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पंचांग · तिथि

द्वादशी तिथि
भद्रा तिथि

द्वादशी पक्ष (चंद्र मास का हर पखवाड़ा, शुक्ल या कृष्ण) की 12वीं तिथि है, भद्रा तिथि, देवता विष्णु। अगली: गुरुवार 5 नवंबर, सुबह 10:36 से शुक्रवार 6 नवंबर, सुबह 10:31 तक (नई दिल्ली)।

शुक्ल द्वादशीकृष्ण द्वादशी

अगली द्वादशी कब है

शुरू और समाप्ति, मिनट तक, नई दिल्ली

तिथिमासशुरूसमाप्तअवधि
कृष्ण द्वादशीकार्तिकगुरुवार 5 नवंबर, सुबह 10:36शुक्रवार 6 नवंबर, सुबह 10:3124 घंटे
शुक्ल द्वादशीकार्तिकशनिवार 21 नवंबर, सुबह 6:31रविवार 22 नवंबर, सुबह 4:5622 घंटे
कृष्ण द्वादशीअगहनशुक्रवार 4 दिसंबर, रात 11:45रविवार 6 दिसंबर, रात 12:5225 घंटे
शुक्ल द्वादशीअगहनरविवार 20 दिसंबर, रात 8:15सोमवार 21 दिसंबर, शाम 5:3621 घंटे
कृष्ण द्वादशीपौषरविवार 3 जनवरी 2027, शाम 4:08सोमवार 4 जनवरी 2027, शाम 6:1626 घंटे
शुक्ल द्वादशीपौषमंगलवार 19 जनवरी 2027, सुबह 7:50बुधवार 20 जनवरी 2027, सुबह 4:4121 घंटे
कृष्ण द्वादशीमाघमंगलवार 2 फ़रवरी 2027, सुबह 11:10बुधवार 3 फ़रवरी 2027, दोपहर 1:5027 घंटे
शुक्ल द्वादशीमाघबुधवार 17 फ़रवरी 2027, शाम 5:32गुरुवार 18 फ़रवरी 2027, दोपहर 2:2821 घंटे

तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह सूर्योदय के समय चल रही हो, इसलिए सूर्योदय के बाद शुरू होने वाली तिथि आम तौर पर अगले दिन मानी जाती है। दूसरे शहरों में सूर्योदय के हिसाब से मिनट बदलते हैं; पंचांग में आपके शहर का समय है।

इनमें द्वादशी 21 से 27 घंटे तक चली: तिथि सूर्य से चंद्रमा की 12° की दूरी है, और चंद्रमा पृथ्वी के पास तेज़ चलता है, इसलिए कोई दो तिथियाँ बराबर लंबी नहीं होतीं।

द्वादशी किस काम के लिए

भद्रा तिथि, मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में

भद्रा (कल्याण; यह विष्टि वाली भद्रा नहीं): यात्रा, नया घर या वाहन, और टिकाऊ काम।

  • शुक्ल द्वादशी: देवता विष्णु
  • कृष्ण द्वादशी: देवता विष्णु

वर्ग हर पाँच तिथियों में दोहराते हैं: नंदा (1, 6, 11) आनंद के लिए, भद्रा (2, 7, 12) टिकाऊ काम के लिए, जया (3, 8, 13) विजय के लिए, रिक्ता (4, 9, 14) निपटाने के लिए, और पूर्णा (5, 10, 15) हर शुभ शुरुआत के लिए। मुहूर्त में वार, नक्षत्र और लग्न भी देखे जाते हैं। मुहूर्त

द्वादशी पर क्या रखा जाता है

इस तिथि के त्योहार

शुक्ल और कृष्ण

शुक्ल द्वादशीकृष्ण द्वादशी
  • शुक्ल द्वादशी: चंद्रमा सूर्य से 132° से 144° आगे
  • कृष्ण द्वादशी: चंद्रमा सूर्य से 312° से 324° आगे

शुक्ल पक्ष में चंद्रमा अमावस्या से पूर्णिमा तक बढ़ता है; कृष्ण पक्ष में फिर घटता है। एक ही नाम की तिथि महीने में दो बार आती है, और उसके साथ पक्ष बोला जाता है।

क्या द्वादशी मेरे काम के लिए ठीक है?आचार्य पराशर दिन को आपकी कुंडली से पढ़ते हैं: तिथि, नक्षत्र और आपकी दशा।

आम सवाल

अगली द्वादशी कब है?

अगली द्वादशी गुरुवार 5 नवंबर, सुबह 10:36 पर शुरू होकर शुक्रवार 6 नवंबर, सुबह 10:31 पर ख़त्म होगी, नई दिल्ली के समय से।

द्वादशी तिथि किस काम के लिए अच्छी है?

मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में द्वादशी भद्रा (कल्याण; यह विष्टि वाली भद्रा नहीं) तिथि है, यानी यात्रा, नया घर या वाहन, और टिकाऊ काम।

द्वादशी के देवता कौन हैं?

विष्णु, दोनों पक्षों में।

आपके शहर के लिए आज की तिथि

पंचांग आपके शहर में सूर्योदय की तिथि और उसकी समाप्ति बताता है।

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