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कुंभ राशि · वार्षिक राशिफल

कुंभ राशिफल 2027
पूरा साल

कुंभ ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि है। इस पेज पर कुंभ राशि का 2027 का हाल है, कुंभ से गिने भावों में ग्रहों की चाल के हिसाब से।

कुंभ2027वैदिक ज्योतिषचंद्र राशि से
आप कुंभ पढ़ रहे हैं · बदलने के लिए दूसरी राशि चुनेंकृष्ण पक्ष, घटता चंद्रमा · चंद्रमा 93% रोशन
शनिकुंभ राशि पर साढ़े साती चल रही है, अभी तीसरा चरण है: शनि आपकी चंद्र राशि से दूसरे भाव में, ढाई-ढाई साल के तीन चरणों में से आख़िरी।यही आख़िरी चरण है, जो 23 फ़रवरी 2028 को ख़त्म होगा। बीच में 3 जून 2027 से 19 अक्टूबर 2027 तक विराम रहेगा, जब शनि मेष में होंगे। सारी तारीख़ें और उपाय देखें →
2027 · कुंभ · स्वामी शनि
अच्छा

2027 में सबसे अच्छे महीने जुलाई, सितंबर और अक्टूबर हैं और सबसे धीमे फ़रवरी, मार्च और दिसंबर — साथ में 2 जून तक और 20 अक्टूबर से साढ़े साती का आख़िरी चरण।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

गुरु आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी का भाव) में हैं। शादी, रिश्ता तय होने और अच्छे व्यापारिक साझेदार मिलने का यह ख़ास समय है।

25 जनवरी से 25 जून तक

गुरु आपके छठे भाव (काम, सेहत और विरोधियों का भाव) में आते हैं। काम का बोझ बढ़ता है, सेहत को नियम चाहिए, और अभी लिया गया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है। पर इस दौर में गुरु कर्क राशि में उच्च के हैं, जिससे छठे भाव की मुश्किलें हल्की पड़ती हैं: वे आती हैं, पर कम, और ज़रूरत पर मदद मिलती है।

26 नवंबर से

गुरु आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव का भाव) में आते हैं। योजनाएँ बिना बताए बदल सकती हैं, इसलिए बचत अलग रखें और सेहत व पैसे के फ़ैसले सोच-समझकर लें।

2 जून तक, और फिर 20 अक्टूबर सेशनि आपके दूसरे भाव में: साढ़े साती का आख़िरी चरण — दबाव धन और परिवार पर आता है, और धीरे-धीरे हल्का होता है।

3 जून से 19 अक्टूबर तकशनि आपके तीसरे भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — हिम्मत और लगातार मेहनत का फल मिलता है।

करियर64प्रेम68स्वास्थ्य67धन64घर-परिवार62
कुल मिलाकर66
01

2027 में करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू का सार और सबसे अच्छा समय; पूरा फल उसके अपने पेज पर
करियर64

काम के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 3 जून से 19 अक्टूबर तक है; 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।

सबसे अच्छा समय

3 जून से 19 अक्टूबर तक: वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। बस 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

2027 में करियर का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

प्रेम68

प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

26 जून से 19 अक्टूबर तक: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 26 जून से 13 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

2027 में प्रेम और विवाह का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

स्वास्थ्य67

सेहत के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक है; 3 जून से 25 जून तक मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए सेहत के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

26 जून से 25 नवंबर तक: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें। 24 जनवरी तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है।

2027 में सेहत का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

धन64

धन के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

26 जून से 19 अक्टूबर तक: एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 26 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें। बुध का वक्री दौर 10 जून से 5 जुलाई तक है; ऊपर उसके वही दिन हैं जो इस समय में पड़ते हैं।

2027 में पैसा का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

घर-परिवार62

घर-परिवार के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

सातवें भाव में गुरु घर में मेल-जोल लाते हैं: जीवनसाथी का साथ मज़बूत रहता है, ससुराल से रिश्ते सुधरते हैं, और बड़े परिवार में किसी की शादी की संभावना है। भाई-बहन भी क़रीब आते हैं। पारिवारिक कार्यक्रम रखने, साथ मिलकर रिश्तेदारों से मिलने और संयुक्त परिवार के मामले आपसी सहमति से सुलझाने का अच्छा समय है। पर आपके दूसरे भाव में शनि के कारण 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक का समय घर-परिवार के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: परिवार की बड़ी योजनाएँ छोटी और बिना जल्दबाज़ी के रखें।

25 जनवरी से 25 जून तक

छठे भाव में गुरु पारिवारिक जीवन में खटपट लाते हैं: किसी रिश्तेदार से विवाद, परिवार के भीतर पैसे का दावा, या किसी बड़े की सेहत जिसके लिए आपको समय देना पड़े। ननिहाल के लोग इसमें शामिल हो सकते हैं — मदद के लिए भी और मतभेद के लिए भी। पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए क़र्ज़ न लें, बड़ों की नियमित जाँच करवाते रहें, और विवाद अदालत के बजाय बातचीत से सुलझाएँ। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है।

26 नवंबर से

आठवें भाव में गुरु का होना घर-परिवार के लिए परीक्षा का समय है: अचानक ख़र्च, किसी बड़े की सेहत, या ससुराल या विरासत से जुड़ा कोई मामला आपका समय ले सकता है। पुश्तैनी प्रॉपर्टी के पुराने विवाद फिर उठ सकते हैं। आपात स्थिति के लिए पैसा अलग रखें, बीमा और प्रॉपर्टी के काग़ज़ ठीक कर लें, और रिश्तेदारों को उधार देने से बचें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके चौथे भाव पर भी है, इसलिए घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

2 जून तक

दूसरे भाव में शनि, साढ़े साती का आख़िरी चरण, परिवार में बोलचाल और पैसे पर असर डालते हैं: एक कड़वी बात रिश्ते को लंबे समय तक चुभती है, और घर का हाथ तंग रहता है। संयुक्त परिवार में पैसे या विरासत को लेकर मतभेद उठ सकते हैं। ख़ासकर पारिवारिक मेल-जोल में नरमी से बोलें, घर का हिसाब साफ़ रखें और रिश्तेदारों को उधार देने से बचें — साढ़े साती का सबसे भारी हिस्सा बीत चुका है। शनि की दृष्टि आपके चौथे भाव पर भी है: घर और प्रॉपर्टी के काम धीरे चलते हैं, और माँ को ज़्यादा देखभाल चाहिए।

3 जून से 19 अक्टूबर तक

तीसरा भाव शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक है: पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ निभाने की ताक़त मिलती है, और कोई भाई या बहन आपके साथ खड़ा रहता है। भाई-बहनों या चचेरे-ममेरे रिश्तों को सुधारने की कोशिश का फल मिलता है। पारिवारिक योजनाओं में आगे बढ़कर पहल करें — कार्यक्रम का इंतज़ाम, रिश्तेदारों के साथ यात्रा या कोई साझा फ़ैसला — सब अच्छा रहता है। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके पाँचवें और नौवें भाव पर भी है: बच्चों को दबाव नहीं, धैर्य और लगातार सहारा चाहिए; पिता या बड़े दूर-दूर से लग सकते हैं, इसलिए उनसे मिलते रहें और उनकी ज़िम्मेदारियों में हाथ बँटाएँ।

पूरे साल

बारहवें भाव में राहु घर का ख़र्च बढ़ाते हैं और परिवार के किसी सदस्य को विदेश या दूर ले जा सकते हैं; बजट बनाकर चलें और संपर्क बनाए रखें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

26 जून से 19 अक्टूबर तक: गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 26 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें। इस दौर में गृह प्रवेश के मुहूर्त सिर्फ़ 26 जून से 4 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय गृह प्रवेश के लिए वर्जित हिंदू महीनों के कारण बंद है, इसलिए गृह प्रवेश की तारीख़ इन्हीं में रखें। गृह प्रवेश मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

सावधानी
  • 13 अप्रैल तक

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

  • 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक

    मंगल वक्री: घर में ग़ुस्सा जल्दी आता है और प्रॉपर्टी के झगड़े भड़कते हैं; भाई-बहनों से बहस से बचें और निर्माण का काम शुरू न करें

  • 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक; 10 जून से 5 जुलाई तक; 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

02

2027 के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
67जन॰
सबसे कमज़ोर51फ़र॰
54मार्च
55अप्रैल
57मई
68जून
79जुल॰
77अग॰
सबसे अच्छा81सित॰
79अक्टू॰
68नव॰
54दिस॰
  • जन॰ · 67

    गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह; गुरु और मंगल वक्री

  • फ़र॰ · 51

    गुरु छठे भाव में — भारी जगह, पर उच्च के होने से हल्की; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री; सूर्य ग्रहण 6 फ़रवरी; चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी

  • मार्च · 54

    गुरु छठे भाव में — भारी जगह, पर उच्च के होने से हल्की; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री

  • अप्रैल · 55

    गुरु छठे भाव में — भारी जगह, पर उच्च के होने से हल्की; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह; गुरु और मंगल वक्री

  • मई · 57

    गुरु छठे भाव में — भारी जगह, पर उच्च के होने से हल्की; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह

  • जून · 68

    गुरु छठे भाव में — भारी जगह, पर उच्च के होने से हल्की; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; बुध वक्री

  • जुल॰ · 79

    गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; बुध वक्री; चंद्र ग्रहण 18 जुलाई

  • अग॰ · 77

    गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; शनि वक्री; सूर्य ग्रहण 2 अगस्त; चंद्र ग्रहण 17 अगस्त

  • सित॰ · 81

    गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; शनि वक्री

  • अक्टू॰ · 79

    गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; शनि और बुध वक्री

  • नव॰ · 68

    गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह; शनि वक्री

  • दिस॰ · 54

    गुरु आठवें भाव में — भारी जगह; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह; शनि वक्री

03

2027 की अहम तारीख़ें

गुरु और शनि का राशि बदलना, वक्री (उल्टी चाल वाले) ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 13 अप्रैल तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में, और 25 जनवरी से छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 10 जन॰वक्री

    मंगल वक्री 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में, और 10 मार्च से छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: ग़ुस्सा जल्दी आता है; हो सके तो प्रॉपर्टी सौदे और पहले से तय ऑपरेशन टालें।

  3. 25 जन॰गोचर

    गुरु आपके छठे भाव में: रोज़ के काम, सेहत और क़र्ज़ पर ध्यान चाहिए, और विरोधी सक्रिय रहते हैं। कर्क गुरु की उच्च राशि है, जिससे इस भाव की मुश्किलें हल्की पड़ती हैं।

  4. 6 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 6 फ़रवरी: आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में।

  5. 9 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में, और 24 फ़रवरी से बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  6. 21 फ़र॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 21 फ़रवरी: आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में। उपच्छाया ग्रहण।

  7. 3 जूनगोचर

    शनि आपके तीसरे भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — हिम्मत और लगातार मेहनत का फल मिलता है। मेष शनि की नीच राशि है, इसलिए यह अच्छा भाव कम और देर से फल देता है।

  8. 10 जूनवक्री

    बुध फिर वक्री 10 जून से 5 जुलाई तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में; वही सावधानी रखें।

  9. 26 जूनगोचर

    गुरु आपके सातवें भाव में: विवाह और साझेदारी के लिए शुभ — शादी और नए व्यापारिक साझेदारों का ख़ास समय।

  10. 18 जुल॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 18 जुलाई: आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में। उपच्छाया ग्रहण।

  11. 2 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त: आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में। नई दिल्ली से दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखेगा; सूतक रात 3:53 से।

  12. 9 अग॰वक्री

    शनि वक्री 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में, और 20 अक्टूबर से दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  13. 17 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 17 अगस्त: आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में।

  14. 7 अक्टू॰वक्री

    बुध फिर वक्री 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में, और 21 अक्टूबर से आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में; वही सावधानी रखें।

  15. 20 अक्टू॰गोचर

    शनि आपके दूसरे भाव में: साढ़े साती का आख़िरी चरण — दबाव धन और परिवार पर आता है, और धीरे-धीरे हल्का होता है।

  16. 26 नव॰गोचर

    गुरु आपके आठवें भाव में: छिपे बदलाव, शोध और विरासत के मामले; सेहत और पैसे में सावधानी चाहिए।

जिन ग्रहणों के आगे "भारत से दिखेगा" या "उपच्छाया" नहीं लिखा, वे भारत से नहीं दिखेंगे, इसलिए उनका सूतक नहीं माना जाता।

उपच्छाया ग्रहण में चंद्रमा बस हल्का धुँधला होता है, इसलिए दिखने पर भी सूतक नहीं माना जाता।

शादी और गृह प्रवेश के मुहूर्त, 2027

2027 में शादी के मुहूर्त 15 जनवरी से 14 मार्च तक, 15 अप्रैल से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं, और गृह प्रवेश के 7 फ़रवरी से 14 मार्च तक, 7 मई से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 14 जनवरी तक, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक और 16 दिसंबर से है, और चातुर्मास (विष्णु जी के विश्राम के चार महीने) 14 जुलाई से 9 नवंबर तक; इनमें शादी नहीं होती, और गृह प्रवेश के लिए पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार इनके बाद ही गृह प्रवेश करते हैं। (नई दिल्ली के अनुसार; हर दिन की तारीख़ें मुहूर्त पेज पर हैं।)

विवाह मुहूर्त 2027 · गृह प्रवेश मुहूर्त 2027

04

कुंभ राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

जिनके चंद्रमा कुंभ में हों, वे विचारशील, स्वतंत्र और मानवता की परवाह करने वाले होते हैं। ऐसे लोग अलग ढंग से सोचते हैं, समाज और दोस्तों की परवाह करते हैं और व्यावहारिक मदद करना पसंद करते हैं। ये कभी उदासीन लग सकते हैं और अपनी राय पर अड़ जाते हैं। कुंभ शनि की राशि है, इसलिए ये विज्ञान, तकनीक, समाज सेवा और बड़ी संस्थाओं में अच्छा करते हैं।

प्रतीकघड़ा लिए व्यक्ति
तत्ववायु
प्रकारस्थिर
स्वामीशनि
नक्षत्रधनिष्ठा (तीसरा-चौथा चरण), शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद (पहला से तीसरा चरण) (चरण यानी नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा; इस राशि में उतने ही चरण आते हैं जितने लिखे हैं)
शुभ दिनशनिवार
स्वभाव की बातें
विचारशीलस्वतंत्रमानवतावादीअलग सोच वालाप्रगतिशील
ख़ूबियाँ
समाज की फ़िक्र करने वालानिष्पक्षतार्किकदोस्तों का सच्चा
इन पर ध्यान दें
उदासीनअपनी राय पर अड़ने वालाकभी-कभी विद्रोहीमन की थाह न देने वाला
करियर
विज्ञानतकनीकसमाज सेवाइंजीनियरिंगसार्वजनिक क्षेत्र
05

2027 के उपाय

2027 और आपकी राशि के लिए
मंत्रॐ शं शनैश्चराय नमः — रोज़ 108 बार, आपकी राशि के स्वामी शनि के लिए। इससे मन स्थिर रहता है; दिन का कोई भी शांत समय ठीक है।
शनि के उपायऊपर वाला मंत्र शनिवार शाम भी 108 बार जपें; शनिवार को काले तिल और लोहे का दान करें, या किसी बुज़ुर्ग या मेहनतकश की मदद करें। साढ़े साती के सारे उपाय →
सुझाव2027 में प्रेम और विवाह आपके सबसे मज़बूत पक्ष है (68) और घर-परिवार पर सबसे ज़्यादा ध्यान चाहिए (62)। कुल मिलाकर साल के सबसे अच्छे महीने जुलाई, सितंबर और अक्टूबर हैं; हर पक्ष का अपना सबसे अच्छा समय उसके खाने में दिया है।
पूरा विवरणसाल भर रोज़ सुबह या शाम किसी शांत समय शनि का मंत्र «ॐ शं शनैश्चराय नमः» 108 बार जपें; शनिवार को यह ख़ास तौर पर करें। साल के कुछ हिस्से में शनि आपकी चंद्र राशि से दूसरे भाव में हैं, इसलिए शनिवार को काले तिल और लोहे का दान करें, या किसी बुज़ुर्ग या मेहनतकश की मदद करें — शनि आपकी राशि के स्वामी भी हैं, इसलिए ऊपर का मंत्र ही काफ़ी है। 25 जनवरी से 25 जून तक गुरु आपके छठे भाव में और 26 नवंबर से आठवें भाव में हैं: इन महीनों में गुरुवार को «ॐ गुरवे नमः» का 108 बार जाप करें और चने की दाल और हल्दी का दान करें।
कुंभ का आज का राशिफल पढ़ें →

इस पेज के शब्द

आसान भाषा में
भाव
जीवन के बारह हिस्से जिनसे कुंडली पढ़ी जाती है, यहाँ आपकी चंद्र राशि से गिने गए: पहला भाव आप ख़ुद, दूसरा परिवार और बचत, सातवाँ विवाह, दसवाँ काम, बारहवाँ ख़र्च।
वक्री
जब कोई ग्रह धरती से देखने पर कुछ हफ़्तों तक उल्टी चाल चलते दिखते हैं। उनसे जुड़े काम धीमे पड़ते हैं और पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
दृष्टि
ग्रह जिस भाव में बैठे हों, वहाँ से जिन भावों को "देखते" हैं और उन पर असर डालते हैं: हर ग्रह अपने से सातवें भाव को; गुरु पाँचवें और नौवें को भी, शनि तीसरे और दसवें को, मंगल चौथे और आठवें को।
साढ़े साती
चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव पर शनि के साढ़े सात साल, लगभग ढाई-ढाई साल के तीन चरणों में।
चरण (नक्षत्र का)
नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा, आकाश के 3°20′। जो नक्षत्र दो राशियों में बँटा हो, उसके कुछ चरण एक राशि में और बाक़ी दूसरी में आते हैं।
चातुर्मास और खरमास
दो दौर जिनमें शादी और दूसरे नए शुभ काम नहीं रखे जाते। चातुर्मास भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने हैं, आषाढ़ की देवशयनी एकादशी से कार्तिक की देव उठनी एकादशी तक। खरमास वह महीना है जब सूर्य धनु में, और फिर मीन में होते हैं — लगभग मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी और मध्य मार्च से मध्य अप्रैल।
ग्रहण और सूतक
ग्रहण यानी सूर्य या चंद्रमा पर छाया पड़ना। भारत से दिखने वाले ग्रहण से पहले का समय सूतक कहलाता है — सूर्य ग्रहण में लगभग बारह घंटे, चंद्र ग्रहण में नौ — जिसमें पूजा, खाना बनाना और नए काम रोके जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

4 सवाल
2027 कुंभ राशि के लिए कैसा रहेगा?

अच्छा, 100 में से 66। चारों पहलू आसपास हैं, 64 से 68 के बीच।

2027 में कुंभ राशि के लिए सबसे अच्छा महीना कौन-सा है?

सबसे अच्छे: सितंबर (81), जुलाई और अक्टूबर (79)। सबसे धीमे: फ़रवरी (51), मार्च और दिसंबर (54)।

क्या 2027 में कुंभ राशि पर साढ़े साती है?

हाँ। 2 जून तक और 20 अक्टूबर से साढ़े साती का आख़िरी चरण। 3 जून से 19 अक्टूबर तक शनि मेष राशि में चले जाते हैं, जो इन तीन भावों से बाहर है, इसलिए साढ़े साती रुकी रहती है। यह साढ़े साती 24 जनवरी 2020 को शुरू हुई और 23 फ़रवरी 2028 को ख़त्म होगी।

2027 में कुंभ राशि के शुभ अंक और रंग क्या हैं?

अंक 4, 8; रंग चटक नीला और काला।

राशिफल सौ करोड़ लोगों को बारह हिस्सों में बाँटता है।

आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।

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