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नई दिल्ली

नामकरण का मुहूर्त अप्रैल 2027
शुभ तारीख़ें और समय

नामकरण संस्कार, आम तौर पर ग्यारहवें या बारहवें दिन।

7 शुभ दिनसबसे अच्छा: बुधवार, 28 अप्रैल

अप्रैल में नामकरण का मुहूर्त

नई दिल्ली के समय से

अप्रैल 2027 में नामकरण के लिए 7 शुभ दिन हैं: 1, 2, 7, 8, 21, 23 और 28 अप्रैल। सबसे अच्छा दिन बुधवार, 28 अप्रैल 2027 (91%) है।

1अप्रैल
गुरुवार, 1 अप्रैलकृष्ण दशमी · उत्तराषाढ़ामुहूर्तसुबह 6:11 से 6:53; सुबह 8:29 से दोपहर 12:25सबसे अच्छा समय:सुबह 8:29 से 9:18
2अप्रैल
शुक्रवार, 2 अप्रैलकृष्ण एकादशी · श्रवणमुहूर्तसुबह 6:10 से 6:50; सुबह 8:24 से दोपहर 12:25सबसे अच्छा समय:सुबह 9:17 से 10:51
7अप्रैल
बुधवार, 7 अप्रैल चैत्र नवरात्रिशुक्ल प्रतिपदा · रेवतीमुहूर्तसुबह 6:04 से 6:30; सुबह 8:04 से दोपहर 12:14सबसे अच्छा समय:सुबह 9:14 से 10:48
8अप्रैल
गुरुवार, 8 अप्रैलशुक्ल द्वितीया · अश्विनीमुहूर्तसुबह 6:03 से 6:25; सुबह 8:01 से दोपहर 12:11सबसे अच्छा समय:सुबह 10:48 से दोपहर 12:11
21अप्रैल
बुधवार, 21 अप्रैलकृष्ण प्रतिपदा · स्वातिमुहूर्तसुबह 7:09 से 11:19सबसे अच्छा समय:सुबह 9:05 से 10:42
23अप्रैल
शुक्रवार, 23 अप्रैलकृष्ण तृतीया · अनुराधामुहूर्तसुबह 7:01 से 11:11सबसे अच्छा समय:सुबह 9:03 से 10:41
28अप्रैल
बुधवार, 28 अप्रैलकृष्ण सप्तमी · उत्तराषाढ़ामुहूर्तसुबह 6:43 से 10:53सबसे अच्छा समय:सुबह 9:01 से 10:40

यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।

अप्रैल7 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि191%291%3456789%885%910111213141516171819202177%222364%242526272891%2930

7 शुभ दिन अप्रैल 2027 में नामकरण के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।

  1. 1 अप्रैलगुरुवारशुभसुबह 8:29 से 9:18कृष्ण दशमी · उत्तराषाढ़ा91%
  2. 2 अप्रैलशुक्रवारशुभसुबह 9:17 से 10:51कृष्ण एकादशी · श्रवण91%
  3. 3 अप्रैलशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  4. 4 अप्रैलरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  5. 5 अप्रैलसोमवारमुहूर्त नहींकृष्ण चतुर्दशी अगले दिन सुबह 5:40 तक, फिर अमावस्या: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  6. 6 अप्रैलमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  7. 7 अप्रैलबुधवार · चैत्र नवरात्रिशुभसुबह 9:14 से 10:48शुक्ल प्रतिपदा · रेवती89%
  8. 8 अप्रैलगुरुवारशुभसुबह 10:48 से दोपहर 12:11शुक्ल द्वितीया · अश्विनी85%
  9. 9 अप्रैलशुक्रवारमुहूर्त नहींभरणी शाम 5:11 तक, फिर कृत्तिका: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  10. 10 अप्रैलशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  11. 11 अप्रैलरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  12. 12 अप्रैलसोमवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (मृगशिरा) और शुभ तिथि (शुक्ल सप्तमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
  13. 13 अप्रैलमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  14. 14 अप्रैलबुधवारबंदसंक्रांति: सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं
  15. 15 अप्रैलगुरुवार · राम नवमीमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (पुष्य) और शुभ तिथि (शुक्ल दशमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  16. 16 अप्रैलशुक्रवारमुहूर्त नहींअश्लेषा सुबह 8:18 तक, फिर मघा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  17. 17 अप्रैलशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  18. 18 अप्रैलरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  19. 19 अप्रैलसोमवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (हस्त और चित्रा) और शुभ तिथि (शुक्ल त्रयोदशी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  20. 20 अप्रैलमंगलवार · हनुमान जयंतीयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  21. 21 अप्रैलबुधवारशुभसुबह 9:05 से 10:42कृष्ण प्रतिपदा · स्वाति77%
  22. 22 अप्रैलगुरुवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (अनुराधा) और शुभ तिथि (कृष्ण द्वितीया और कृष्ण तृतीया) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  23. 23 अप्रैलशुक्रवारशुभसुबह 9:03 से 10:41कृष्ण तृतीया · अनुराधा64%
  24. 24 अप्रैलशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  25. 25 अप्रैलरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  26. 26 अप्रैलसोमवारमुहूर्त नहींमूल सुबह 11:30 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  27. 27 अप्रैलमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  28. 28 अप्रैलबुधवारशुभसुबह 9:01 से 10:40कृष्ण सप्तमी · उत्तराषाढ़ा91%
  29. 29 अप्रैलगुरुवारमुहूर्त नहींकृष्ण अष्टमी दोपहर 3:01 तक, फिर कृष्ण नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  30. 30 अप्रैलशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (धनिष्ठा और शतभिषा) और शुभ तिथि (कृष्ण दशमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो

मुहूर्त किस काम के लिए

और यह दिन कैसे मनाया जाता है

नामकरण वह संस्कार है जिसमें बच्चे का नाम पहली बार पुकारा जाता है। मनुस्मृति (2.30) इसे जन्म के दसवें या बारहवें दिन बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार ग्यारहवाँ या बारहवाँ दिन रखते हैं। छोटी-सी पूजा या हवन के बाद पिता या घर के बड़े बच्चे के दाएँ कान में नाम कहते हैं, और नाम का पहला अक्षर अक्सर जन्म नक्षत्र से लिया जाता है।

पंचांग में अप्रैल 2027

नामकरण के लिए इसके 30 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ7 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता12 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं10 दिन
संक्रांति1 दिन

त्योहार के दिन, इस काम के लिए:

  • बुधवार, 7 अप्रैल, चैत्र नवरात्रि: नामकरण के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 9:14 से 10:48
  • गुरुवार, 15 अप्रैल, राम नवमी: इस दिन के शुभ नक्षत्र (पुष्य) और शुभ तिथि (शुक्ल दशमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  • मंगलवार, 20 अप्रैल, हनुमान जयंती: मंगलवार को यह काम नहीं किया जाता

एक दिन की जाँच

बुधवार, 28 अप्रैल 2027, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर
जाँचयह दिननियम
वारबुधवार सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार में से एक
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा उन 16 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है
तिथिकृष्ण सप्तमी अनुमत तिथि
सबसे अच्छा समयसुबह 9:01 से 10:40 राहु काल (दोपहर 12:18 से 1:57) से बाहर
लग्न और भावमिथुन लग्न लग्न मकर, मेष, कर्क या तुला न हो

यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नामकरण के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।

मुहूर्त के नियम

बच्चे का नाम रखना
नक्षत्र
  • अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • ये शास्त्रीय वर्गीकरण के ध्रुव (स्थिर), चर, मृदु और क्षिप्र नक्षत्र हैं: उग्र, तीक्ष्ण और मिश्र नक्षत्रों को छोड़कर सब, जिन्हें मुहूर्त ग्रंथ संस्कार से दूर रखते हैं
तिथियाँ
  • शुक्ल: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
वार
  • सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।

मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती) और चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल षष्ठी और अष्टमी, और कृष्ण षष्ठी और अष्टमी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।

नामकरण के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
अप्रैल 2027 में नामकरण के कितने शुभ दिन हैं?

7 दिन: गुरुवार, 1 अप्रैल 2027, शुक्रवार, 2 अप्रैल 2027, बुधवार, 7 अप्रैल 2027, गुरुवार, 8 अप्रैल 2027, बुधवार, 21 अप्रैल 2027, शुक्रवार, 23 अप्रैल 2027 और बुधवार, 28 अप्रैल 2027, नई दिल्ली के लिए।

क्या राम नवमी (15 अप्रैल 2027) नामकरण के लिए शुभ है?

पंचांग के हिसाब से नहीं: इस दिन के शुभ नक्षत्र (पुष्य) और शुभ तिथि (शुक्ल दशमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो।

अप्रैल 2027 में नामकरण के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

बुधवार, 28 अप्रैल 2027 (91%): कृष्ण सप्तमी और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, सबसे अच्छा समय सुबह 9:01 से 10:40।

अप्रैल 2027 के बाक़ी 23 दिन नामकरण के लिए किस वजह से बंद रहे?

इसके 30 दिनों में से 12 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता, 10 दिनों में ठीक नक्षत्र और तिथि एक साथ नहीं आते और 1 दिन संक्रांति का है।

अप्रैल 2027 के आसपास किस महीने में नामकरण के ज़्यादा दिन हैं?

जुलाई 2027 में, 8 दिन।

ये शुभ दिन हैं। ज़रूरी नहीं कि आपके लिए भी शुभ हों।

पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और नामकरण के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।

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