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पंचांग · तिथि

सप्तमी तिथि
भद्रा तिथि

सप्तमी पक्ष (चंद्र मास का हर पखवाड़ा, शुक्ल या कृष्ण) की 7वीं तिथि है, भद्रा तिथि, देवता सूर्य। अगली: शनिवार 31 अक्टूबर, शाम 4:57 से रविवार 1 नवंबर, दोपहर 2:52 तक (नई दिल्ली)।

शुक्ल सप्तमीकृष्ण सप्तमी

अगली सप्तमी कब है

शुरू और समाप्ति, मिनट तक, नई दिल्ली

तिथिमासशुरूसमाप्तअवधि
कृष्ण सप्तमीकार्तिकशनिवार 31 अक्टूबर, शाम 4:57रविवार 1 नवंबर, दोपहर 2:5222 घंटे
शुक्ल सप्तमीकार्तिकसोमवार 16 नवंबर, रात 2:01मंगलवार 17 नवंबर, सुबह 4:2026 घंटे
कृष्ण सप्तमीअगहनसोमवार 30 नवंबर, रात 1:47मंगलवार 1 दिसंबर, रात 12:1222 घंटे
शुक्ल सप्तमीअगहनमंगलवार 15 दिसंबर, रात 9:19बुधवार 16 दिसंबर, रात 10:4625 घंटे
कृष्ण सप्तमीपौषमंगलवार 29 दिसंबर, दोपहर 1:25बुधवार 30 दिसंबर, दोपहर 12:3623 घंटे
शुक्ल सप्तमीपौषगुरुवार 14 जनवरी 2027, दोपहर 1:59शुक्रवार 15 जनवरी 2027, दोपहर 2:1424 घंटे
कृष्ण सप्तमीमाघगुरुवार 28 जनवरी 2027, रात 3:54शुक्रवार 29 जनवरी 2027, सुबह 4:0324 घंटे
शुक्ल सप्तमीमाघशनिवार 13 फ़रवरी 2027, रात 2:59रविवार 14 फ़रवरी 2027, रात 2:0723 घंटे

तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह सूर्योदय के समय चल रही हो, इसलिए सूर्योदय के बाद शुरू होने वाली तिथि आम तौर पर अगले दिन मानी जाती है। दूसरे शहरों में सूर्योदय के हिसाब से मिनट बदलते हैं; पंचांग में आपके शहर का समय है।

इनमें सप्तमी 22 से 26 घंटे तक चली: तिथि सूर्य से चंद्रमा की 12° की दूरी है, और चंद्रमा पृथ्वी के पास तेज़ चलता है, इसलिए कोई दो तिथियाँ बराबर लंबी नहीं होतीं।

सप्तमी किस काम के लिए

भद्रा तिथि, मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में

भद्रा (कल्याण; यह विष्टि वाली भद्रा नहीं): यात्रा, नया घर या वाहन, और टिकाऊ काम।

  • शुक्ल सप्तमी: देवता सूर्य
  • कृष्ण सप्तमी: देवता सूर्य

वर्ग हर पाँच तिथियों में दोहराते हैं: नंदा (1, 6, 11) आनंद के लिए, भद्रा (2, 7, 12) टिकाऊ काम के लिए, जया (3, 8, 13) विजय के लिए, रिक्ता (4, 9, 14) निपटाने के लिए, और पूर्णा (5, 10, 15) हर शुभ शुरुआत के लिए। मुहूर्त में वार, नक्षत्र और लग्न भी देखे जाते हैं। मुहूर्त

सप्तमी पर क्या रखा जाता है

जब यह किसी ख़ास वार को पड़े

  • भानु सप्तमी: रविवार को शुक्ल सप्तमी, सूर्य के लिए

इस तिथि के त्योहार

शुक्ल और कृष्ण

शुक्ल सप्तमीकृष्ण सप्तमी
  • शुक्ल सप्तमी: चंद्रमा सूर्य से 72° से 84° आगे
  • कृष्ण सप्तमी: चंद्रमा सूर्य से 252° से 264° आगे

शुक्ल पक्ष में चंद्रमा अमावस्या से पूर्णिमा तक बढ़ता है; कृष्ण पक्ष में फिर घटता है। एक ही नाम की तिथि महीने में दो बार आती है, और उसके साथ पक्ष बोला जाता है।

क्या सप्तमी मेरे काम के लिए ठीक है?आचार्य पराशर दिन को आपकी कुंडली से पढ़ते हैं: तिथि, नक्षत्र और आपकी दशा।

आम सवाल

अगली सप्तमी कब है?

अगली सप्तमी शनिवार 31 अक्टूबर, शाम 4:57 पर शुरू होकर रविवार 1 नवंबर, दोपहर 2:52 पर ख़त्म होगी, नई दिल्ली के समय से।

सप्तमी तिथि किस काम के लिए अच्छी है?

मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में सप्तमी भद्रा (कल्याण; यह विष्टि वाली भद्रा नहीं) तिथि है, यानी यात्रा, नया घर या वाहन, और टिकाऊ काम।

सप्तमी के देवता कौन हैं?

सूर्य, दोनों पक्षों में।

आपके शहर के लिए आज की तिथि

पंचांग आपके शहर में सूर्योदय की तिथि और उसकी समाप्ति बताता है।

आज का पंचांग

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