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मिथुन राशि · 2027

मिथुन राशि 2027: प्रेम और विवाह
100 में से 69

2027 में मिथुन राशि के लिए प्रेम और विवाह, दौर-दर-दौर: मिथुन से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।

मिथुन2027प्रेम और विवाहचंद्र राशि से
आप मिथुन पढ़ रहे हैं · बदलने के लिए दूसरी राशि चुनेंकृष्ण पक्ष, घटता चंद्रमा · चंद्रमा 93% रोशन
2027 में प्रेम और विवाह का हाल, संक्षेप में

100 में से 69। रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय: 3 जून से 19 अक्टूबर तक। प्रेम और विवाह के लिए सबसे मज़बूत महीने: जून, सितंबर और अक्टूबर; सबसे कमज़ोर: दिसंबर।

प्रेम69

प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 3 जून से 19 अक्टूबर तक है; 2 जून तक और 20 अक्टूबर से मिला-जुला।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

तीसरे भाव में गुरु प्रेम को व्यस्त पर हल्का रखते हैं: संदेश, फ़ोन, छोटी यात्राएँ और नए लोग ख़ूब, पर पक्की बात धीरे आगे बढ़ती है। अविवाहित लोग भाई-बहनों, पड़ोसियों, किसी कोर्स या सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों से मिलते हैं — इसका आनंद लें, पर गंभीर मानने से पहले समय लें। रिश्ते की बात आसानी से शुरू होती है पर छोटी-छोटी बातों पर अटकती है, इसलिए नरमी से बात आगे बढ़ाते रहें। शादीशुदा लोगों के लिए रोज़ की दिनचर्या से दूर साथ में छोटी यात्राएँ अच्छी रहती हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके सातवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है; दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।

25 जनवरी से 25 जून तक

दूसरे भाव में गुरु का होना परिवार के ज़रिए शादी के लिए मज़बूत समय है: बड़े पहल करते हैं, रिश्तेदारों के ज़रिए रिश्ता आता है और घर में नया सदस्य जुड़ता है। अगर आप रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो परिवार को साफ़ बताएँ कि आप क्या चाहते हैं और उनके लाए रिश्तों से मिलें। शादीशुदा लोगों के घर में अपनापन बढ़ता है और जीवनसाथी के परिवार से समझ बेहतर होती है। परिवार के मेल-जोल में मीठा बोलें — इस समय आपकी बात का वज़न है। पर आपके दसवें भाव में शनि के कारण 25 जनवरी से 2 जून तक का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 3 जून से 19 अक्टूबर तक है।

26 नवंबर से

चौथे भाव में गुरु ध्यान घर की ओर ले जाते हैं — नया घर, परिवार की ज़िम्मेदारियाँ या माता-पिता की ज़रूरतें — इसलिए प्रेम कुछ समय पीछे लग सकता है। शादीशुदा जोड़े मिलकर घर बसा या सँवार सकते हैं, और यह साझा काम उन्हें क़रीब लाता है। अविवाहितों के लिए परिवार की मंज़ूरी सामान्य से ज़्यादा मायने रखती है; रिश्ता तभी आगे बढ़ता है जब माता-पिता संतुष्ट हों। घर के कामों में जीवनसाथी के साथ अकेले बिताने का समय न खोएँ।

2 जून तक

दसवें भाव में शनि काम और ज़िम्मेदारी को इस दौर की मुख्य माँग बनाते हैं, और प्रेम को उसी के बीच जगह बनानी पड़ती है। अविवाहित लोग करियर की वजह से शादी टाल सकते हैं, या काम के ज़रिए किसी गंभीर और समझदार साथी से मिल सकते हैं। शादीशुदा जोड़ों का रिश्ता थका हुआ और सिर्फ़ काम-काजी बन सकता है, जिसमें अपनापन कम हो। एक-दूसरे के लिए नियमित समय निकालें, और दोनों के करियर की योजना पर खुलकर बात करें। शनि की दृष्टि आपके सातवें भाव पर भी है: विवाह के मामले धीरे चलते हैं और धैर्य माँगते हैं, पर अभी बना रिश्ता टिकता है।

3 जून से 19 अक्टूबर तक

ग्यारहवें भाव में शनि प्रेम में धीमे पर टिकाऊ नतीजे देते हैं: लंबा इंतज़ार ख़त्म होता है, और दोस्तों, साथ काम करने वालों या किसी बड़े की जान-पहचान से रिश्ता पक्का होता है। अविवाहित लोग जल्दबाज़ी वाले प्रेम से ज़्यादा व्यावहारिक और समझदारी भरा चुनाव पसंद करते हैं, और वह चुनाव टिकता है। शादीशुदा जोड़ों को दोस्तों और परिवार का साथ मिलता है, और लंबे समय से अटकी साझा योजनाएँ पूरी होती हैं। समय की कसौटी पर खरे उतरे रिश्ते को नाम देने का अच्छा समय। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है: प्रेम में हल्कापन कम और गंभीरता ज़्यादा रहती है, इसलिए साथ में सहज ख़ुशी के पल निकालें।

पूरे साल

आठवें भाव में राहु राज़, जलन या अचानक मोड़ ला सकते हैं; रिश्ते में पारदर्शिता रखें और बिना आधार के शक से बचें। दूसरे भाव में केतु परिवार की बातचीत में रूखापन ला सकते हैं; घर में एक प्यार भरा शब्द बहुत काम करता है।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

3 जून से 19 अक्टूबर तक: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 3 जून से 13 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

सावधानी
  • 13 अप्रैल तक

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

  • 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक

    मंगल वक्री: ग़ुस्सा जल्दी भड़कता है; बात कड़वी होने से पहले बहस से हट जाएँ

  • 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक; 10 जून से 5 जुलाई तक; 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 2 अगस्त

    सूर्य ग्रहण: आपके दूसरे भाव (धन और परिवार का भाव) में ग्रहण — इसके आसपास के हफ़्ते में सगाई, शादी या रिश्ते का कोई बड़ा फ़ैसला न करें

  • 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

2027 में मिथुन राशि: प्रेम और विवाह, महीने दर महीने

2027 में मिथुन राशि के लिए प्रेम और विवाह के मामले में सबसे अच्छा महीना जून (77) है और सबसे कमज़ोर दिसंबर (61)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।

महीनाअंककिस वजह सेशादी के दिन
जनवरी65बात ज़्यादा, जल्दी कम; गुरु और मंगल वक्री8
फ़रवरी62परिवार बढ़ता है; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके आठवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके तीसरे भाव में13
मार्च67परिवार बढ़ता है; गुरु, मंगल और बुध वक्री5
अप्रैल69परिवार बढ़ता है; गुरु और मंगल वक्री7
मई71परिवार बढ़ता है17
जून77परिवार बढ़ता है; बुध वक्री14
जुलाई71बात ज़्यादा, जल्दी कम; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके आठवें भाव में5
अगस्त69बात ज़्यादा, जल्दी कम; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके दूसरे भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके आठवें भाव में—
सितंबर74बात ज़्यादा, जल्दी कम; शनि वक्री—
अक्टूबर72बात ज़्यादा, जल्दी कम; शनि और बुध वक्री—
नवंबर65बात ज़्यादा, जल्दी कम; शनि वक्री10
दिसंबर61पहले घर, फिर प्रेम; शनि वक्री5
2027 में मिथुन राशि से शुक्र का गोचर

शुक्र, जो प्रेम, विवाह और सुख के ग्रह हैं, लगभग हर महीने नई राशि में जाते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से छठे, सातवें और दसवें को छोड़ हर भाव में अच्छे माने जाते हैं। 2027 में मिथुन राशि के लिए इनके 15 में से 10 दौर अच्छे हैं; भारी दौर 23 फ़रवरी तक, 15 अप्रैल से 9 मई तक और 27 अक्टूबर से 14 दिसंबर तक हैं।

कबराशिचंद्र राशि से भावप्रेम और विवाह के लिए
28 जनवरी तकवृश्चिकछठाभारी
29 जनवरी से 23 फ़रवरी तकधनुसातवाँभारी
24 फ़रवरी से 20 मार्च तकमकरआठवाँअच्छा
21 मार्च से 14 अप्रैल तककुंभनौवाँअच्छा
15 अप्रैल से 9 मई तकमीनदसवाँभारी
10 मई से 3 जून तकमेषग्यारहवाँअच्छा
4 जून से 27 जून तकवृषभबारहवाँअच्छा
28 जून से 22 जुलाई तकमिथुनपहलाअच्छा
23 जुलाई से 15 अगस्त तककर्कदूसराअच्छा
16 अगस्त से 8 सितंबर तकसिंहतीसराअच्छा
9 सितंबर से 2 अक्टूबर तककन्याचौथाअच्छा
3 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तकतुलापाँचवाँअच्छा
27 अक्टूबर से 20 नवंबर तकवृश्चिकछठाभारी
21 नवंबर से 14 दिसंबर तकधनुसातवाँभारी
15 दिसंबर सेमकरआठवाँअच्छा

नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।

मिथुन राशि: प्रेम और विवाह के भाव

मिथुन से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।

  • पहला भाव · मिथुन

    आप स्वयं: आप कैसे दिखते हैं और क्या चाहते हैं। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे।

  • दूसरा भाव · कर्क

    परिवार, बसने वाला घर और आपस की बोलचाल। इसके स्वामी चंद्र हैं। 2027 में केतु पूरे साल आपके दूसरे भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके दूसरे भाव में रहेंगे।

  • पाँचवाँ भाव · तुला

    प्रेम, प्रेम-संबंध और संतान। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके पाँचवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।

  • सातवाँ भाव · धनु

    विवाह और जीवनसाथी। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।

  • आठवाँ भाव · मकर

    ससुराल और विवाह की लंबी उम्र। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में राहु पूरे साल आपके आठवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।

2027 में मिथुन राशि के लिए मुहूर्त के दिन

चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ मकर, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।

शादी के मुहूर्त

2027 में शादी के 92 मुहूर्तों में से 8 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 7 दिन प्रेम और विवाह के आपके सबसे अच्छे दौर (3 जून से 19 अक्टूबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं:

मिथुन राशि: प्रेम और विवाह के लिए उपाय

गुरु आपके सातवें भाव (धनु) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: विवाह और जीवनसाथी। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल प्रेम और विवाह के लिए गुरु का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो गुरुवार को ॐ गुरवे नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन चने की दाल और हल्दी का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। गुरु के सभी उपाय →

इस पेज के शब्द

आसान भाषा में
भाव
जीवन के बारह हिस्से जिनसे कुंडली पढ़ी जाती है, यहाँ आपकी चंद्र राशि से गिने गए: पहला भाव आप ख़ुद, दूसरा परिवार और बचत, सातवाँ विवाह, दसवाँ काम, बारहवाँ ख़र्च।
वक्री
जब कोई ग्रह धरती से देखने पर कुछ हफ़्तों तक उल्टी चाल चलते दिखते हैं। उनसे जुड़े काम धीमे पड़ते हैं और पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
दृष्टि
ग्रह जिस भाव में बैठे हों, वहाँ से जिन भावों को "देखते" हैं और उन पर असर डालते हैं: हर ग्रह अपने से सातवें भाव को; गुरु पाँचवें और नौवें को भी, शनि तीसरे और दसवें को, मंगल चौथे और आठवें को।
चंद्राष्टम
हर महीने के वे लगभग दो दिन जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें भाव से गुज़रते हैं: रोज़ के काम का समय, नई शुरुआत का नहीं।
चातुर्मास और खरमास
दो दौर जिनमें शादी और दूसरे नए शुभ काम नहीं रखे जाते। चातुर्मास भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने हैं, आषाढ़ की देवशयनी एकादशी से कार्तिक की देव उठनी एकादशी तक। खरमास वह महीना है जब सूर्य धनु में, और फिर मीन में होते हैं — लगभग मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी और मध्य मार्च से मध्य अप्रैल।
ग्रहण और सूतक
ग्रहण यानी सूर्य या चंद्रमा पर छाया पड़ना। भारत से दिखने वाले ग्रहण से पहले का समय सूतक कहलाता है — सूर्य ग्रहण में लगभग बारह घंटे, चंद्र ग्रहण में नौ — जिसमें पूजा, खाना बनाना और नए काम रोके जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

4 सवाल
2027 में मिथुन राशि के लिए प्रेम और विवाह का समय कैसा रहेगा?

100 में से 69, अच्छा। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 2 जून तक और 20 अक्टूबर से समय मिला-जुला रहता है।

2027 में मिथुन राशि के प्रेम और विवाह के लिए कौन-से महीने सबसे अच्छे हैं?

प्रेम और विवाह के लिए सबसे ज़्यादा अंक जून (77), सितंबर (74) और अक्टूबर (72) के हैं, और सबसे कम दिसंबर के (61)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।

2027 में मिथुन राशि वाले रिश्ते या शादी की बात कब आगे बढ़ाएँ?

2027 में रिश्ता या शादी की बात आगे बढ़ाने का समय 3 जून से 19 अक्टूबर तक है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें। शादी के मुहूर्त इसके भीतर सिर्फ़ 3 जून से 13 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं।

2027 में मिथुन राशि के लिए किन तारीख़ों पर सावधान रहें?

गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; सूर्य ग्रहण: 2 अगस्त; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।

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