2027 में मिथुन राशि के लिए प्रेम और विवाह, दौर-दर-दौर: मिथुन से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 69। रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय: 3 जून से 19 अक्टूबर तक। प्रेम और विवाह के लिए सबसे मज़बूत महीने: जून, सितंबर और अक्टूबर; सबसे कमज़ोर: दिसंबर।
प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 3 जून से 19 अक्टूबर तक है; 2 जून तक और 20 अक्टूबर से मिला-जुला।
तीसरे भाव में गुरु प्रेम को व्यस्त पर हल्का रखते हैं: संदेश, फ़ोन, छोटी यात्राएँ और नए लोग ख़ूब, पर पक्की बात धीरे आगे बढ़ती है। अविवाहित लोग भाई-बहनों, पड़ोसियों, किसी कोर्स या सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों से मिलते हैं — इसका आनंद लें, पर गंभीर मानने से पहले समय लें। रिश्ते की बात आसानी से शुरू होती है पर छोटी-छोटी बातों पर अटकती है, इसलिए नरमी से बात आगे बढ़ाते रहें। शादीशुदा लोगों के लिए रोज़ की दिनचर्या से दूर साथ में छोटी यात्राएँ अच्छी रहती हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके सातवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है; दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।
दूसरे भाव में गुरु का होना परिवार के ज़रिए शादी के लिए मज़बूत समय है: बड़े पहल करते हैं, रिश्तेदारों के ज़रिए रिश्ता आता है और घर में नया सदस्य जुड़ता है। अगर आप रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो परिवार को साफ़ बताएँ कि आप क्या चाहते हैं और उनके लाए रिश्तों से मिलें। शादीशुदा लोगों के घर में अपनापन बढ़ता है और जीवनसाथी के परिवार से समझ बेहतर होती है। परिवार के मेल-जोल में मीठा बोलें — इस समय आपकी बात का वज़न है। पर आपके दसवें भाव में शनि के कारण 25 जनवरी से 2 जून तक का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 3 जून से 19 अक्टूबर तक है।
चौथे भाव में गुरु ध्यान घर की ओर ले जाते हैं — नया घर, परिवार की ज़िम्मेदारियाँ या माता-पिता की ज़रूरतें — इसलिए प्रेम कुछ समय पीछे लग सकता है। शादीशुदा जोड़े मिलकर घर बसा या सँवार सकते हैं, और यह साझा काम उन्हें क़रीब लाता है। अविवाहितों के लिए परिवार की मंज़ूरी सामान्य से ज़्यादा मायने रखती है; रिश्ता तभी आगे बढ़ता है जब माता-पिता संतुष्ट हों। घर के कामों में जीवनसाथी के साथ अकेले बिताने का समय न खोएँ।
दसवें भाव में शनि काम और ज़िम्मेदारी को इस दौर की मुख्य माँग बनाते हैं, और प्रेम को उसी के बीच जगह बनानी पड़ती है। अविवाहित लोग करियर की वजह से शादी टाल सकते हैं, या काम के ज़रिए किसी गंभीर और समझदार साथी से मिल सकते हैं। शादीशुदा जोड़ों का रिश्ता थका हुआ और सिर्फ़ काम-काजी बन सकता है, जिसमें अपनापन कम हो। एक-दूसरे के लिए नियमित समय निकालें, और दोनों के करियर की योजना पर खुलकर बात करें। शनि की दृष्टि आपके सातवें भाव पर भी है: विवाह के मामले धीरे चलते हैं और धैर्य माँगते हैं, पर अभी बना रिश्ता टिकता है।
ग्यारहवें भाव में शनि प्रेम में धीमे पर टिकाऊ नतीजे देते हैं: लंबा इंतज़ार ख़त्म होता है, और दोस्तों, साथ काम करने वालों या किसी बड़े की जान-पहचान से रिश्ता पक्का होता है। अविवाहित लोग जल्दबाज़ी वाले प्रेम से ज़्यादा व्यावहारिक और समझदारी भरा चुनाव पसंद करते हैं, और वह चुनाव टिकता है। शादीशुदा जोड़ों को दोस्तों और परिवार का साथ मिलता है, और लंबे समय से अटकी साझा योजनाएँ पूरी होती हैं। समय की कसौटी पर खरे उतरे रिश्ते को नाम देने का अच्छा समय। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है: प्रेम में हल्कापन कम और गंभीरता ज़्यादा रहती है, इसलिए साथ में सहज ख़ुशी के पल निकालें।
आठवें भाव में राहु राज़, जलन या अचानक मोड़ ला सकते हैं; रिश्ते में पारदर्शिता रखें और बिना आधार के शक से बचें। दूसरे भाव में केतु परिवार की बातचीत में रूखापन ला सकते हैं; घर में एक प्यार भरा शब्द बहुत काम करता है।
3 जून से 19 अक्टूबर तक: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 3 जून से 13 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें
मंगल वक्री: ग़ुस्सा जल्दी भड़कता है; बात कड़वी होने से पहले बहस से हट जाएँ
बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें
सूर्य ग्रहण: आपके दूसरे भाव (धन और परिवार का भाव) में ग्रहण — इसके आसपास के हफ़्ते में सगाई, शादी या रिश्ते का कोई बड़ा फ़ैसला न करें
शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ
2027 में मिथुन राशि के लिए प्रेम और विवाह के मामले में सबसे अच्छा महीना जून (77) है और सबसे कमज़ोर दिसंबर (61)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | शादी के दिन |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 65 | बात ज़्यादा, जल्दी कम; गुरु और मंगल वक्री | 8 |
| फ़रवरी | 62 | परिवार बढ़ता है; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके आठवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके तीसरे भाव में | 13 |
| मार्च | 67 | परिवार बढ़ता है; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 5 |
| अप्रैल | 69 | परिवार बढ़ता है; गुरु और मंगल वक्री | 7 |
| मई | 71 | परिवार बढ़ता है | 17 |
| जून | 77 | परिवार बढ़ता है; बुध वक्री | 14 |
| जुलाई | 71 | बात ज़्यादा, जल्दी कम; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके आठवें भाव में | 5 |
| अगस्त | 69 | बात ज़्यादा, जल्दी कम; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके दूसरे भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके आठवें भाव में | — |
| सितंबर | 74 | बात ज़्यादा, जल्दी कम; शनि वक्री | — |
| अक्टूबर | 72 | बात ज़्यादा, जल्दी कम; शनि और बुध वक्री | — |
| नवंबर | 65 | बात ज़्यादा, जल्दी कम; शनि वक्री | 10 |
| दिसंबर | 61 | पहले घर, फिर प्रेम; शनि वक्री | 5 |
शुक्र, जो प्रेम, विवाह और सुख के ग्रह हैं, लगभग हर महीने नई राशि में जाते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से छठे, सातवें और दसवें को छोड़ हर भाव में अच्छे माने जाते हैं। 2027 में मिथुन राशि के लिए इनके 15 में से 10 दौर अच्छे हैं; भारी दौर 23 फ़रवरी तक, 15 अप्रैल से 9 मई तक और 27 अक्टूबर से 14 दिसंबर तक हैं।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | प्रेम और विवाह के लिए |
|---|---|---|---|
| 28 जनवरी तक | वृश्चिक | छठा | भारी |
| 29 जनवरी से 23 फ़रवरी तक | धनु | सातवाँ | भारी |
| 24 फ़रवरी से 20 मार्च तक | मकर | आठवाँ | अच्छा |
| 21 मार्च से 14 अप्रैल तक | कुंभ | नौवाँ | अच्छा |
| 15 अप्रैल से 9 मई तक | मीन | दसवाँ | भारी |
| 10 मई से 3 जून तक | मेष | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 4 जून से 27 जून तक | वृषभ | बारहवाँ | अच्छा |
| 28 जून से 22 जुलाई तक | मिथुन | पहला | अच्छा |
| 23 जुलाई से 15 अगस्त तक | कर्क | दूसरा | अच्छा |
| 16 अगस्त से 8 सितंबर तक | सिंह | तीसरा | अच्छा |
| 9 सितंबर से 2 अक्टूबर तक | कन्या | चौथा | अच्छा |
| 3 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक | तुला | पाँचवाँ | अच्छा |
| 27 अक्टूबर से 20 नवंबर तक | वृश्चिक | छठा | भारी |
| 21 नवंबर से 14 दिसंबर तक | धनु | सातवाँ | भारी |
| 15 दिसंबर से | मकर | आठवाँ | अच्छा |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
मिथुन से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
आप स्वयं: आप कैसे दिखते हैं और क्या चाहते हैं। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे।
परिवार, बसने वाला घर और आपस की बोलचाल। इसके स्वामी चंद्र हैं। 2027 में केतु पूरे साल आपके दूसरे भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके दूसरे भाव में रहेंगे।
प्रेम, प्रेम-संबंध और संतान। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके पाँचवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
विवाह और जीवनसाथी। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
ससुराल और विवाह की लंबी उम्र। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में राहु पूरे साल आपके आठवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ मकर, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
शादी के मुहूर्त
2027 में शादी के 92 मुहूर्तों में से 8 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 7 दिन प्रेम और विवाह के आपके सबसे अच्छे दौर (3 जून से 19 अक्टूबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं:
गुरु आपके सातवें भाव (धनु) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: विवाह और जीवनसाथी। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल प्रेम और विवाह के लिए गुरु का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो गुरुवार को ॐ गुरवे नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन चने की दाल और हल्दी का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। गुरु के सभी उपाय →
100 में से 69, अच्छा। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 2 जून तक और 20 अक्टूबर से समय मिला-जुला रहता है।
प्रेम और विवाह के लिए सबसे ज़्यादा अंक जून (77), सितंबर (74) और अक्टूबर (72) के हैं, और सबसे कम दिसंबर के (61)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
2027 में रिश्ता या शादी की बात आगे बढ़ाने का समय 3 जून से 19 अक्टूबर तक है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें। शादी के मुहूर्त इसके भीतर सिर्फ़ 3 जून से 13 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; सूर्य ग्रहण: 2 अगस्त; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

