धनु ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि है। इस पेज पर धनु राशि का 2027 का हाल है, धनु से गिने भावों में ग्रहों की चाल के हिसाब से।
2027 में सबसे अच्छे महीने सितंबर और अक्टूबर हैं और सबसे धीमे फ़रवरी और मार्च — साथ में 2 जून तक और 20 अक्टूबर से कंटक शनि, यानी ढैय्या।
गुरु आपके नौवें भाव (भाग्य और धर्म का भाव) में हैं। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं, और तीर्थ, उच्च शिक्षा व लंबी यात्राएँ अच्छी रहती हैं।
गुरु आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव का भाव) में आते हैं। योजनाएँ बिना बताए बदल सकती हैं, इसलिए बचत अलग रखें और सेहत व पैसे के फ़ैसले सोच-समझकर लें। पर इस दौर में गुरु कर्क राशि में उच्च के हैं, जिससे आठवें भाव की मुश्किलें हल्की पड़ती हैं: वे आती हैं, पर कम, और ज़रूरत पर मदद मिलती है।
गुरु आपके दसवें भाव (कर्म भाव) में आते हैं। काम जीवन के केंद्र में रहता है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और काग़ज़ात पर ध्यान रखें।
2 जून तक, और फिर 20 अक्टूबर सेशनि आपके चौथे भाव में (कंटक शनि, यानी शनि की ढैय्या): घर, वाहन और मन की शांति पर ध्यान चाहिए।
3 जून से 19 अक्टूबर तकशनि आपके पाँचवें भाव में: संतान या पढ़ाई की चिंता; सट्टे वाले पैसे से पहले दो बार सोचें।
काम के लिए 2027 में समय 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक मिला-जुला रहता है; 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।
इस साल कोई भी समय बड़े क़दम के लिए पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। अगर नौकरी बदलनी ही हो, तो 26 जून से 25 नवंबर तक अपेक्षाकृत आसान समय है; वरना हुनर बढ़ाएँ और इंतज़ार करें।
2027 में करियर का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
प्रेम और विवाह के लिए 2027 में समय 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक मिला-जुला रहता है; 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।
इस साल कोई भी समय शादी तय करने के लिए पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। अगर अच्छा रिश्ता आए और दोनों परिवार राज़ी हों, तो 26 जून से 25 नवंबर तक अपेक्षाकृत आसान समय है; वरना लोगों से मिलते रहें और बिना दबाव के बात बनने दें। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 26 जून से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
2027 में प्रेम और विवाह का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
सेहत के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक धीमा।
26 जून से 19 अक्टूबर तक: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।
2027 में सेहत का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
धन के लिए 2027 में समय 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक मिला-जुला रहता है; 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।
इस साल कोई भी समय बड़े निवेश के लिए पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। अगर बड़ी रक़म लगानी ही हो या प्रॉपर्टी ख़रीदनी हो, तो 26 जून से 25 नवंबर तक अपेक्षाकृत आसान समय है; वरना नियमित बचत जारी रखें और इंतज़ार करें।
2027 में पैसा का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
घर-परिवार के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।
नौवें भाव में गुरु पिता, बड़ों और गुरुजनों का आशीर्वाद दिलाते हैं: उनका साथ, सलाह या पैसे की मदद ज़रूरत के समय मिलती है। माता-पिता के साथ तीर्थ यात्रा, घर में कथा या हवन, या परिवार में किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए बहुत अच्छा समय है। पिता के साथ समय बिताएँ, परिवार के बड़े फ़ैसलों में बड़ों की सलाह लें, और जिस तीर्थ यात्रा की बात चल रही है, उसे पूरा करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है। पर आपके चौथे भाव में शनि के कारण 24 जनवरी तक का समय घर-परिवार के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है। पर आपके चौथे भाव में शनि के कारण 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक का समय घर-परिवार के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: परिवार की बड़ी योजनाएँ छोटी और बिना जल्दबाज़ी के रखें।
आठवें भाव में गुरु का होना घर-परिवार के लिए परीक्षा का समय है: अचानक ख़र्च, किसी बड़े की सेहत, या ससुराल या विरासत से जुड़ा कोई मामला आपका समय ले सकता है। पुश्तैनी प्रॉपर्टी के पुराने विवाद फिर उठ सकते हैं। आपात स्थिति के लिए पैसा अलग रखें, बीमा और प्रॉपर्टी के काग़ज़ ठीक कर लें, और रिश्तेदारों को उधार देने से बचें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे और चौथे भाव पर भी है: पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है; घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।
दसवें भाव में गुरु काम और मान-सम्मान को केंद्र में रखते हैं, और घर को आपका समय कम मिलता है। आपके काम से परिवार का नाम बढ़ता है और माता-पिता को आपकी तरक़्क़ी पर गर्व होता है। हफ़्ते में एक दिन परिवार के लिए तय रखें, काम की बातें घर में साझा करें, और पारिवारिक योजनाएँ सिर्फ़ काम के हिसाब से तय न करें।
चौथे भाव में शनि (कंटक शनि, छोटी पनौती) घर की ज़िंदगी को अस्थिर करते हैं: लंबी खिंचती मरम्मत, मजबूरी में घर बदलना, प्रॉपर्टी का विवाद या बार-बार परेशान करने वाला वाहन। माँ की सेहत का ध्यान रखना ज़रूरी है, और घर में सुकून मुश्किल से मिलता है। जल्दबाज़ी में प्रॉपर्टी न ख़रीदें — ज़रूरी हो तो हर काग़ज़ दो बार जाँचें — और माँ को अपना समय दें।
पाँचवें भाव में शनि संतान से जुड़े मामलों को धीमा करते हैं: बच्चों की पढ़ाई या करियर को ज़्यादा सहारे की ज़रूरत होती है, और उनसे बातचीत में खिंचाव आ सकता है। संतान की आशा रखने वाले दंपती को देरी हो सकती है, इसलिए धैर्य रखें और डॉक्टर की सलाह मानें। बच्चों के साथ सख़्त पर स्नेह भरे रहें, सलाह देने से पहले उनकी सुनें, और नंबरों या शादी को लेकर उन पर दबाव न डालें। शनि की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है: घर का पैसा तंग रहता है और ग़ुस्से में कही बात देर तक चुभती है, इसलिए सँभलकर बोलें।
दूसरे भाव में राहु परिवार में ग़लतफ़हमी और बेवजह की बातें बढ़ाते हैं; सुनी-सुनाई बात आगे न बढ़ाएँ और परिवार के पैसे के मामले खुले रखें।
26 जून से 19 अक्टूबर तक: गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 26 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें। बुध का वक्री दौर 10 जून से 5 जुलाई तक है; ऊपर उसके वही दिन हैं जो इस समय में पड़ते हैं। इस दौर में गृह प्रवेश के मुहूर्त सिर्फ़ 26 जून से 4 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय गृह प्रवेश के लिए वर्जित हिंदू महीनों के कारण बंद है, इसलिए गृह प्रवेश की तारीख़ इन्हीं में रखें। गृह प्रवेश मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें
मंगल वक्री: घर में ग़ुस्सा जल्दी आता है और प्रॉपर्टी के झगड़े भड़कते हैं; भाई-बहनों से बहस से बचें और निर्माण का काम शुरू न करें
बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें
शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ
गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह; शनि चौथे भाव में — भारी जगह; गुरु और मंगल वक्री
गुरु आठवें भाव में — भारी जगह, पर उच्च के होने से हल्की; शनि चौथे भाव में — भारी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री; सूर्य ग्रहण 6 फ़रवरी; चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी
गुरु आठवें भाव में — भारी जगह, पर उच्च के होने से हल्की; शनि चौथे भाव में — भारी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री
गुरु आठवें भाव में — भारी जगह, पर उच्च के होने से हल्की; शनि चौथे भाव में — भारी जगह; गुरु और मंगल वक्री
गुरु आठवें भाव में — भारी जगह, पर उच्च के होने से हल्की; शनि चौथे भाव में — भारी जगह
गुरु आठवें भाव में — भारी जगह, पर उच्च के होने से हल्की; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री
गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री; चंद्र ग्रहण 18 जुलाई
गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री; सूर्य ग्रहण 2 अगस्त; चंद्र ग्रहण 17 अगस्त
गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री
गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि और बुध वक्री
गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह; शनि चौथे भाव में — भारी जगह; शनि वक्री
गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; शनि चौथे भाव में — भारी जगह; शनि वक्री
गुरु वक्री 13 अप्रैल तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में, और 25 जनवरी से आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।
मंगल वक्री 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में, और 10 मार्च से आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में: ग़ुस्सा जल्दी आता है; हो सके तो प्रॉपर्टी सौदे और पहले से तय ऑपरेशन टालें।
गुरु आपके आठवें भाव में: छिपे बदलाव, शोध और विरासत के मामले; सेहत और पैसे में सावधानी चाहिए। कर्क गुरु की उच्च राशि है, जिससे इस भाव की मुश्किलें हल्की पड़ती हैं।
सूर्य ग्रहण, 6 फ़रवरी: आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में।
बुध वक्री 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में, और 24 फ़रवरी से दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।
चंद्र ग्रहण, 21 फ़रवरी: आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में। उपच्छाया ग्रहण।
शनि आपके पाँचवें भाव में: संतान या पढ़ाई की चिंता; सट्टे वाले पैसे से पहले दो बार सोचें। मेष शनि की नीच राशि है, जहाँ वे सबसे कमज़ोर होते हैं।
बुध फिर वक्री 10 जून से 5 जुलाई तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में; वही सावधानी रखें।
गुरु आपके नौवें भाव में: भाग्य, धर्म और गुरु साथ हैं — तीर्थयात्रा, ऊँची पढ़ाई और लंबी यात्राएँ अच्छी रहती हैं।
चंद्र ग्रहण, 18 जुलाई: आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में। उपच्छाया ग्रहण।
सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त: आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में। नई दिल्ली से दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखेगा; सूतक रात 3:53 से।
शनि वक्री 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में, और 20 अक्टूबर से चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।
चंद्र ग्रहण, 17 अगस्त: आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में।
बुध फिर वक्री 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में, और 21 अक्टूबर से दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में; वही सावधानी रखें।
शनि आपके चौथे भाव में (कंटक शनि, यानी शनि की ढैय्या): घर, वाहन और मन की शांति पर ध्यान चाहिए।
गुरु आपके दसवें भाव में: काम इस दौर का केंद्र है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और कागज़ी काम पर ध्यान रखें।
जिन ग्रहणों के आगे "भारत से दिखेगा" या "उपच्छाया" नहीं लिखा, वे भारत से नहीं दिखेंगे, इसलिए उनका सूतक नहीं माना जाता।
उपच्छाया ग्रहण में चंद्रमा बस हल्का धुँधला होता है, इसलिए दिखने पर भी सूतक नहीं माना जाता।
2027 में शादी के मुहूर्त 15 जनवरी से 14 मार्च तक, 15 अप्रैल से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं, और गृह प्रवेश के 7 फ़रवरी से 14 मार्च तक, 7 मई से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 14 जनवरी तक, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक और 16 दिसंबर से है, और चातुर्मास (विष्णु जी के विश्राम के चार महीने) 14 जुलाई से 9 नवंबर तक; इनमें शादी नहीं होती, और गृह प्रवेश के लिए पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार इनके बाद ही गृह प्रवेश करते हैं। (नई दिल्ली के अनुसार; हर दिन की तारीख़ें मुहूर्त पेज पर हैं।)
जिनके चंद्रमा धनु में हों, वे आशावादी, खुले दिल वाले और आज़ादी पसंद होते हैं। पढ़ना-सीखना, यात्रा, धर्म और अच्छी चर्चा इन्हें प्रिय हैं, और ये सच बोलते हैं, कभी ज़रूरत से ज़्यादा सीधे। कभी ये निभा सकें उससे ज़्यादा वादा कर देते हैं। धनु गुरु की राशि है, इसलिए ये शिक्षक और सलाहकार के रूप में, क़ानून में, और यात्रा या धर्म से जुड़े कामों में अच्छा करते हैं।
ठीक-ठाक, 100 में से 60। सबसे मज़बूत: सेहत (65); सँभलकर: करियर और प्रेम (58)।
सबसे अच्छे: सितंबर (71) और अक्टूबर (69)। सबसे धीमे: फ़रवरी (49) और मार्च (51)।
नहीं। 2027 में शनि किसी भी समय धनु से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में नहीं हैं। पर इस साल शनि की ढैय्या चल रही है: अगला सवाल देखें।
हाँ। ढैय्या चंद्र राशि से चौथे (कंटक शनि) या आठवें भाव (अष्टम शनि) में शनि के ढाई साल हैं। 2 जून तक और 20 अक्टूबर से कंटक शनि (ढैय्या)। कंटक शनि 29 मार्च 2025 को शुरू हुआ और 23 फ़रवरी 2028 को ख़त्म होगा; बीच में 3 जून 2027 से 19 अक्टूबर 2027 तक विराम रहेगा, जब शनि मेष राशि में होंगे।
अंक 3, 9; रंग नारंगी, नीला और पीला।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

