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नई दिल्ली

नामकरण का मुहूर्त अक्टूबर 2027
शुभ तारीख़ें और समय

नामकरण संस्कार, आम तौर पर ग्यारहवें या बारहवें दिन।

5 शुभ दिनसबसे अच्छा: शुक्रवार, 1 अक्टूबर

अक्टूबर में नामकरण का मुहूर्त

नई दिल्ली के समय से

अक्टूबर 2027 में नामकरण के लिए 5 शुभ दिन हैं: 1, 4, 20, 22 और 27 अक्टूबर। सबसे अच्छा दिन शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027 (94%) है। 1 और दिन का मुहूर्त भद्रा (विष्टि करण, आधी तिथि जिसमें नया काम नहीं किया जाता) में पड़ता है, इसलिए वह गिना नहीं गया।

1अक्टूबर
शुक्रवार, 1 अक्टूबरशुक्ल द्वितीया · चित्रामुहूर्तसुबह 6:13 से 7:33; सुबह 9:53 से दोपहर 12:10सबसे अच्छा समय:सुबह 6:13 से 7:33
4अक्टूबर
सोमवार, 4 अक्टूबरशुक्ल पंचमी · अनुराधामुहूर्तसुबह 6:15 से 7:21; सुबह 9:41 से दोपहर 12:09सबसे अच्छा समय:सुबह 6:15 से 7:21
20अक्टूबर
बुधवार, 20 अक्टूबरकृष्ण पंचमी · मृगशिरामुहूर्तसुबह 8:38 से दोपहर 12:05सबसे अच्छा समय:सुबह 9:15 से 10:40
22अक्टूबर
शुक्रवार, 22 अक्टूबर अहोई अष्टमीकृष्ण सप्तमी · पुनर्वसुमुहूर्तसुबह 8:29 से 11:56सबसे अच्छा समय:सुबह 9:15 से 10:40
27अक्टूबर
बुधवार, 27 अक्टूबर धनतेरसकृष्ण त्रयोदशी · उत्तरा फाल्गुनीमुहूर्तसुबह 8:11 से दोपहर 12:04सबसे अच्छा समय:सुबह 9:16 से 10:40

यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।

अक्टूबर5 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि194%23494%56789101112131415161718192091%212291%232425262791%28293031

5 शुभ दिन अक्टूबर 2027 में नामकरण के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।

  1. 1 अक्टूबरशुक्रवारशुभसुबह 6:13 से 7:33शुक्ल द्वितीया · चित्रा94%
  2. 2 अक्टूबरशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  3. 3 अक्टूबररविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  4. 4 अक्टूबरसोमवारशुभसुबह 6:15 से 7:21शुक्ल पंचमी · अनुराधा94%
  5. 5 अक्टूबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  6. 6 अक्टूबरबुधवारमुहूर्त नहींमूल अगले दिन सुबह 4:28 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  7. 7 अक्टूबरगुरुवार · दुर्गा अष्टमीमुहूर्त नहींपूर्वाषाढ़ा पूरे दिन: यह नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  8. 8 अक्टूबरशुक्रवार · महानवमीमुहूर्त नहींशुक्ल अष्टमी सुबह 6:28 तक, फिर शुक्ल नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  9. 9 अक्टूबरशनिवार · दशहरा · अबूझ मुहूर्त: परंपरा में यह दिन अपने-आप शुभ है, और कई परिवार इस दिन बिना मुहूर्त देखे काम करते हैं; पास लिखा फ़ैसला इस काम के पंचांग नियम का है, उन परिवारों के लिए जो फिर भी मुहूर्त देखते हैंयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  10. 10 अक्टूबररविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  11. 11 अक्टूबरसोमवारभद्रा मेंइसका मुहूर्त सुबह 6:19 से 6:53; सुबह 9:13 से दोपहर 12:07 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
  12. 12 अक्टूबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  13. 13 अक्टूबरबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा भाद्रपद) और शुभ तिथि (शुक्ल त्रयोदशी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
  14. 14 अक्टूबरगुरुवार · शरद पूर्णिमामुहूर्त नहींशुक्ल चतुर्दशी शाम 6:49 तक, फिर पूर्णिमा: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  15. 15 अक्टूबरशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (रेवती और अश्विनी) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  16. 16 अक्टूबरशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  17. 17 अक्टूबररविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  18. 18 अक्टूबरसोमवार · करवा चौथबंदसंक्रांति: सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं
  19. 19 अक्टूबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  20. 20 अक्टूबरबुधवारशुभसुबह 9:15 से 10:40कृष्ण पंचमी · मृगशिरा91%
  21. 21 अक्टूबरगुरुवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (पुनर्वसु) और शुभ तिथि (कृष्ण सप्तमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  22. 22 अक्टूबरशुक्रवार · अहोई अष्टमीशुभसुबह 9:15 से 10:40कृष्ण सप्तमी · पुनर्वसु91%
  23. 23 अक्टूबरशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  24. 24 अक्टूबररविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  25. 25 अक्टूबरसोमवारमुहूर्त नहींमघा शाम 4:09 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  26. 26 अक्टूबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  27. 27 अक्टूबरबुधवार · धनतेरसशुभसुबह 9:16 से 10:40कृष्ण त्रयोदशी · उत्तरा फाल्गुनी91%
  28. 28 अक्टूबरगुरुवार · नरक चतुर्दशीमुहूर्त नहींकृष्ण चतुर्दशी रात 8:48 तक, फिर अमावस्या: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  29. 29 अक्टूबरशुक्रवार · दिवालीमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (चित्रा और स्वाति) और शुभ तिथि (शुक्ल प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  30. 30 अक्टूबरशनिवार · गोवर्धन पूजायह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  31. 31 अक्टूबररविवार · भाई दूज · चित्रगुप्त पूजायह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता

मुहूर्त किस काम के लिए

और यह दिन कैसे मनाया जाता है

नामकरण वह संस्कार है जिसमें बच्चे का नाम पहली बार पुकारा जाता है। मनुस्मृति (2.30) इसे जन्म के दसवें या बारहवें दिन बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार ग्यारहवाँ या बारहवाँ दिन रखते हैं। छोटी-सी पूजा या हवन के बाद पिता या घर के बड़े बच्चे के दाएँ कान में नाम कहते हैं, और नाम का पहला अक्षर अक्सर जन्म नक्षत्र से लिया जाता है।

पंचांग में अक्टूबर 2027

नामकरण के लिए इसके 31 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ5 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता14 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं10 दिन
मुहूर्त भद्रा में1 दिन
संक्रांति1 दिन

त्योहार के दिन, इस काम के लिए:

  • गुरुवार, 7 अक्टूबर, दुर्गा अष्टमी: पूर्वाषाढ़ा पूरे दिन: यह नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  • शुक्रवार, 8 अक्टूबर, महानवमी: शुक्ल अष्टमी सुबह 6:28 तक, फिर शुक्ल नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  • शनिवार, 9 अक्टूबर, दशहरा: शनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  • गुरुवार, 14 अक्टूबर, शरद पूर्णिमा: शुक्ल चतुर्दशी शाम 6:49 तक, फिर पूर्णिमा: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  • सोमवार, 18 अक्टूबर, करवा चौथ: संक्रांति: सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं
  • शुक्रवार, 22 अक्टूबर, अहोई अष्टमी: नामकरण के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 9:15 से 10:40
  • बुधवार, 27 अक्टूबर, धनतेरस: नामकरण के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 9:16 से 10:40
  • गुरुवार, 28 अक्टूबर, नरक चतुर्दशी: कृष्ण चतुर्दशी रात 8:48 तक, फिर अमावस्या: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  • शुक्रवार, 29 अक्टूबर, दिवाली: इस दिन के शुभ नक्षत्र (चित्रा और स्वाति) और शुभ तिथि (शुक्ल प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  • शनिवार, 30 अक्टूबर, गोवर्धन पूजा: शनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  • रविवार, 31 अक्टूबर, भाई दूज और चित्रगुप्त पूजा: रविवार को यह काम नहीं किया जाता

एक दिन की जाँच

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर
जाँचयह दिननियम
वारशुक्रवार सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार में से एक
नक्षत्रचित्रा उन 16 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है
तिथिशुक्ल द्वितीया अनुमत तिथि
सबसे अच्छा समयसुबह 6:13 से 7:33 राहु काल (सुबह 10:41 से दोपहर 12:10) से बाहर
लग्न और भावकन्या लग्न लग्न मकर, मेष, कर्क या तुला न हो

यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नामकरण के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।

मुहूर्त के नियम

बच्चे का नाम रखना
नक्षत्र
  • अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • ये शास्त्रीय वर्गीकरण के ध्रुव (स्थिर), चर, मृदु और क्षिप्र नक्षत्र हैं: उग्र, तीक्ष्ण और मिश्र नक्षत्रों को छोड़कर सब, जिन्हें मुहूर्त ग्रंथ संस्कार से दूर रखते हैं
तिथियाँ
  • शुक्ल: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
वार
  • सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।

मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती) और चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल षष्ठी और अष्टमी, और कृष्ण षष्ठी और अष्टमी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।

नामकरण के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
अक्टूबर 2027 में नामकरण के कितने शुभ दिन हैं?

5 दिन: शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027, सोमवार, 4 अक्टूबर 2027, बुधवार, 20 अक्टूबर 2027, शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2027 और बुधवार, 27 अक्टूबर 2027, नई दिल्ली के लिए।

क्या दिवाली (29 अक्टूबर 2027) नामकरण के लिए शुभ है?

पंचांग के हिसाब से नहीं: इस दिन के शुभ नक्षत्र (चित्रा और स्वाति) और शुभ तिथि (शुक्ल प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो।

अक्टूबर 2027 में नामकरण के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2027 (94%): शुक्ल द्वितीया और चित्रा नक्षत्र, सबसे अच्छा समय सुबह 6:13 से 7:33।

अक्टूबर 2027 के बाक़ी 26 दिन नामकरण के लिए किस वजह से बंद रहे?

इसके 31 दिनों में से 14 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता, 10 दिनों में ठीक नक्षत्र और तिथि एक साथ नहीं आते, 1 दिन का मुहूर्त भद्रा में है और 1 दिन संक्रांति का है।

अक्टूबर 2027 के आसपास किस महीने में नामकरण के ज़्यादा दिन हैं?

नवंबर 2027 में, 11 दिन; दिसंबर 2027 में 10।

ये शुभ दिन हैं। ज़रूरी नहीं कि आपके लिए भी शुभ हों।

पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और नामकरण के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।

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