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पंचांग · तिथि

चतुर्दशी तिथि
रिक्ता तिथि

चतुर्दशी पक्ष (चंद्र मास का हर पखवाड़ा, शुक्ल या कृष्ण) की 14वीं तिथि है, रिक्ता तिथि, देवता शिव। अगली: शनिवार 7 नवंबर, सुबह 10:48 से रविवार 8 नवंबर, सुबह 11:28 तक (नई दिल्ली)।

शुक्ल चतुर्दशीकृष्ण चतुर्दशी

अगली चतुर्दशी कब है

शुरू और समाप्ति, मिनट तक, नई दिल्ली

तिथिमासशुरूसमाप्तअवधि
कृष्ण चतुर्दशीकार्तिकशनिवार 7 नवंबर, सुबह 10:48रविवार 8 नवंबर, सुबह 11:2825 घंटे
शुक्ल चतुर्दशीकार्तिकसोमवार 23 नवंबर, रात 2:37सोमवार 23 नवंबर, रात 11:4221 घंटे
कृष्ण चतुर्दशीअगहनसोमवार 7 दिसंबर, रात 2:22मंगलवार 8 दिसंबर, सुबह 4:1326 घंटे
शुक्ल चतुर्दशीअगहनमंगलवार 22 दिसंबर, दोपहर 2:24बुधवार 23 दिसंबर, सुबह 10:4720 घंटे
कृष्ण चतुर्दशीपौषमंगलवार 5 जनवरी 2027, रात 8:40बुधवार 6 जनवरी 2027, रात 11:1427 घंटे
शुक्ल चतुर्दशीपौषगुरुवार 21 जनवरी 2027, रात 1:12गुरुवार 21 जनवरी 2027, रात 9:3020 घंटे
कृष्ण चतुर्दशीमाघगुरुवार 4 फ़रवरी 2027, शाम 4:31शुक्रवार 5 फ़रवरी 2027, शाम 7:0527 घंटे
शुक्ल चतुर्दशीमाघशुक्रवार 19 फ़रवरी 2027, सुबह 11:14शनिवार 20 फ़रवरी 2027, सुबह 8:0021 घंटे

तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह सूर्योदय के समय चल रही हो, इसलिए सूर्योदय के बाद शुरू होने वाली तिथि आम तौर पर अगले दिन मानी जाती है। दूसरे शहरों में सूर्योदय के हिसाब से मिनट बदलते हैं; पंचांग में आपके शहर का समय है।

इनमें चतुर्दशी 20 से 27 घंटे तक चली: तिथि सूर्य से चंद्रमा की 12° की दूरी है, और चंद्रमा पृथ्वी के पास तेज़ चलता है, इसलिए कोई दो तिथियाँ बराबर लंबी नहीं होतीं।

चतुर्दशी किस काम के लिए

रिक्ता तिथि, मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में

रिक्ता (रिक्त): ख़त्म करने और निपटाने के काम, जैसे क़र्ज़ चुकाना; नई शुरुआत के लिए नहीं।

  • शुक्ल चतुर्दशी: देवता शिव
  • कृष्ण चतुर्दशी: देवता शिव

वर्ग हर पाँच तिथियों में दोहराते हैं: नंदा (1, 6, 11) आनंद के लिए, भद्रा (2, 7, 12) टिकाऊ काम के लिए, जया (3, 8, 13) विजय के लिए, रिक्ता (4, 9, 14) निपटाने के लिए, और पूर्णा (5, 10, 15) हर शुभ शुरुआत के लिए। मुहूर्त में वार, नक्षत्र और लग्न भी देखे जाते हैं। मुहूर्त

चतुर्दशी पर क्या रखा जाता है

कैसे रखा जाता है

  • मासिक शिवरात्रि: व्रत और निशीथ काल, आधी रात के आसपास, शिव पूजा।

इस तिथि के त्योहार

शुक्ल और कृष्ण

शुक्ल चतुर्दशीकृष्ण चतुर्दशी
  • शुक्ल चतुर्दशी: चंद्रमा सूर्य से 156° से 168° आगे
  • कृष्ण चतुर्दशी: चंद्रमा सूर्य से 336° से 348° आगे

शुक्ल पक्ष में चंद्रमा अमावस्या से पूर्णिमा तक बढ़ता है; कृष्ण पक्ष में फिर घटता है। एक ही नाम की तिथि महीने में दो बार आती है, और उसके साथ पक्ष बोला जाता है।

क्या चतुर्दशी मेरे काम के लिए ठीक है?आचार्य पराशर दिन को आपकी कुंडली से पढ़ते हैं: तिथि, नक्षत्र और आपकी दशा।

आम सवाल

अगली चतुर्दशी कब है?

अगली चतुर्दशी शनिवार 7 नवंबर, सुबह 10:48 पर शुरू होकर रविवार 8 नवंबर, सुबह 11:28 पर ख़त्म होगी, नई दिल्ली के समय से।

चतुर्दशी तिथि किस काम के लिए अच्छी है?

मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में चतुर्दशी रिक्ता (रिक्त) तिथि है, यानी ख़त्म करने और निपटाने के काम, जैसे क़र्ज़ चुकाना; नई शुरुआत के लिए नहीं।

चतुर्दशी के देवता कौन हैं?

शिव, दोनों पक्षों में।

आपके शहर के लिए आज की तिथि

पंचांग आपके शहर में सूर्योदय की तिथि और उसकी समाप्ति बताता है।

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