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नई दिल्ली

नामकरण का मुहूर्त अगस्त 2027
शुभ तारीख़ें और समय

नामकरण संस्कार, आम तौर पर ग्यारहवें या बारहवें दिन।

3 शुभ दिनसबसे अच्छा: शुक्रवार, 6 अगस्त

अगस्त में नामकरण का मुहूर्त

नई दिल्ली के समय से

अगस्त 2027 में नामकरण के लिए 3 शुभ दिन हैं: 6, 11 और 18 अगस्त। सबसे अच्छा दिन शुक्रवार, 6 अगस्त 2027 (94%) है। 2 और दिनों का मुहूर्त भद्रा (विष्टि करण, आधी तिथि जिसमें नया काम नहीं किया जाता) में पड़ता है, इसलिए वे गिने नहीं गए।

6अगस्त
शुक्रवार, 6 अगस्त नाग पंचमीहस्तमुहूर्तसुबह 6:38 से 11:13सबसे अच्छा समय:सुबह 9:05 से 10:46
11अगस्त
बुधवार, 11 अगस्तशुक्ल दशमी · अनुराधामुहूर्तसुबह 6:19 से 9:14सबसे अच्छा समय:सुबह 6:19 से 7:27
18अगस्त
बुधवार, 18 अगस्तकृष्ण प्रतिपदा · शतभिषामुहूर्तसुबह 5:53 से 10:25सबसे अच्छा समय:सुबह 5:53 से 7:29

यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।

अगस्त3 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि12345694%789101194%1213141516171865%19202122232425262728293031

3 शुभ दिन अगस्त 2027 में नामकरण के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।

  1. 1 अगस्तरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  2. 2 अगस्तसोमवार · सावन सोमवारबंदसूर्य ग्रहण, जो यहाँ दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखता है: ग्रहण और उसके सूतक (ग्रहण से पहले के घंटे: सूर्य ग्रहण में बारह, चंद्र ग्रहण में नौ) में, जो रात 3:53 से है, कोई मुहूर्त नहीं लिया जाता
  3. 3 अगस्तमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  4. 4 अगस्तबुधवार · हरियाली तीजमुहूर्त नहींमघा सुबह 11:36 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  5. 5 अगस्तगुरुवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा फाल्गुनी) और शुभ तिथि (शुक्ल पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
  6. 6 अगस्तशुक्रवार · नाग पंचमीशुभसुबह 9:05 से 10:46शुक्ल पंचमी · हस्त94%
  7. 7 अगस्तशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  8. 8 अगस्तरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  9. 9 अगस्तसोमवार · सावन सोमवारमुहूर्त नहींशुक्ल अष्टमी रात 10:34 तक, फिर शुक्ल नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  10. 10 अगस्तमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  11. 11 अगस्तबुधवारशुभसुबह 6:19 से 7:27शुक्ल दशमी · अनुराधा94%
  12. 12 अगस्तगुरुवारमुहूर्त नहींज्येष्ठा सुबह 11:34 तक, फिर मूल: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  13. 13 अगस्तशुक्रवारमुहूर्त नहींमूल दोपहर 2:19 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  14. 14 अगस्तशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  15. 15 अगस्तरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  16. 16 अगस्तसोमवार · सावन सोमवारमुहूर्त नहींशुक्ल चतुर्दशी सुबह 10:29 तक, फिर पूर्णिमा: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  17. 17 अगस्तमंगलवार · रक्षा बंधनयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  18. 18 अगस्तबुधवारशुभसुबह 5:53 से 7:29कृष्ण प्रतिपदा · शतभिषा65%
  19. 19 अगस्तगुरुवारमुहूर्त नहींपूर्वा भाद्रपद पूरे दिन: यह नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  20. 20 अगस्तशुक्रवार · कजरी तीजभद्रा मेंइसका मुहूर्त सुबह 7:39 से 10:19 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
  21. 21 अगस्तशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  22. 22 अगस्तरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  23. 23 अगस्तसोमवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (अश्विनी) और शुभ तिथि (कृष्ण सप्तमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  24. 24 अगस्तमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  25. 25 अगस्तबुधवार · कृष्ण जन्माष्टमीमुहूर्त नहींकृष्ण अष्टमी शाम 7:20 तक, फिर कृष्ण नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  26. 26 अगस्तगुरुवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (रोहिणी और मृगशिरा) और शुभ तिथि (कृष्ण दशमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  27. 27 अगस्तशुक्रवारभद्रा मेंइसका मुहूर्त सुबह 5:56 से 9:50 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
  28. 28 अगस्तशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  29. 29 अगस्तरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  30. 30 अगस्तसोमवारमुहूर्त नहींअश्लेषा अगले दिन रात 1:03 तक, फिर मघा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  31. 31 अगस्तमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता

मुहूर्त किस काम के लिए

और यह दिन कैसे मनाया जाता है

नामकरण वह संस्कार है जिसमें बच्चे का नाम पहली बार पुकारा जाता है। मनुस्मृति (2.30) इसे जन्म के दसवें या बारहवें दिन बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार ग्यारहवाँ या बारहवाँ दिन रखते हैं। छोटी-सी पूजा या हवन के बाद पिता या घर के बड़े बच्चे के दाएँ कान में नाम कहते हैं, और नाम का पहला अक्षर अक्सर जन्म नक्षत्र से लिया जाता है।

पंचांग में अगस्त 2027

नामकरण के लिए इसके 31 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ3 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता14 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं11 दिन
मुहूर्त भद्रा में2 दिन
ग्रहण1 दिन

त्योहार के दिन, इस काम के लिए:

  • सोमवार, 2 अगस्त, सावन सोमवार: सूर्य ग्रहण, जो यहाँ दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखता है: ग्रहण और उसके सूतक में, जो रात 3:53 से है, कोई मुहूर्त नहीं लिया जाता
  • बुधवार, 4 अगस्त, हरियाली तीज: मघा सुबह 11:36 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  • शुक्रवार, 6 अगस्त, नाग पंचमी: नामकरण के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 9:05 से 10:46
  • सोमवार, 9 अगस्त, सावन सोमवार: शुक्ल अष्टमी रात 10:34 तक, फिर शुक्ल नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  • सोमवार, 16 अगस्त, सावन सोमवार: शुक्ल चतुर्दशी सुबह 10:29 तक, फिर पूर्णिमा: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  • मंगलवार, 17 अगस्त, रक्षा बंधन: मंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  • शुक्रवार, 20 अगस्त, कजरी तीज: इसका मुहूर्त सुबह 7:39 से 10:19 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
  • बुधवार, 25 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी: कृष्ण अष्टमी शाम 7:20 तक, फिर कृष्ण नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती

एक दिन की जाँच

शुक्रवार, 6 अगस्त 2027, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर
जाँचयह दिननियम
वारशुक्रवार सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार में से एक
नक्षत्रहस्त उन 16 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है
तिथिशुक्ल पंचमी अनुमत तिथि
सबसे अच्छा समयसुबह 9:05 से 10:46 राहु काल (सुबह 10:46 से दोपहर 12:26) से बाहर
लग्न और भावकन्या लग्न लग्न मकर, मेष, कर्क या तुला न हो

यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नामकरण के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।

मुहूर्त के नियम

बच्चे का नाम रखना
नक्षत्र
  • अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • ये शास्त्रीय वर्गीकरण के ध्रुव (स्थिर), चर, मृदु और क्षिप्र नक्षत्र हैं: उग्र, तीक्ष्ण और मिश्र नक्षत्रों को छोड़कर सब, जिन्हें मुहूर्त ग्रंथ संस्कार से दूर रखते हैं
तिथियाँ
  • शुक्ल: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
वार
  • सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।

मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती) और चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल षष्ठी और अष्टमी, और कृष्ण षष्ठी और अष्टमी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।

नामकरण के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
अगस्त 2027 में नामकरण के कितने शुभ दिन हैं?

3 दिन: शुक्रवार, 6 अगस्त 2027, बुधवार, 11 अगस्त 2027 और बुधवार, 18 अगस्त 2027, नई दिल्ली के लिए।

क्या कृष्ण जन्माष्टमी (25 अगस्त 2027) नामकरण के लिए शुभ है?

पंचांग के हिसाब से नहीं: कृष्ण अष्टमी शाम 7:20 तक, फिर कृष्ण नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती।

अगस्त 2027 में नामकरण के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

शुक्रवार, 6 अगस्त 2027 (94%): शुक्ल पंचमी और हस्त नक्षत्र, सबसे अच्छा समय सुबह 9:05 से 10:46।

अगस्त 2027 के बाक़ी 28 दिन नामकरण के लिए किस वजह से बंद रहे?

इसके 31 दिनों में से 14 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता, 11 दिनों में ठीक नक्षत्र और तिथि एक साथ नहीं आते, 2 दिनों का मुहूर्त भद्रा में है और 1 दिन ग्रहण का है।

अगस्त 2027 के आसपास किस महीने में नामकरण के ज़्यादा दिन हैं?

जुलाई 2027 में, 8 दिन; जून 2027 में 5, सितंबर 2027 में 4 और अक्टूबर 2027 में 5।

ये शुभ दिन हैं। ज़रूरी नहीं कि आपके लिए भी शुभ हों।

पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और नामकरण के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।

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