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नई दिल्ली

नामकरण का मुहूर्त मई 2027
शुभ तारीख़ें और समय

नामकरण संस्कार, आम तौर पर ग्यारहवें या बारहवें दिन।

6 शुभ दिनसबसे अच्छा: सोमवार, 17 मई

मई में नामकरण का मुहूर्त

नई दिल्ली के समय से

मई 2027 में नामकरण के लिए 6 शुभ दिन हैं: 3, 12, 17, 21, 28 और 31 मई। सबसे अच्छा दिन सोमवार, 17 मई 2027 (94%) है। 1 और दिन का मुहूर्त भद्रा (विष्टि करण, आधी तिथि जिसमें नया काम नहीं किया जाता) में पड़ता है, इसलिए वह गिना नहीं गया।

3मई
सोमवार, 3 मईकृष्ण द्वादशी · उत्तरा भाद्रपदमुहूर्तसुबह 6:23 से 10:33सबसे अच्छा समय:सुबह 8:58 से 10:33
12मई
बुधवार, 12 मईशुक्ल सप्तमी · पुष्यमुहूर्तसुबह 5:48 से 9:58सबसे अच्छा समय:सुबह 5:48 से 7:13
17मई
सोमवार, 17 मईशुक्ल द्वादशी · हस्तमुहूर्तसुबह 5:29 से 9:37; सुबह 11:59 से दोपहर 12:17सबसे अच्छा समय:सुबह 5:29 से 7:11
21मई
शुक्रवार, 21 मईकृष्ण प्रतिपदा · अनुराधामुहूर्तसुबह 5:27 से 9:23; सुबह 11:43 से दोपहर 12:17सबसे अच्छा समय:सुबह 5:27 से 7:09
28मई
शुक्रवार, 28 मईकृष्ण सप्तमी · धनिष्ठामुहूर्तसुबह 5:24 से 6:26सबसे अच्छा समय:सुबह 5:24 से 6:26
31मई
सोमवार, 31 मईकृष्ण एकादशी · उत्तरा भाद्रपदमुहूर्तसुबह 5:23 से 8:43; सुबह 11:02 से दोपहर 12:18सबसे अच्छा समय:सुबह 11:02 से दोपहर 12:18

यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।

मई6 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि12364%45678910111285%131415161794%1819202186%2223242526272864%29303164%

6 शुभ दिन मई 2027 में नामकरण के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।

  1. 1 मईशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  2. 2 मईरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  3. 3 मईसोमवारशुभसुबह 8:58 से 10:33कृष्ण द्वादशी · उत्तरा भाद्रपद64%
  4. 4 मईमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  5. 5 मईबुधवारमुहूर्त नहींकृष्ण चतुर्दशी शाम 6:17 तक, फिर अमावस्या: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  6. 6 मईगुरुवारमुहूर्त नहींभरणी अगले दिन रात 1:18 तक, फिर कृत्तिका: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  7. 7 मईशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (रोहिणी) और शुभ तिथि (शुक्ल प्रतिपदा और शुक्ल द्वितीया) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
  8. 8 मईशनिवार · अक्षय तृतीया · अबूझ मुहूर्त: परंपरा में यह दिन अपने-आप शुभ है, और कई परिवार इस दिन बिना मुहूर्त देखे काम करते हैं; पास लिखा फ़ैसला इस काम के पंचांग नियम का है, उन परिवारों के लिए जो फिर भी मुहूर्त देखते हैंयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  9. 9 मईरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  10. 10 मईसोमवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (पुनर्वसु) और शुभ तिथि (शुक्ल पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  11. 11 मईमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  12. 12 मईबुधवारशुभसुबह 5:48 से 7:13शुक्ल सप्तमी · पुष्य85%
  13. 13 मईगुरुवारमुहूर्त नहींअश्लेषा दोपहर 1:41 तक, फिर मघा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  14. 14 मईशुक्रवार · सीता नवमीमुहूर्त नहींमघा दोपहर 12:42 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  15. 15 मईशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  16. 16 मईरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  17. 17 मईसोमवारशुभसुबह 5:29 से 7:11शुक्ल द्वादशी · हस्त94%
  18. 18 मईमंगलवार · नरसिंह जयंतीयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  19. 19 मईबुधवारमुहूर्त नहींशुक्ल चतुर्दशी शाम 4:03 तक, फिर पूर्णिमा: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  20. 20 मईगुरुवार · बुद्ध पूर्णिमामुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (अनुराधा) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  21. 21 मईशुक्रवारशुभसुबह 5:27 से 7:09कृष्ण प्रतिपदा · अनुराधा86%
  22. 22 मईशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  23. 23 मईरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  24. 24 मईसोमवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तराषाढ़ा) और शुभ तिथि (कृष्ण पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  25. 25 मईमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  26. 26 मईबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (श्रवण और धनिष्ठा) और शुभ तिथि (कृष्ण सप्तमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  27. 27 मईगुरुवारभद्रा मेंइसका मुहूर्त सुबह 5:24 से 8:58; सुबह 11:18 से दोपहर 12:18 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
  28. 28 मईशुक्रवारशुभसुबह 5:24 से 6:26कृष्ण सप्तमी · धनिष्ठा64%
  29. 29 मईशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  30. 30 मईरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  31. 31 मईसोमवारशुभसुबह 11:02 से दोपहर 12:18कृष्ण एकादशी · उत्तरा भाद्रपद64%

मुहूर्त किस काम के लिए

और यह दिन कैसे मनाया जाता है

नामकरण वह संस्कार है जिसमें बच्चे का नाम पहली बार पुकारा जाता है। मनुस्मृति (2.30) इसे जन्म के दसवें या बारहवें दिन बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार ग्यारहवाँ या बारहवाँ दिन रखते हैं। छोटी-सी पूजा या हवन के बाद पिता या घर के बड़े बच्चे के दाएँ कान में नाम कहते हैं, और नाम का पहला अक्षर अक्सर जन्म नक्षत्र से लिया जाता है।

पंचांग में मई 2027

नामकरण के लिए इसके 31 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ6 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता14 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं10 दिन
मुहूर्त भद्रा में1 दिन

त्योहार के दिन, इस काम के लिए:

  • शनिवार, 8 मई, अक्षय तृतीया: शनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  • शुक्रवार, 14 मई, सीता नवमी: मघा दोपहर 12:42 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  • मंगलवार, 18 मई, नरसिंह जयंती: मंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  • गुरुवार, 20 मई, बुद्ध पूर्णिमा: इस दिन के शुभ नक्षत्र (अनुराधा) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो

एक दिन की जाँच

सोमवार, 17 मई 2027, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर
जाँचयह दिननियम
वारसोमवार सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार में से एक
नक्षत्रहस्त उन 16 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है
तिथिशुक्ल द्वादशी अनुमत तिथि
सबसे अच्छा समयसुबह 5:29 से 7:11 राहु काल (सुबह 7:11 से 8:53) से बाहर
लग्न और भाववृषभ लग्न लग्न मकर, मेष, कर्क या तुला न हो

यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नामकरण के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।

मुहूर्त के नियम

बच्चे का नाम रखना
नक्षत्र
  • अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • ये शास्त्रीय वर्गीकरण के ध्रुव (स्थिर), चर, मृदु और क्षिप्र नक्षत्र हैं: उग्र, तीक्ष्ण और मिश्र नक्षत्रों को छोड़कर सब, जिन्हें मुहूर्त ग्रंथ संस्कार से दूर रखते हैं
तिथियाँ
  • शुक्ल: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
वार
  • सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।

मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती) और चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल षष्ठी और अष्टमी, और कृष्ण षष्ठी और अष्टमी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।

नामकरण के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
मई 2027 में नामकरण के कितने शुभ दिन हैं?

6 दिन: सोमवार, 3 मई 2027, बुधवार, 12 मई 2027, सोमवार, 17 मई 2027, शुक्रवार, 21 मई 2027, शुक्रवार, 28 मई 2027 और सोमवार, 31 मई 2027, नई दिल्ली के लिए।

क्या अक्षय तृतीया (8 मई 2027) नामकरण के लिए शुभ है?

पंचांग के हिसाब से नहीं: शनिवार को यह काम नहीं किया जाता।

मई 2027 में नामकरण के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

सोमवार, 17 मई 2027 (94%): शुक्ल द्वादशी और हस्त नक्षत्र, सबसे अच्छा समय सुबह 5:29 से 7:11।

मई 2027 के बाक़ी 25 दिन नामकरण के लिए किस वजह से बंद रहे?

इसके 31 दिनों में से 14 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता, 10 दिनों में ठीक नक्षत्र और तिथि एक साथ नहीं आते और 1 दिन का मुहूर्त भद्रा में है।

मई 2027 के आसपास किस महीने में नामकरण के ज़्यादा दिन हैं?

जुलाई 2027 में, 8 दिन; अप्रैल 2027 में 7।

ये शुभ दिन हैं। ज़रूरी नहीं कि आपके लिए भी शुभ हों।

पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और नामकरण के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।

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