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पंचांग · तिथि

षष्ठी तिथि
नंदा तिथि

षष्ठी पक्ष (चंद्र मास का हर पखवाड़ा, शुक्ल या कृष्ण) की 6वीं तिथि है, नंदा तिथि, देवता कार्तिकेय। अगली: शुक्रवार 30 अक्टूबर, शाम 7:25 से शनिवार 31 अक्टूबर, शाम 4:57 तक (नई दिल्ली)।

शुक्ल षष्ठीकृष्ण षष्ठी

अगली षष्ठी कब है

शुरू और समाप्ति, मिनट तक, नई दिल्ली

तिथिमासशुरूसमाप्तअवधि
कृष्ण षष्ठीकार्तिकशुक्रवार 30 अक्टूबर, शाम 7:25शनिवार 31 अक्टूबर, शाम 4:5722 घंटे
शुक्ल षष्ठीकार्तिकशनिवार 14 नवंबर, रात 11:24सोमवार 16 नवंबर, रात 2:0127 घंटे
कृष्ण षष्ठीअगहनरविवार 29 नवंबर, रात 3:57सोमवार 30 नवंबर, रात 1:4722 घंटे
शुक्ल षष्ठीअगहनसोमवार 14 दिसंबर, शाम 7:16मंगलवार 15 दिसंबर, रात 9:1926 घंटे
कृष्ण षष्ठीपौषसोमवार 28 दिसंबर, दोपहर 2:58मंगलवार 29 दिसंबर, दोपहर 1:2522 घंटे
शुक्ल षष्ठीपौषबुधवार 13 जनवरी 2027, दोपहर 1:02गुरुवार 14 जनवरी 2027, दोपहर 1:5925 घंटे
कृष्ण षष्ठीमाघबुधवार 27 जनवरी 2027, सुबह 4:33गुरुवार 28 जनवरी 2027, रात 3:5423 घंटे
शुक्ल षष्ठीमाघशुक्रवार 12 फ़रवरी 2027, रात 3:18शनिवार 13 फ़रवरी 2027, रात 2:5924 घंटे

तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह सूर्योदय के समय चल रही हो, इसलिए सूर्योदय के बाद शुरू होने वाली तिथि आम तौर पर अगले दिन मानी जाती है। दूसरे शहरों में सूर्योदय के हिसाब से मिनट बदलते हैं; पंचांग में आपके शहर का समय है।

इनमें षष्ठी 22 से 27 घंटे तक चली: तिथि सूर्य से चंद्रमा की 12° की दूरी है, और चंद्रमा पृथ्वी के पास तेज़ चलता है, इसलिए कोई दो तिथियाँ बराबर लंबी नहीं होतीं।

षष्ठी किस काम के लिए

नंदा तिथि, मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में

नंदा (आनंद): उत्सव, संगीत और कला, और ऐसे काम जिनमें आनंद चाहिए।

  • शुक्ल षष्ठी: देवता कार्तिकेय
  • कृष्ण षष्ठी: देवता कार्तिकेय

वर्ग हर पाँच तिथियों में दोहराते हैं: नंदा (1, 6, 11) आनंद के लिए, भद्रा (2, 7, 12) टिकाऊ काम के लिए, जया (3, 8, 13) विजय के लिए, रिक्ता (4, 9, 14) निपटाने के लिए, और पूर्णा (5, 10, 15) हर शुभ शुरुआत के लिए। मुहूर्त में वार, नक्षत्र और लग्न भी देखे जाते हैं। मुहूर्त

षष्ठी पर क्या रखा जाता है

इस तिथि के त्योहार

शुक्ल और कृष्ण

शुक्ल षष्ठीकृष्ण षष्ठी
  • शुक्ल षष्ठी: चंद्रमा सूर्य से 60° से 72° आगे
  • कृष्ण षष्ठी: चंद्रमा सूर्य से 240° से 252° आगे

शुक्ल पक्ष में चंद्रमा अमावस्या से पूर्णिमा तक बढ़ता है; कृष्ण पक्ष में फिर घटता है। एक ही नाम की तिथि महीने में दो बार आती है, और उसके साथ पक्ष बोला जाता है।

क्या षष्ठी मेरे काम के लिए ठीक है?आचार्य पराशर दिन को आपकी कुंडली से पढ़ते हैं: तिथि, नक्षत्र और आपकी दशा।

आम सवाल

अगली षष्ठी कब है?

अगली षष्ठी शुक्रवार 30 अक्टूबर, शाम 7:25 पर शुरू होकर शनिवार 31 अक्टूबर, शाम 4:57 पर ख़त्म होगी, नई दिल्ली के समय से।

षष्ठी तिथि किस काम के लिए अच्छी है?

मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में षष्ठी नंदा (आनंद) तिथि है, यानी उत्सव, संगीत और कला, और ऐसे काम जिनमें आनंद चाहिए।

षष्ठी के देवता कौन हैं?

कार्तिकेय, दोनों पक्षों में।

आपके शहर के लिए आज की तिथि

पंचांग आपके शहर में सूर्योदय की तिथि और उसकी समाप्ति बताता है।

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