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पंचांग · तिथि

एकादशी तिथि
नंदा तिथि

एकादशी पक्ष (चंद्र मास का हर पखवाड़ा, शुक्ल या कृष्ण) की 11वीं तिथि है, नंदा तिथि, देवता विश्वेदेव। अगली: बुधवार 4 नवंबर, सुबह 11:03 से गुरुवार 5 नवंबर, सुबह 10:36 तक (नई दिल्ली)।

शुक्ल एकादशीकृष्ण एकादशी

अगली एकादशी कब है

शुरू और समाप्ति, मिनट तक, नई दिल्ली

तिथिमासशुरूसमाप्तअवधि
कृष्ण एकादशीकार्तिकबुधवार 4 नवंबर, सुबह 11:03गुरुवार 5 नवंबर, सुबह 10:3624 घंटे
शुक्ल एकादशीकार्तिकशुक्रवार 20 नवंबर, सुबह 7:16शनिवार 21 नवंबर, सुबह 6:3123 घंटे
कृष्ण एकादशीअगहनगुरुवार 3 दिसंबर, रात 11:04शुक्रवार 4 दिसंबर, रात 11:4525 घंटे
शुक्ल एकादशीअगहनशनिवार 19 दिसंबर, रात 10:09रविवार 20 दिसंबर, रात 8:1522 घंटे
कृष्ण एकादशीपौषशनिवार 2 जनवरी 2027, दोपहर 2:24रविवार 3 जनवरी 2027, शाम 4:0826 घंटे
शुक्ल एकादशीपौषसोमवार 18 जनवरी 2027, सुबह 10:27मंगलवार 19 जनवरी 2027, सुबह 7:5021 घंटे
कृष्ण एकादशीमाघसोमवार 1 फ़रवरी 2027, सुबह 8:41मंगलवार 2 फ़रवरी 2027, सुबह 11:1026 घंटे
शुक्ल एकादशीमाघमंगलवार 16 फ़रवरी 2027, रात 8:19बुधवार 17 फ़रवरी 2027, शाम 5:3221 घंटे

तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह सूर्योदय के समय चल रही हो, इसलिए सूर्योदय के बाद शुरू होने वाली तिथि आम तौर पर अगले दिन मानी जाती है। दूसरे शहरों में सूर्योदय के हिसाब से मिनट बदलते हैं; पंचांग में आपके शहर का समय है।

इनमें एकादशी 21 से 26 घंटे तक चली: तिथि सूर्य से चंद्रमा की 12° की दूरी है, और चंद्रमा पृथ्वी के पास तेज़ चलता है, इसलिए कोई दो तिथियाँ बराबर लंबी नहीं होतीं।

एकादशी किस काम के लिए

नंदा तिथि, मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में

नंदा (आनंद): उत्सव, संगीत और कला, और ऐसे काम जिनमें आनंद चाहिए।

  • शुक्ल एकादशी: देवता विश्वेदेव
  • कृष्ण एकादशी: देवता विश्वेदेव

वर्ग हर पाँच तिथियों में दोहराते हैं: नंदा (1, 6, 11) आनंद के लिए, भद्रा (2, 7, 12) टिकाऊ काम के लिए, जया (3, 8, 13) विजय के लिए, रिक्ता (4, 9, 14) निपटाने के लिए, और पूर्णा (5, 10, 15) हर शुभ शुरुआत के लिए। मुहूर्त में वार, नक्षत्र और लग्न भी देखे जाते हैं। मुहूर्त

एकादशी पर क्या रखा जाता है

कैसे रखा जाता है

  • एकादशी: सूर्योदय से अन्न नहीं; व्रत अगली सुबह द्वादशी के भीतर पारण के समय खोला जाता है।

इस तिथि के त्योहार

शुक्ल और कृष्ण

शुक्ल एकादशीकृष्ण एकादशी
  • शुक्ल एकादशी: चंद्रमा सूर्य से 120° से 132° आगे
  • कृष्ण एकादशी: चंद्रमा सूर्य से 300° से 312° आगे

शुक्ल पक्ष में चंद्रमा अमावस्या से पूर्णिमा तक बढ़ता है; कृष्ण पक्ष में फिर घटता है। एक ही नाम की तिथि महीने में दो बार आती है, और उसके साथ पक्ष बोला जाता है।

क्या एकादशी मेरे काम के लिए ठीक है?आचार्य पराशर दिन को आपकी कुंडली से पढ़ते हैं: तिथि, नक्षत्र और आपकी दशा।

आम सवाल

अगली एकादशी कब है?

अगली एकादशी बुधवार 4 नवंबर, सुबह 11:03 पर शुरू होकर गुरुवार 5 नवंबर, सुबह 10:36 पर ख़त्म होगी, नई दिल्ली के समय से।

एकादशी तिथि किस काम के लिए अच्छी है?

मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में एकादशी नंदा (आनंद) तिथि है, यानी उत्सव, संगीत और कला, और ऐसे काम जिनमें आनंद चाहिए।

एकादशी के देवता कौन हैं?

विश्वेदेव, दोनों पक्षों में।

आपके शहर के लिए आज की तिथि

पंचांग आपके शहर में सूर्योदय की तिथि और उसकी समाप्ति बताता है।

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