2027 में धनु राशि के लिए प्रेम और विवाह, दौर-दर-दौर: धनु से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 58। कोई भी दौर पूरी तरह पक्ष में नहीं है; अपेक्षाकृत आसान समय 26 जून से 25 नवंबर तक है। प्रेम और विवाह के लिए सबसे मज़बूत महीने: जनवरी, सितंबर और नवंबर; सबसे कमज़ोर: फ़रवरी।
प्रेम और विवाह के लिए 2027 में समय 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक मिला-जुला रहता है; 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।
नौवें भाव में गुरु बड़ों का आशीर्वाद लाते हैं: माता-पिता, गुरुजन या परिवार के पंडित सही रिश्ता दिलाने में मदद करते हैं, और अलग पृष्ठभूमि के परिवार भी आसानी से राज़ी होते हैं। पारंपरिक विवाह, साथ में तीर्थयात्रा, या दूसरे शहर या विदेश से आए रिश्ते के लिए अच्छा समय है। शादीशुदा जोड़े साझा आस्था, यात्रा या किसी साझा लक्ष्य से क़रीब आते हैं। अगर माता-पिता की सहमति चाहिए, तो अभी माँगें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है। पर आपके चौथे भाव में शनि के कारण 24 जनवरी तक का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: रिश्ते के सबसे बड़े फ़ैसले किसी साफ़ दौर तक रुकने दें। पर आपके पाँचवें और चौथे भाव में शनि के कारण 26 जून से 25 नवंबर तक का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: रिश्ते के सबसे बड़े फ़ैसले किसी साफ़ दौर तक रुकने दें।
आठवें भाव में गुरु रिश्तों में छिपा तनाव लाते हैं: कोई राज़ खुलता है, ससुराल की दख़ल बढ़ती है, या तय माना हुआ रिश्ता अचानक बदल जाता है। अगर अभी कोई रिश्ता आए, तो हाँ कहने से पहले शांति से परिवार और पृष्ठभूमि की जाँच कर लें। शादीशुदा जोड़ों के सामने साझा पैसे का कोई मामला या सेहत की चिंता आ सकती है जो उनकी परीक्षा ले — एक-दूसरे पर दोष डालने के बजाय मिलकर सामना करें। ग़ुस्से या जल्दबाज़ी में शादी या अलगाव का फ़ैसला न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।
दसवें भाव में गुरु काम को केंद्र में रखते हैं, इसलिए प्रेम को उतना समय नहीं मिलता जितना चाहिए। अविवाहित लोग अक्सर काम के ज़रिए या किसी बड़े के परिचय से किसी से मिलते हैं — पर शुरू में ही देख लें कि शादी के बाद करियर को लेकर दोनों की सोच मिलती है। शादीशुदा लोग ध्यान रखें कि जीवनसाथी को अनदेखा महसूस न हो। साथ बिताने के लिए नियमित समय तय करें, और दफ़्तर का तनाव घर न लाएँ।
चौथे भाव में शनि (कंटक शनि, छोटी पनौती) घर का सुख हिलाते हैं: घर बदलना, माता-पिता की सेहत या तंग रहन-सहन रिश्ते पर दबाव डालते हैं। शादीशुदा जोड़ों में कहाँ और कैसे रहें, इस पर बहस हो सकती है — मिलकर फ़ैसला करें और माता-पिता की ज़रूरतों और अपनी ज़रूरतों में संतुलन रखें। अविवाहितों के रिश्ते की बात घर के मामलों की वजह से टलती है। मन की शांति बचाएँ; इस समय घर का तनाव एक-दूसरे से ज़्यादा हालात से आता है।
पाँचवें भाव में शनि प्रेम में ठंडक लाते हैं: भावनाएँ होती हैं पर कहना मुश्किल लगता है, और रिश्ता आनंद से ज़्यादा ज़िम्मेदारी जैसा लग सकता है। अविवाहित लोग किसी बड़ी उम्र के या गंभीर व्यक्ति की ओर खिंच सकते हैं, या प्रेम से ही दूर रह सकते हैं; सिर्फ़ अकेलापन दूर करने के लिए रिश्ता न जोड़ें। शादीशुदा जोड़े जान-बूझकर हँसी-ख़ुशी का समय निकालें, और संतान की योजना में ज़्यादा धैर्य चाहिए हो सकता है। रिश्ते को परखने के बजाय उसे बनाने पर ध्यान दें। शनि की दृष्टि आपके दूसरे और सातवें भाव पर भी है: घर में कड़वे शब्द सामान्य से ज़्यादा भारी पड़ते हैं, इसलिए एक-दूसरे के परिवार के बारे में नरमी से बोलें; विवाह के मामले धीरे चलते हैं और धैर्य माँगते हैं, पर अभी बना रिश्ता टिकता है।
दूसरे भाव में राहु परिवार में बहस और बेकार की बातें बढ़ाते हैं; रिश्ते की बात पक्की होने तक उसे निजी रखें और दूसरे परिवार के बारे में सोच-समझकर बोलें।
इस साल कोई भी समय शादी तय करने के लिए पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। अगर अच्छा रिश्ता आए और दोनों परिवार राज़ी हों, तो 26 जून से 25 नवंबर तक अपेक्षाकृत आसान समय है; वरना लोगों से मिलते रहें और बिना दबाव के बात बनने दें। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 26 जून से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें
मंगल वक्री: ग़ुस्सा जल्दी भड़कता है; बात कड़वी होने से पहले बहस से हट जाएँ
बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें
सूर्य ग्रहण: आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव का भाव) में ग्रहण — इसके आसपास के हफ़्ते में सगाई, शादी या रिश्ते का कोई बड़ा फ़ैसला न करें
शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ
2027 में धनु राशि के लिए प्रेम और विवाह के मामले में सबसे अच्छा महीने जनवरी, सितंबर और नवंबर (65) हैं और सबसे कमज़ोर फ़रवरी (49)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | शादी के दिन |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 65 | बड़ों का आशीर्वाद; गुरु और मंगल वक्री | 8 |
| फ़रवरी | 49 | छिपा तनाव, सँभलकर; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके दूसरे भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके नौवें भाव में | 13 |
| मार्च | 51 | छिपा तनाव, सँभलकर; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 7 |
| अप्रैल | 52 | छिपा तनाव, सँभलकर; गुरु और मंगल वक्री | 9 |
| मई | 53 | छिपा तनाव, सँभलकर | 19 |
| जून | 52 | छिपा तनाव, सँभलकर; बुध वक्री | 15 |
| जुलाई | 62 | बड़ों का आशीर्वाद; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके दूसरे भाव में | 5 |
| अगस्त | 60 | बड़ों का आशीर्वाद; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके आठवें भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके दूसरे भाव में | — |
| सितंबर | 65 | बड़ों का आशीर्वाद; शनि वक्री | — |
| अक्टूबर | 63 | बड़ों का आशीर्वाद; शनि और बुध वक्री | — |
| नवंबर | 65 | बड़ों का आशीर्वाद; शनि वक्री | 10 |
| दिसंबर | 57 | काम में दबा प्रेम; शनि वक्री | 6 |
शुक्र, जो प्रेम, विवाह और सुख के ग्रह हैं, लगभग हर महीने नई राशि में जाते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से छठे, सातवें और दसवें को छोड़ हर भाव में अच्छे माने जाते हैं। 2027 में धनु राशि के लिए इनके 15 में से 12 दौर अच्छे हैं; भारी दौर 4 जून से 22 जुलाई तक और 9 सितंबर से 2 अक्टूबर तक हैं।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | प्रेम और विवाह के लिए |
|---|---|---|---|
| 28 जनवरी तक | वृश्चिक | बारहवाँ | अच्छा |
| 29 जनवरी से 23 फ़रवरी तक | धनु | पहला | अच्छा |
| 24 फ़रवरी से 20 मार्च तक | मकर | दूसरा | अच्छा |
| 21 मार्च से 14 अप्रैल तक | कुंभ | तीसरा | अच्छा |
| 15 अप्रैल से 9 मई तक | मीन | चौथा | अच्छा |
| 10 मई से 3 जून तक | मेष | पाँचवाँ | अच्छा |
| 4 जून से 27 जून तक | वृषभ | छठा | भारी |
| 28 जून से 22 जुलाई तक | मिथुन | सातवाँ | भारी |
| 23 जुलाई से 15 अगस्त तक | कर्क | आठवाँ | अच्छा |
| 16 अगस्त से 8 सितंबर तक | सिंह | नौवाँ | अच्छा |
| 9 सितंबर से 2 अक्टूबर तक | कन्या | दसवाँ | भारी |
| 3 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक | तुला | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 27 अक्टूबर से 20 नवंबर तक | वृश्चिक | बारहवाँ | अच्छा |
| 21 नवंबर से 14 दिसंबर तक | धनु | पहला | अच्छा |
| 15 दिसंबर से | मकर | दूसरा | अच्छा |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
धनु से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
आप स्वयं: आप कैसे दिखते हैं और क्या चाहते हैं। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे।
परिवार, बसने वाला घर और आपस की बोलचाल। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में राहु पूरे साल आपके दूसरे भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
प्रेम, प्रेम-संबंध और संतान। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके पाँचवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके पाँचवें भाव में रहेंगे।
विवाह और जीवनसाथी। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
ससुराल और विवाह की लंबी उम्र। इसके स्वामी चंद्र हैं। 2027 में केतु पूरे साल आपके आठवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके आठवें भाव में रहेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ कर्क, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
शादी के मुहूर्त
2027 में शादी के 92 मुहूर्तों में से कोई भी आपके चंद्राष्टम पर नहीं पड़ता। इनमें से 14 दिन अपेक्षाकृत आसान दौर (26 जून से 25 नवंबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
बुध आपके सातवें भाव (मिथुन) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: विवाह और जीवनसाथी। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल प्रेम और विवाह के लिए बुध का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो बुधवार को ॐ बुधाय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन हरी मूँग और हरे वस्त्र का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। बुध के सभी उपाय →
100 में से 58, ठीक-ठाक। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 2027 का कोई भी दौर पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से समय धीमा रहता है।
प्रेम और विवाह के लिए सबसे ज़्यादा अंक जनवरी (65), सितंबर (65) और नवंबर (65) के हैं, और सबसे कम फ़रवरी के (49)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
जो क़दम टल न सके, उसके लिए 2027 में अपेक्षाकृत आसान समय 26 जून से 25 नवंबर तक है। शादी के मुहूर्त इसके भीतर सिर्फ़ 26 जून से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; सूर्य ग्रहण: 2 अगस्त; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

