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नई दिल्ली

नामकरण का मुहूर्त फ़रवरी 2027
शुभ तारीख़ें और समय

नामकरण संस्कार, आम तौर पर ग्यारहवें या बारहवें दिन।

6 शुभ दिनसबसे अच्छा: गुरुवार, 11 फ़रवरी

फ़रवरी में नामकरण का मुहूर्त

नई दिल्ली के समय से

फ़रवरी 2027 में नामकरण के लिए 6 शुभ दिन हैं: 8, 11, 18, 19, 22 और 25 फ़रवरी। सबसे अच्छा दिन गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 (94%) है।

8फ़रवरी
सोमवार, 8 फ़रवरीशुक्ल द्वितीया · शतभिषामुहूर्तसुबह 7:24 से 10:16; सुबह 11:52 से दोपहर 12:35सबसे अच्छा समय:सुबह 7:24 से 8:27
11फ़रवरी
गुरुवार, 11 फ़रवरी वसंत पंचमीरेवतीमुहूर्तसुबह 7:12 से 10:06; सुबह 11:40 से दोपहर 12:35सबसे अच्छा समय:सुबह 8:25 से 9:49
18फ़रवरी
गुरुवार, 18 फ़रवरीशुक्ल द्वादशी · पुनर्वसुमुहूर्तसुबह 6:57 से 9:39; सुबह 11:13 से दोपहर 12:35सबसे अच्छा समय:सुबह 11:13 से दोपहर 12:35
19फ़रवरी
शुक्रवार, 19 फ़रवरीशुक्ल त्रयोदशी · पुष्यमुहूर्तसुबह 6:56 से 9:34सबसे अच्छा समय:सुबह 6:56 से 8:20
22फ़रवरी
सोमवार, 22 फ़रवरीकृष्ण द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनीमुहूर्तसुबह 11:55 से दोपहर 12:34सबसे अच्छा समय:सुबह 11:55 से दोपहर 12:34
25फ़रवरी
गुरुवार, 25 फ़रवरीकृष्ण पंचमी · स्वातिमुहूर्तसुबह 6:50 से 9:10; सुबह 10:47 से दोपहर 12:34सबसे अच्छा समय:सुबह 11:08 से दोपहर 12:34

यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।

फ़रवरी6 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि1234567873%9101194%1213141516171894%1994%20212279%23242591%262728

6 शुभ दिन फ़रवरी 2027 में नामकरण के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।

  1. 1 फ़रवरीसोमवारमुहूर्त नहींज्येष्ठा पूरे दिन: यह नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  2. 2 फ़रवरीमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  3. 3 फ़रवरीबुधवारमुहूर्त नहींमूल दोपहर 12:26 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  4. 4 फ़रवरीगुरुवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तराषाढ़ा) और शुभ तिथि (कृष्ण त्रयोदशी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
  5. 5 फ़रवरीशुक्रवारमुहूर्त नहींकृष्ण चतुर्दशी शाम 7:05 तक, फिर अमावस्या: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  6. 6 फ़रवरीशनिवार · मौनी अमावस्यायह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  7. 7 फ़रवरीरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  8. 8 फ़रवरीसोमवारशुभसुबह 7:24 से 8:27शुक्ल द्वितीया · शतभिषा73%
  9. 9 फ़रवरीमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  10. 10 फ़रवरीबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा भाद्रपद और रेवती) और शुभ तिथि (शुक्ल पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  11. 11 फ़रवरीगुरुवार · वसंत पंचमी · अबूझ मुहूर्त: परंपरा में यह दिन अपने-आप शुभ है, और कई परिवार इस दिन बिना मुहूर्त देखे काम करते हैंशुभसुबह 8:25 से 9:49शुक्ल पंचमी · रेवती94%
  12. 12 फ़रवरीशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (अश्विनी) और शुभ तिथि (शुक्ल सप्तमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  13. 13 फ़रवरीशनिवार · रथ सप्तमीयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  14. 14 फ़रवरीरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  15. 15 फ़रवरीसोमवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (रोहिणी और मृगशिरा) और शुभ तिथि (शुक्ल दशमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  16. 16 फ़रवरीमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  17. 17 फ़रवरीबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (पुनर्वसु) और शुभ तिथि (शुक्ल एकादशी और शुक्ल द्वादशी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  18. 18 फ़रवरीगुरुवारशुभसुबह 11:13 से दोपहर 12:35शुक्ल द्वादशी · पुनर्वसु94%
  19. 19 फ़रवरीशुक्रवारशुभसुबह 6:56 से 8:20शुक्ल त्रयोदशी · पुष्य94%
  20. 20 फ़रवरीशनिवार · माघ पूर्णिमायह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  21. 21 फ़रवरीरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  22. 22 फ़रवरीसोमवारशुभसुबह 11:55 से दोपहर 12:34कृष्ण द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनी79%
  23. 23 फ़रवरीमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  24. 24 फ़रवरीबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (हस्त और चित्रा) और शुभ तिथि (कृष्ण पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  25. 25 फ़रवरीगुरुवारशुभसुबह 11:08 से दोपहर 12:34कृष्ण पंचमी · स्वाति91%
  26. 26 फ़रवरीशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (स्वाति) और शुभ तिथि (कृष्ण सप्तमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  27. 27 फ़रवरीशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  28. 28 फ़रवरीरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता

मुहूर्त किस काम के लिए

और यह दिन कैसे मनाया जाता है

नामकरण वह संस्कार है जिसमें बच्चे का नाम पहली बार पुकारा जाता है। मनुस्मृति (2.30) इसे जन्म के दसवें या बारहवें दिन बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार ग्यारहवाँ या बारहवाँ दिन रखते हैं। छोटी-सी पूजा या हवन के बाद पिता या घर के बड़े बच्चे के दाएँ कान में नाम कहते हैं, और नाम का पहला अक्षर अक्सर जन्म नक्षत्र से लिया जाता है।

पंचांग में फ़रवरी 2027

नामकरण के लिए इसके 28 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ6 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता12 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं10 दिन

त्योहार के दिन, इस काम के लिए:

  • शनिवार, 6 फ़रवरी, मौनी अमावस्या: शनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  • गुरुवार, 11 फ़रवरी, वसंत पंचमी: नामकरण के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 8:25 से 9:49
  • शनिवार, 13 फ़रवरी, रथ सप्तमी: शनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  • शनिवार, 20 फ़रवरी, माघ पूर्णिमा: शनिवार को यह काम नहीं किया जाता

एक दिन की जाँच

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर
जाँचयह दिननियम
वारगुरुवार सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार में से एक
नक्षत्ररेवती उन 16 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है
तिथिशुक्ल पंचमी अनुमत तिथि
सबसे अच्छा समयसुबह 8:25 से 9:49 राहु काल (दोपहर 1:58 से 3:21) से बाहर
लग्न और भावकुंभ लग्न। 8:40 AM से मीन लग्न लग्न मकर, मेष, कर्क या तुला न हो

यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नामकरण के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।

मुहूर्त के नियम

बच्चे का नाम रखना
नक्षत्र
  • अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • ये शास्त्रीय वर्गीकरण के ध्रुव (स्थिर), चर, मृदु और क्षिप्र नक्षत्र हैं: उग्र, तीक्ष्ण और मिश्र नक्षत्रों को छोड़कर सब, जिन्हें मुहूर्त ग्रंथ संस्कार से दूर रखते हैं
तिथियाँ
  • शुक्ल: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
वार
  • सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।

मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती) और चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल षष्ठी और अष्टमी, और कृष्ण षष्ठी और अष्टमी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।

नामकरण के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
फ़रवरी 2027 में नामकरण के कितने शुभ दिन हैं?

6 दिन: सोमवार, 8 फ़रवरी 2027, गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027, गुरुवार, 18 फ़रवरी 2027, शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2027, सोमवार, 22 फ़रवरी 2027 और गुरुवार, 25 फ़रवरी 2027, नई दिल्ली के लिए।

क्या वसंत पंचमी (11 फ़रवरी 2027) नामकरण के लिए शुभ है?

हाँ: नामकरण के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 8:25 से 9:49।

फ़रवरी 2027 में नामकरण के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2027 (94%): शुक्ल पंचमी और रेवती नक्षत्र, सबसे अच्छा समय सुबह 8:25 से 9:49।

फ़रवरी 2027 के बाक़ी 22 दिन नामकरण के लिए किस वजह से बंद रहे?

इसके 28 दिनों में से 12 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता और 10 दिनों में ठीक नक्षत्र और तिथि एक साथ नहीं आते।

फ़रवरी 2027 के आसपास किस महीने में नामकरण के ज़्यादा दिन हैं?

अप्रैल 2027 में, 7 दिन।

ये शुभ दिन हैं। ज़रूरी नहीं कि आपके लिए भी शुभ हों।

पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और नामकरण के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।

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