 अगस्त, सुबह 9:36 से 30 अगस्त, सुबह 6:13 तक · पूजा शाम 6:47 से रात 9:01 तक30सोममासिक शिवरात्रिचतुर्दशी 30 अगस्त, सुबह 6:13 से 30–31 अगस्त की रात 2:41 तक · निशीथ 30 अगस्त, रात 11:59 से 12:44 तक31मंगलभादों अमावस्याअमावस्या 30–31 अगस्त की रात 2:41 से 31 अगस्त, रात 11:11 तक

इस महीने ये दिन भी

23अगस्त · सोमहल षष्ठीभादों कृष्ण षष्ठी · सूर्योदय पर · बलराम जी का जन्मदिन: माताएँ संतान के लिए व्रत रखती हैं और हल से उगा अन्न नहीं खातीं।
26अगस्त · गुरुगोगा नवमी राजस्थान, हरियाणा, पंजाबभादों कृष्ण नवमी · सूर्योदय पर · साँप के काटे से बचाने वाले लोकदेवता गोगाजी की पूजा, जन्माष्टमी के बाद की नवमी पर।

2027 के सारे त्योहार, महीने के हिसाब से: हिंदू त्योहार 2027

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।

दिन-ब-दिन

सूर्योदय की तिथि और मास
दिनसूर्योदय की तिथिमासव्रत-त्योहार
1 रविकृष्ण चतुर्दशीसावन
2 सोमअमावस्यासावनसावन सोमवार · हरियाली अमावस्या · सूर्य ग्रहण
3 मंगलशुक्ल प्रतिपदासावन
4 बुधशुक्ल द्वितीयासावनहरियाली तीज
5 गुरुशुक्ल चतुर्थीसावन
6 शुक्रशुक्ल पंचमीसावननाग पंचमी
7 शनिशुक्ल षष्ठीसावन
8 रविशुक्ल सप्तमीसावन
9 सोमशुक्ल अष्टमीसावनसावन सोमवार · मासिक दुर्गाष्टमी
10 मंगलशुक्ल नवमीसावन
11 बुधशुक्ल दशमीसावन
12 गुरुशुक्ल एकादशीसावनश्रावण पुत्रदा एकादशी
13 शुक्रशुक्ल द्वादशीसावन
14 शनिशुक्ल त्रयोदशीसावनशनि प्रदोष व्रत
15 रविशुक्ल त्रयोदशीसावन
16 सोमशुक्ल चतुर्दशीसावनसावन सोमवार · सावन पूर्णिमा व्रत
17 मंगलपूर्णिमासावनरक्षा बंधन · सिंह संक्रांति
18 बुधकृष्ण प्रतिपदाभादों
19 गुरुकृष्ण द्वितीयाभादों
20 शुक्रकृष्ण तृतीयाभादोंकजरी तीज · संकष्टी चतुर्थी
21 शनिकृष्ण चतुर्थीभादों
22 रविकृष्ण पंचमीभादों
23 सोमकृष्ण षष्ठीभादोंहल षष्ठी
24 मंगलकृष्ण सप्तमीभादों
25 बुधकृष्ण अष्टमीभादोंकृष्ण जन्माष्टमी
26 गुरुकृष्ण नवमीभादोंगोगा नवमी
27 शुक्रकृष्ण दशमीभादों
28 शनिकृष्ण एकादशीभादोंअजा एकादशी
29 रविकृष्ण द्वादशीभादोंरवि प्रदोष व्रत
30 सोमकृष्ण त्रयोदशीभादोंमासिक शिवरात्रि
31 मंगलअमावस्याभादोंभादों अमावस्या

तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।

रक्षा बंधन मंगलवार, 17 अगस्त को है और सावन पूर्णिमा व्रत सोमवार, 16 अगस्त को: रक्षा बंधन में पूर्णिमा सूर्योदय पर देखी जाती है, और पूर्णिमा का व्रत उस पहले दिन रखा जाता है जिस दिन मध्याह्न में, यानी दोपहर में पूर्णिमा हो। स्नान-दान मंगलवार, 17 अगस्त को है, जिस दिन सूर्योदय पर पूर्णिमा हो।

हरियाली तीज बुधवार, 4 अगस्त को है, जिस दिन इसकी तिथि, तृतीया, शुरू होती है: 2027 में यह तिथि एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाती है।

इस पेज के शब्द

हर शब्द का मतलब
  • पूर्णिमांत: उत्तर भारत का कैलेंडर, जिसमें महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है। पश्चिम और दक्षिण के अमांत कैलेंडर में महीना अमावस्या पर ख़त्म होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों महीने का नाम अलग बताते हैं।
  • शुक्ल और कृष्ण पक्ष: महीने का उजाला पखवाड़ा, जब चंद्रमा बढ़कर पूर्णिमा तक जाता है, और अँधेरा पखवाड़ा, जब घटकर अमावस्या तक।
  • संक्रांति: जिस दिन सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं; इनमें मकर संक्रांति सबसे जानी-मानी है।
  • प्रदोष: सूर्यास्त के ठीक बाद की शाम का समय।
  • निशीथ: आधी रात का समय, जब शिवरात्रि और जन्माष्टमी की पूजा होती है।
  • अपराह्न और मध्याह्न: दोपहर बाद का समय (दिन के पाँच बराबर भागों में चौथा) और दिन का बीच का समय, यानी दोपहर।
  • पारण: व्रत खोलने का समय, जैसे एकादशी का व्रत अगली सुबह खोला जाता है।
  • स्नान-दान: पूर्णिमा या अमावस्या पर पवित्र स्नान और दान।
  • क्षय: वह तिथि जो एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाए, इसलिए किसी सूर्योदय पर न दिखे; वह उसी दिन मानी जाती है जिस दिन शुरू होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

7 सवाल
अगस्त 2027 में कौन-सा हिंदू महीना है?

उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 अगस्त से 17 अगस्त तक सावन; फिर 18 अगस्त से 31 अगस्त तक भादों। विक्रम संवत 2084।

अगस्त 2027 में पूर्णिमा कब है?

नई दिल्ली में सावन पूर्णिमा व्रत सोमवार, 16 अगस्त को।

अगस्त 2027 में अमावस्या कब है?

नई दिल्ली में हरियाली अमावस्या सोमवार, 2 अगस्त को और भादों अमावस्या मंगलवार, 31 अगस्त को।

अगस्त 2027 में एकादशी कब है?

नई दिल्ली में श्रावण पुत्रदा एकादशी गुरुवार, 12 अगस्त को और अजा एकादशी शनिवार, 28 अगस्त को।

अगस्त 2027 में कौन-से हिंदू त्योहार हैं?

सावन सोमवार 2 अगस्त, 9 अगस्त और 16 अगस्त को; हरियाली तीज बुधवार, 4 अगस्त को; नाग पंचमी शुक्रवार, 6 अगस्त को; रक्षा बंधन मंगलवार, 17 अगस्त को; कजरी तीज शुक्रवार, 20 अगस्त को; कृष्ण जन्माष्टमी बुधवार, 25 अगस्त को। नई दिल्ली के लिए।

2027 में राखी बाँधने का समय क्या है?

नई दिल्ली में सुबह 5:51 से दोपहर 12:58 तक: सूर्योदय से, क्योंकि भद्रा उससे पहले ख़त्म हो जाती है, पूर्णिमा ख़त्म होने तक। भद्रा में राखी नहीं बाँधी जाती।

2027 में जन्माष्टमी की पूजा का समय क्या है?

नई दिल्ली में निशीथ (आधी रात की) पूजा 25–26 अगस्त की रात 12:01 से 12:46 तक है। व्रत का पारण 26 अगस्त, सुबह 11:42 पर रोहिणी नक्षत्र ख़त्म होने के बाद: धर्मशास्त्र के नियम से व्रत तभी खुलता है जब अष्टमी और रोहिणी दोनों ख़त्म हो जाएँ।

व्रत का दिन सबके लिए एक होता है, पर हर किसी की कुंडली अलग होती है।

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आपकी कुंडली से रिपोर्ट

9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
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