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नई दिल्ली

नामकरण का मुहूर्त जनवरी 2027
शुभ तारीख़ें और समय

नामकरण संस्कार, आम तौर पर ग्यारहवें या बारहवें दिन।

3 शुभ दिनसबसे अच्छा: बुधवार, 20 जनवरी

जनवरी में नामकरण का मुहूर्त

नई दिल्ली के समय से

जनवरी 2027 में नामकरण के लिए 3 शुभ दिन हैं: 4, 8 और 20 जनवरी। सबसे अच्छा दिन बुधवार, 20 जनवरी 2027 (94%) है। 2 और दिनों का मुहूर्त भद्रा (विष्टि करण, आधी तिथि जिसमें नया काम नहीं किया जाता) में पड़ता है या आधे घंटे से कम का है, इसलिए वे गिने नहीं गए।

4जनवरी
सोमवार, 4 जनवरीकृष्ण द्वादशी · अनुराधामुहूर्तसुबह 7:14 से 8:00; सुबह 9:42 से दोपहर 12:25सबसे अच्छा समय:सुबह 9:50 से 11:08
8जनवरी
शुक्रवार, 8 जनवरीशुक्ल प्रतिपदा · उत्तराषाढ़ामुहूर्तसुबह 9:27 से दोपहर 12:19सबसे अच्छा समय:सुबह 9:51 से 11:09
20जनवरी
बुधवार, 20 जनवरीशुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरामुहूर्तसुबह 8:39 से 11:31सबसे अच्छा समय:सुबह 9:53 से 11:12

यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।

जनवरी3 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि123482%567868%9101112131415161718192094%2122232425262728293031

3 शुभ दिन जनवरी 2027 में नामकरण के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।

  1. 1 जनवरीशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (चित्रा और स्वाति) और शुभ तिथि (कृष्ण दशमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
  2. 2 जनवरीशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  3. 3 जनवरीरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  4. 4 जनवरीसोमवारशुभसुबह 9:50 से 11:08कृष्ण द्वादशी · अनुराधा82%
  5. 5 जनवरीमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  6. 6 जनवरीबुधवारमुहूर्त नहींमूल अगले दिन सुबह 6:08 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  7. 7 जनवरीगुरुवारमुहूर्त नहींपूर्वाषाढ़ा पूरे दिन: यह नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  8. 8 जनवरीशुक्रवारशुभसुबह 9:51 से 11:09शुक्ल प्रतिपदा · उत्तराषाढ़ा68%
  9. 9 जनवरीशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  10. 10 जनवरीरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  11. 11 जनवरीसोमवारबहुत छोटाइसका मुहूर्त सुबह 7:14 से 7:32; सुबह 9:14 से 9:28 है, कुल मिलाकर आधे घंटे से कम: काम के लिए बहुत छोटा
  12. 12 जनवरीमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  13. 13 जनवरीबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा भाद्रपद) और शुभ तिथि (शुक्ल पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  14. 14 जनवरीगुरुवारबंदसंक्रांति: सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं
  15. 15 जनवरीशुक्रवार · मकर संक्रांतिबंदसंक्रांति: सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं
  16. 16 जनवरीशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  17. 17 जनवरीरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  18. 18 जनवरीसोमवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (रोहिणी) और शुभ तिथि (शुक्ल दशमी और शुक्ल एकादशी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  19. 19 जनवरीमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  20. 20 जनवरीबुधवारशुभसुबह 9:53 से 11:12शुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरा94%
  21. 21 जनवरीगुरुवारमुहूर्त नहींशुक्ल चतुर्दशी रात 9:30 तक, फिर पूर्णिमा: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  22. 22 जनवरीशुक्रवार · पौष पूर्णिमामुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (पुनर्वसु और पुष्य) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  23. 23 जनवरीशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  24. 24 जनवरीरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  25. 25 जनवरीसोमवार · सकट चौथमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा फाल्गुनी) और शुभ तिथि (कृष्ण तृतीया और कृष्ण पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  26. 26 जनवरीमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  27. 27 जनवरीबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (हस्त और चित्रा) और शुभ तिथि (कृष्ण सप्तमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  28. 28 जनवरीगुरुवारभद्रा मेंइसका मुहूर्त सुबह 8:09 से 11:01 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
  29. 29 जनवरीशुक्रवारमुहूर्त नहींकृष्ण अष्टमी अगले दिन सुबह 4:58 तक, फिर कृष्ण नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  30. 30 जनवरीशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  31. 31 जनवरीरविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता

मुहूर्त किस काम के लिए

और यह दिन कैसे मनाया जाता है

नामकरण वह संस्कार है जिसमें बच्चे का नाम पहली बार पुकारा जाता है। मनुस्मृति (2.30) इसे जन्म के दसवें या बारहवें दिन बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार ग्यारहवाँ या बारहवाँ दिन रखते हैं। छोटी-सी पूजा या हवन के बाद पिता या घर के बड़े बच्चे के दाएँ कान में नाम कहते हैं, और नाम का पहला अक्षर अक्सर जन्म नक्षत्र से लिया जाता है।

पंचांग में जनवरी 2027

नामकरण के लिए इसके 31 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ3 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता14 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं10 दिन
संक्रांति2 दिन
मुहूर्त आधे घंटे से कम1 दिन
मुहूर्त भद्रा में1 दिन

त्योहार के दिन, इस काम के लिए:

  • शुक्रवार, 15 जनवरी, मकर संक्रांति: इस दिन संक्रांति: सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं
  • शुक्रवार, 22 जनवरी, पौष पूर्णिमा: इस दिन के शुभ नक्षत्र (पुनर्वसु और पुष्य) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  • सोमवार, 25 जनवरी, सकट चौथ: इस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा फाल्गुनी) और शुभ तिथि (कृष्ण तृतीया और कृष्ण पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो

एक दिन की जाँच

बुधवार, 20 जनवरी 2027, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर
जाँचयह दिननियम
वारबुधवार सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार में से एक
नक्षत्रमृगशिरा उन 16 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है
तिथिशुक्ल त्रयोदशी अनुमत तिथि
सबसे अच्छा समयसुबह 9:53 से 11:12 राहु काल (दोपहर 12:32 से 1:51) से बाहर
लग्न और भावकुंभ लग्न। 10:06 AM से मीन लग्न लग्न मकर, मेष, कर्क या तुला न हो

यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नामकरण के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।

मुहूर्त के नियम

बच्चे का नाम रखना
नक्षत्र
  • अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • ये शास्त्रीय वर्गीकरण के ध्रुव (स्थिर), चर, मृदु और क्षिप्र नक्षत्र हैं: उग्र, तीक्ष्ण और मिश्र नक्षत्रों को छोड़कर सब, जिन्हें मुहूर्त ग्रंथ संस्कार से दूर रखते हैं
तिथियाँ
  • शुक्ल: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
वार
  • सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।

मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती) और चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल षष्ठी और अष्टमी, और कृष्ण षष्ठी और अष्टमी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।

नामकरण के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
जनवरी 2027 में नामकरण के कितने शुभ दिन हैं?

3 दिन: सोमवार, 4 जनवरी 2027, शुक्रवार, 8 जनवरी 2027 और बुधवार, 20 जनवरी 2027, नई दिल्ली के लिए।

क्या मकर संक्रांति (15 जनवरी 2027) नामकरण के लिए शुभ है?

पंचांग के हिसाब से नहीं: संक्रांति: सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं।

जनवरी 2027 में नामकरण के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

बुधवार, 20 जनवरी 2027 (94%): शुक्ल त्रयोदशी और मृगशिरा नक्षत्र, सबसे अच्छा समय सुबह 9:53 से 11:12।

जनवरी 2027 के बाक़ी 28 दिन नामकरण के लिए किस वजह से बंद रहे?

इसके 31 दिनों में से 14 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता, 10 दिनों में ठीक नक्षत्र और तिथि एक साथ नहीं आते, 2 दिन संक्रांति के हैं, 1 दिन का मुहूर्त आधे घंटे से कम है और 1 दिन का मुहूर्त भद्रा में है।

जनवरी 2027 के आसपास किस महीने में नामकरण के ज़्यादा दिन हैं?

नवंबर 2026 और फ़रवरी 2027 में, 6 दिन हर एक में; दिसंबर 2026 में 5 और मार्च 2027 में 5।

ये शुभ दिन हैं। ज़रूरी नहीं कि आपके लिए भी शुभ हों।

पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और नामकरण के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।

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