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पंचांग · तिथि

अष्टमी तिथि
जया तिथि

अष्टमी पक्ष (चंद्र मास का हर पखवाड़ा, शुक्ल या कृष्ण) की 8वीं तिथि है, जया तिथि, देवता शिव। अगली: रविवार 1 नवंबर, दोपहर 2:52 से सोमवार 2 नवंबर, दोपहर 1:11 तक (नई दिल्ली)।

शुक्ल अष्टमीकृष्ण अष्टमी

अगली अष्टमी कब है

शुरू और समाप्ति, मिनट तक, नई दिल्ली

तिथिमासशुरूसमाप्तअवधि
कृष्ण अष्टमीकार्तिकरविवार 1 नवंबर, दोपहर 2:52सोमवार 2 नवंबर, दोपहर 1:1122 घंटे
शुक्ल अष्टमीकार्तिकमंगलवार 17 नवंबर, सुबह 4:20बुधवार 18 नवंबर, सुबह 6:0526 घंटे
कृष्ण अष्टमीअगहनमंगलवार 1 दिसंबर, रात 12:12मंगलवार 1 दिसंबर, रात 11:1423 घंटे
शुक्ल अष्टमीअगहनबुधवार 16 दिसंबर, रात 10:46गुरुवार 17 दिसंबर, रात 11:2625 घंटे
कृष्ण अष्टमीपौषबुधवार 30 दिसंबर, दोपहर 12:36गुरुवार 31 दिसंबर, दोपहर 12:3224 घंटे
शुक्ल अष्टमीपौषशुक्रवार 15 जनवरी 2027, दोपहर 2:14शनिवार 16 जनवरी 2027, दोपहर 1:4323 घंटे
कृष्ण अष्टमीमाघशुक्रवार 29 जनवरी 2027, सुबह 4:03शनिवार 30 जनवरी 2027, सुबह 4:5825 घंटे
शुक्ल अष्टमीमाघरविवार 14 फ़रवरी 2027, रात 2:07सोमवार 15 फ़रवरी 2027, रात 12:4123 घंटे

तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह सूर्योदय के समय चल रही हो, इसलिए सूर्योदय के बाद शुरू होने वाली तिथि आम तौर पर अगले दिन मानी जाती है। दूसरे शहरों में सूर्योदय के हिसाब से मिनट बदलते हैं; पंचांग में आपके शहर का समय है।

इनमें अष्टमी 22 से 26 घंटे तक चली: तिथि सूर्य से चंद्रमा की 12° की दूरी है, और चंद्रमा पृथ्वी के पास तेज़ चलता है, इसलिए कोई दो तिथियाँ बराबर लंबी नहीं होतीं।

अष्टमी किस काम के लिए

जया तिथि, मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में

जया (विजय): मुक़दमा, परीक्षा, मुक़ाबला या कोई कठिन बातचीत।

  • शुक्ल अष्टमी: देवता शिव
  • कृष्ण अष्टमी: देवता शिव

वर्ग हर पाँच तिथियों में दोहराते हैं: नंदा (1, 6, 11) आनंद के लिए, भद्रा (2, 7, 12) टिकाऊ काम के लिए, जया (3, 8, 13) विजय के लिए, रिक्ता (4, 9, 14) निपटाने के लिए, और पूर्णा (5, 10, 15) हर शुभ शुरुआत के लिए। मुहूर्त में वार, नक्षत्र और लग्न भी देखे जाते हैं। मुहूर्त

अष्टमी पर क्या रखा जाता है

कैसे रखा जाता है

  • दुर्गाष्टमी: व्रत और दुर्गा पूजा; नवरात्रि में कन्या पूजन।

जब यह किसी ख़ास वार को पड़े

  • बुधाष्टमी: बुधवार को शुक्ल अष्टमी

इस तिथि के त्योहार

शुक्ल और कृष्ण

शुक्ल अष्टमीकृष्ण अष्टमी
  • शुक्ल अष्टमी: चंद्रमा सूर्य से 84° से 96° आगे
  • कृष्ण अष्टमी: चंद्रमा सूर्य से 264° से 276° आगे

शुक्ल पक्ष में चंद्रमा अमावस्या से पूर्णिमा तक बढ़ता है; कृष्ण पक्ष में फिर घटता है। एक ही नाम की तिथि महीने में दो बार आती है, और उसके साथ पक्ष बोला जाता है।

क्या अष्टमी मेरे काम के लिए ठीक है?आचार्य पराशर दिन को आपकी कुंडली से पढ़ते हैं: तिथि, नक्षत्र और आपकी दशा।

आम सवाल

अगली अष्टमी कब है?

अगली अष्टमी रविवार 1 नवंबर, दोपहर 2:52 पर शुरू होकर सोमवार 2 नवंबर, दोपहर 1:11 पर ख़त्म होगी, नई दिल्ली के समय से।

अष्टमी तिथि किस काम के लिए अच्छी है?

मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में अष्टमी जया (विजय) तिथि है, यानी मुक़दमा, परीक्षा, मुक़ाबला या कोई कठिन बातचीत।

अष्टमी के देवता कौन हैं?

शिव, दोनों पक्षों में।

आपके शहर के लिए आज की तिथि

पंचांग आपके शहर में सूर्योदय की तिथि और उसकी समाप्ति बताता है।

आज का पंचांग

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