पंचांग · तिथि
पंचमी पक्ष (चंद्र मास का हर पखवाड़ा, शुक्ल या कृष्ण) की 5वीं तिथि है, पूर्णा तिथि, देवता नाग देवता। अगली: गुरुवार 29 अक्टूबर, रात 10:10 से शुक्रवार 30 अक्टूबर, शाम 7:25 तक (नई दिल्ली)।
शुरू और समाप्ति, मिनट तक, नई दिल्ली
| तिथि | मास | शुरू | समाप्त | अवधि |
|---|---|---|---|---|
| कृष्ण पंचमी | कार्तिक | गुरुवार 29 अक्टूबर, रात 10:10 | शुक्रवार 30 अक्टूबर, शाम 7:25 | 21 घंटे |
| शुक्ल पंचमी | कार्तिक | शुक्रवार 13 नवंबर, रात 8:43 | शनिवार 14 नवंबर, रात 11:24 | 27 घंटे |
| कृष्ण पंचमी | अगहन | शनिवार 28 नवंबर, सुबह 6:40 | रविवार 29 नवंबर, रात 3:57 | 21 घंटे |
| शुक्ल पंचमी | अगहन | रविवार 13 दिसंबर, शाम 4:48 | सोमवार 14 दिसंबर, शाम 7:16 | 26 घंटे |
| कृष्ण पंचमी | पौष | रविवार 27 दिसंबर, शाम 5:13 | सोमवार 28 दिसंबर, दोपहर 2:58 | 22 घंटे |
| शुक्ल पंचमी | पौष | मंगलवार 12 जनवरी 2027, सुबह 11:29 | बुधवार 13 जनवरी 2027, दोपहर 1:02 | 26 घंटे |
| कृष्ण पंचमी | माघ | मंगलवार 26 जनवरी 2027, सुबह 6:00 | बुधवार 27 जनवरी 2027, सुबह 4:33 | 23 घंटे |
| शुक्ल पंचमी | माघ | गुरुवार 11 फ़रवरी 2027, रात 3:05 | शुक्रवार 12 फ़रवरी 2027, रात 3:18 | 24 घंटे |
तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह सूर्योदय के समय चल रही हो, इसलिए सूर्योदय के बाद शुरू होने वाली तिथि आम तौर पर अगले दिन मानी जाती है। दूसरे शहरों में सूर्योदय के हिसाब से मिनट बदलते हैं; पंचांग में आपके शहर का समय है।
इनमें पंचमी 21 से 27 घंटे तक चली: तिथि सूर्य से चंद्रमा की 12° की दूरी है, और चंद्रमा पृथ्वी के पास तेज़ चलता है, इसलिए कोई दो तिथियाँ बराबर लंबी नहीं होतीं।
पूर्णा तिथि, मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में
पूर्णा (पूर्ण): हर शुभ काम: पाँचों में सबसे पूर्ण।
वर्ग हर पाँच तिथियों में दोहराते हैं: नंदा (1, 6, 11) आनंद के लिए, भद्रा (2, 7, 12) टिकाऊ काम के लिए, जया (3, 8, 13) विजय के लिए, रिक्ता (4, 9, 14) निपटाने के लिए, और पूर्णा (5, 10, 15) हर शुभ शुरुआत के लिए। मुहूर्त में वार, नक्षत्र और लग्न भी देखे जाते हैं। मुहूर्त
शुक्ल पक्ष में चंद्रमा अमावस्या से पूर्णिमा तक बढ़ता है; कृष्ण पक्ष में फिर घटता है। एक ही नाम की तिथि महीने में दो बार आती है, और उसके साथ पक्ष बोला जाता है।
अगली पंचमी गुरुवार 29 अक्टूबर, रात 10:10 पर शुरू होकर शुक्रवार 30 अक्टूबर, शाम 7:25 पर ख़त्म होगी, नई दिल्ली के समय से।
मुहूर्त चिंतामणि के पाँच वर्गों में पंचमी पूर्णा (पूर्ण) तिथि है, यानी हर शुभ काम: पाँचों में सबसे पूर्ण।
नाग देवता, दोनों पक्षों में।
पंचांग आपके शहर में सूर्योदय की तिथि और उसकी समाप्ति बताता है।
आज का पंचांग

