2027 में कुंभ राशि के लिए प्रेम और विवाह, दौर-दर-दौर: कुंभ से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 68। रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय: 26 जून से 19 अक्टूबर तक। प्रेम और विवाह के लिए सबसे मज़बूत महीने: जुलाई, सितंबर और अक्टूबर; सबसे कमज़ोर: फ़रवरी।
प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।
सातवें भाव में गुरु का होना शास्त्रों में शादी का सबसे जाना-माना समय है: अच्छे रिश्ते आते हैं, बातचीत आसानी से आगे बढ़ती है और परिवार जल्दी मान जाते हैं। अगर रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो यही समय परिवारों से मिलने, रिश्ता पक्का करने और तारीख़ तय करने का है। लंबे समय से साथ चल रहे जोड़े अपने रिश्ते को नाम दे सकते हैं। शादीशुदा लोगों को एक-दूसरे से ज़्यादा साथ और सम्मान मिलता है, और खटास वाले रिश्ते को सुधरने का सच्चा मौक़ा मिलता है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है। पर आपके दूसरे भाव में शनि के कारण 24 जनवरी तक का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है। पर आपके दूसरे भाव में शनि के कारण 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: रिश्ते के सबसे बड़े फ़ैसले किसी साफ़ दौर तक रुकने दें।
छठे भाव में गुरु प्रेम में खटपट लाते हैं: छोटी बहसें बड़ी हो जाती हैं, काम का दबाव समय कम छोड़ता है, और किसी एक की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है। रिश्ते की बात माँगों, परिवारों के मतभेद या किसी तीसरे की दख़ल से अटक सकती है, इसलिए बातें सीधी और साफ़ रखें। शादीशुदा जोड़े मतभेद रिश्तेदारों के ज़रिए नहीं, आपस में शांति से सुलझाएँ। इस समय एक-दूसरे की देखभाल और धैर्य ही रिश्ते को मज़बूत रखते हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।
आठवें भाव में गुरु रिश्तों में छिपा तनाव लाते हैं: कोई राज़ खुलता है, ससुराल की दख़ल बढ़ती है, या तय माना हुआ रिश्ता अचानक बदल जाता है। अगर अभी कोई रिश्ता आए, तो हाँ कहने से पहले शांति से परिवार और पृष्ठभूमि की जाँच कर लें। शादीशुदा जोड़ों के सामने साझा पैसे का कोई मामला या सेहत की चिंता आ सकती है जो उनकी परीक्षा ले — एक-दूसरे पर दोष डालने के बजाय मिलकर सामना करें। ग़ुस्से या जल्दबाज़ी में शादी या अलगाव का फ़ैसला न लें।
दूसरे भाव में शनि, साढ़े साती का आख़िरी चरण, परिवार के मेल की परीक्षा लेते हैं: घर में कड़वी बातें, पैसे की चिंता, और रिश्ते पर देर से राज़ी होने वाले बड़े। रिश्ते की बात चलती रहती है, पर फ़ैसलों में देर लगती है और परिवार की शर्तें सख़्त हो सकती हैं। शादीशुदा जोड़े परिवार के पैसे के मामले साफ़ रखें और एक-दूसरे के रिश्तेदारों पर तीखी टिप्पणी से बचें। सबसे भारी दौर बीत चुका है — अभी का धैर्य आगे का रास्ता साफ़ करता है।
तीसरे भाव में शनि प्रेम के लिए ज़रूरी हिम्मत और धैर्य देते हैं: आप अपनी बात कहते हैं, उसे निभाते हैं और दूसरों की पहल का इंतज़ार छोड़ देते हैं। जो अविवाहित सच्चे मन से कोशिश करते हैं — परिवारों से मिलना, संपर्क बनाए रखना — उन्हें नतीजे मिलते हैं, भले रफ़्तार अचानक न होकर धीमी और स्थिर हो। शादीशुदा जोड़े समस्याओं को व्यावहारिक ढंग से सुलझाते हैं और एक-दूसरे के लिए ज़्यादा भरोसेमंद बनते हैं। जो पहला क़दम टाल रहे थे, वह अब उठाएँ। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है: प्रेम में हल्कापन कम और गंभीरता ज़्यादा रहती है, इसलिए साथ में सहज ख़ुशी के पल निकालें।
बारहवें भाव में राहु दूर रहने वाले किसी व्यक्ति या छिपे रिश्ते की ओर आकर्षण लाते हैं; छिपाव फ़ायदे से ज़्यादा नुक़सान करता है, इसलिए खुलापन रखें।
26 जून से 19 अक्टूबर तक: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 26 जून से 13 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें
मंगल वक्री: ग़ुस्सा जल्दी भड़कता है; बात कड़वी होने से पहले बहस से हट जाएँ
बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें
शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ
2027 में कुंभ राशि के लिए प्रेम और विवाह के मामले में सबसे अच्छा महीना सितंबर (84) है और सबसे कमज़ोर फ़रवरी (51)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | शादी के दिन |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 70 | रिश्ते का मौसम; गुरु और मंगल वक्री | 6 |
| फ़रवरी | 51 | छोटी तकरार, नरमी रखें; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके बारहवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके सातवें भाव में | 12 |
| मार्च | 53 | छोटी तकरार, नरमी रखें; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 7 |
| अप्रैल | 54 | छोटी तकरार, नरमी रखें; गुरु और मंगल वक्री | 7 |
| मई | 56 | छोटी तकरार, नरमी रखें | 16 |
| जून | 70 | छोटी तकरार, नरमी रखें; बुध वक्री | 12 |
| जुलाई | 82 | रिश्ते का मौसम; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके बारहवें भाव में | 4 |
| अगस्त | 81 | रिश्ते का मौसम; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके छठे भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके बारहवें भाव में | — |
| सितंबर | 84 | रिश्ते का मौसम; शनि वक्री | — |
| अक्टूबर | 83 | रिश्ते का मौसम; शनि और बुध वक्री | — |
| नवंबर | 71 | रिश्ते का मौसम; शनि वक्री | 8 |
| दिसंबर | 55 | छिपा तनाव, सँभलकर; शनि वक्री | 6 |
शुक्र, जो प्रेम, विवाह और सुख के ग्रह हैं, लगभग हर महीने नई राशि में जाते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से छठे, सातवें और दसवें को छोड़ हर भाव में अच्छे माने जाते हैं। 2027 में कुंभ राशि के लिए इनके 15 में से 11 दौर अच्छे हैं; भारी दौर 28 जनवरी तक, 23 जुलाई से 8 सितंबर तक और 27 अक्टूबर से 20 नवंबर तक हैं।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | प्रेम और विवाह के लिए |
|---|---|---|---|
| 28 जनवरी तक | वृश्चिक | दसवाँ | भारी |
| 29 जनवरी से 23 फ़रवरी तक | धनु | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 24 फ़रवरी से 20 मार्च तक | मकर | बारहवाँ | अच्छा |
| 21 मार्च से 14 अप्रैल तक | कुंभ | पहला | अच्छा |
| 15 अप्रैल से 9 मई तक | मीन | दूसरा | अच्छा |
| 10 मई से 3 जून तक | मेष | तीसरा | अच्छा |
| 4 जून से 27 जून तक | वृषभ | चौथा | अच्छा |
| 28 जून से 22 जुलाई तक | मिथुन | पाँचवाँ | अच्छा |
| 23 जुलाई से 15 अगस्त तक | कर्क | छठा | भारी |
| 16 अगस्त से 8 सितंबर तक | सिंह | सातवाँ | भारी |
| 9 सितंबर से 2 अक्टूबर तक | कन्या | आठवाँ | अच्छा |
| 3 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक | तुला | नौवाँ | अच्छा |
| 27 अक्टूबर से 20 नवंबर तक | वृश्चिक | दसवाँ | भारी |
| 21 नवंबर से 14 दिसंबर तक | धनु | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 15 दिसंबर से | मकर | बारहवाँ | अच्छा |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
कुंभ से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
आप स्वयं: आप कैसे दिखते हैं और क्या चाहते हैं। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे।
परिवार, बसने वाला घर और आपस की बोलचाल। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके दूसरे भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
प्रेम, प्रेम-संबंध और संतान। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके पाँचवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
विवाह और जीवनसाथी। इसके स्वामी सूर्य हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके सातवें भाव में रहेंगे।
ससुराल और विवाह की लंबी उम्र। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके आठवें भाव में रहेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ कन्या, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
शादी के मुहूर्त
2027 में शादी के 92 मुहूर्तों में से 14 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 4 दिन प्रेम और विवाह के आपके सबसे अच्छे दौर (26 जून से 19 अक्टूबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं:
सूर्य आपके सातवें भाव (सिंह) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: विवाह और जीवनसाथी। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल प्रेम और विवाह के लिए सूर्य का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो रविवार को ॐ सूर्याय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन गेहूँ और गुड़ का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। सूर्य के सभी उपाय →
100 में से 68, अच्छा। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से समय धीमा रहता है।
प्रेम और विवाह के लिए सबसे ज़्यादा अंक जुलाई (82), सितंबर (84) और अक्टूबर (83) के हैं, और सबसे कम फ़रवरी के (51)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
2027 में रिश्ता या शादी की बात आगे बढ़ाने का समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें। शादी के मुहूर्त इसके भीतर सिर्फ़ 26 जून से 13 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

