2027 में मकर राशि के लिए प्रेम और विवाह, दौर-दर-दौर: मकर से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 70। रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय: 14 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से। प्रेम और विवाह के लिए सबसे मज़बूत महीने: अप्रैल, मई और दिसंबर; सबसे कमज़ोर: अगस्त।
प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 26 जून से 19 अक्टूबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए प्रेम और विवाह के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
आठवें भाव में गुरु रिश्तों में छिपा तनाव लाते हैं: कोई राज़ खुलता है, ससुराल की दख़ल बढ़ती है, या तय माना हुआ रिश्ता अचानक बदल जाता है। अगर अभी कोई रिश्ता आए, तो हाँ कहने से पहले शांति से परिवार और पृष्ठभूमि की जाँच कर लें। शादीशुदा जोड़ों के सामने साझा पैसे का कोई मामला या सेहत की चिंता आ सकती है जो उनकी परीक्षा ले — एक-दूसरे पर दोष डालने के बजाय मिलकर सामना करें। ग़ुस्से या जल्दबाज़ी में शादी या अलगाव का फ़ैसला न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।
सातवें भाव में गुरु का होना शास्त्रों में शादी का सबसे जाना-माना समय है: अच्छे रिश्ते आते हैं, बातचीत आसानी से आगे बढ़ती है और परिवार जल्दी मान जाते हैं। अगर रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो यही समय परिवारों से मिलने, रिश्ता पक्का करने और तारीख़ तय करने का है। लंबे समय से साथ चल रहे जोड़े अपने रिश्ते को नाम दे सकते हैं। शादीशुदा लोगों को एक-दूसरे से ज़्यादा साथ और सम्मान मिलता है, और खटास वाले रिश्ते को सुधरने का सच्चा मौक़ा मिलता है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है। पर आपके चौथे भाव में शनि के कारण 3 जून से 25 जून तक का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 26 नवंबर से है।
नौवें भाव में गुरु बड़ों का आशीर्वाद लाते हैं: माता-पिता, गुरुजन या परिवार के पंडित सही रिश्ता दिलाने में मदद करते हैं, और अलग पृष्ठभूमि के परिवार भी आसानी से राज़ी होते हैं। पारंपरिक विवाह, साथ में तीर्थयात्रा, या दूसरे शहर या विदेश से आए रिश्ते के लिए अच्छा समय है। शादीशुदा जोड़े साझा आस्था, यात्रा या किसी साझा लक्ष्य से क़रीब आते हैं। अगर माता-पिता की सहमति चाहिए, तो अभी माँगें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है।
तीसरे भाव में शनि प्रेम के लिए ज़रूरी हिम्मत और धैर्य देते हैं: आप अपनी बात कहते हैं, उसे निभाते हैं और दूसरों की पहल का इंतज़ार छोड़ देते हैं। जो अविवाहित सच्चे मन से कोशिश करते हैं — परिवारों से मिलना, संपर्क बनाए रखना — उन्हें नतीजे मिलते हैं, भले रफ़्तार अचानक न होकर धीमी और स्थिर हो। शादीशुदा जोड़े समस्याओं को व्यावहारिक ढंग से सुलझाते हैं और एक-दूसरे के लिए ज़्यादा भरोसेमंद बनते हैं। जो पहला क़दम टाल रहे थे, वह अब उठाएँ। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है: प्रेम में हल्कापन कम और गंभीरता ज़्यादा रहती है, इसलिए साथ में सहज ख़ुशी के पल निकालें।
चौथे भाव में शनि (कंटक शनि, छोटी पनौती) घर का सुख हिलाते हैं: घर बदलना, माता-पिता की सेहत या तंग रहन-सहन रिश्ते पर दबाव डालते हैं। शादीशुदा जोड़ों में कहाँ और कैसे रहें, इस पर बहस हो सकती है — मिलकर फ़ैसला करें और माता-पिता की ज़रूरतों और अपनी ज़रूरतों में संतुलन रखें। अविवाहितों के रिश्ते की बात घर के मामलों की वजह से टलती है। मन की शांति बचाएँ; इस समय घर का तनाव एक-दूसरे से ज़्यादा हालात से आता है।
पहले भाव में राहु बेचैनी और ध्यान खींचने की चाह बढ़ाते हैं; नए आकर्षण जल्दी आते हैं, इसलिए पक्का करने से पहले व्यक्ति को जानने में समय लें। सातवें भाव में केतु साथी से मन हटा सकते हैं; दूरी को जल्दी पहचानें और फिर से जुड़ने के लिए समय निकालें।
14 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 15 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय खरमास (सूर्य के धनु या मीन में रहने का महीना, जिसमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें
मंगल वक्री: ग़ुस्सा जल्दी भड़कता है; बात कड़वी होने से पहले बहस से हट जाएँ
बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें
सूर्य ग्रहण: आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी का भाव) में ग्रहण — इसके आसपास के हफ़्ते में सगाई, शादी या रिश्ते का कोई बड़ा फ़ैसला न करें
शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ
2027 में मकर राशि के लिए प्रेम और विवाह के मामले में सबसे अच्छा महीना मई (85) है और सबसे कमज़ोर अगस्त (52)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | शादी के दिन |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 70 | छिपा तनाव, सँभलकर; गुरु और मंगल वक्री | 7 |
| फ़रवरी | 79 | रिश्ते का मौसम; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके पहले भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके आठवें भाव में | 11 |
| मार्च | 82 | रिश्ते का मौसम; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 7 |
| अप्रैल | 84 | रिश्ते का मौसम; गुरु और मंगल वक्री | 8 |
| मई | 85 | रिश्ते का मौसम | 16 |
| जून | 70 | रिश्ते का मौसम; बुध वक्री | 12 |
| जुलाई | 53 | छिपा तनाव, सँभलकर; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके पहले भाव में | 3 |
| अगस्त | 52 | छिपा तनाव, सँभलकर; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके सातवें भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके पहले भाव में | — |
| सितंबर | 55 | छिपा तनाव, सँभलकर; शनि वक्री | — |
| अक्टूबर | 54 | छिपा तनाव, सँभलकर; शनि और बुध वक्री | — |
| नवंबर | 71 | छिपा तनाव, सँभलकर; शनि वक्री | 8 |
| दिसंबर | 84 | बड़ों का आशीर्वाद; शनि वक्री | 6 |
शुक्र, जो प्रेम, विवाह और सुख के ग्रह हैं, लगभग हर महीने नई राशि में जाते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से छठे, सातवें और दसवें को छोड़ हर भाव में अच्छे माने जाते हैं। 2027 में मकर राशि के लिए इनके 15 में से 12 दौर अच्छे हैं; भारी दौर 28 जून से 15 अगस्त तक और 3 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक हैं।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | प्रेम और विवाह के लिए |
|---|---|---|---|
| 28 जनवरी तक | वृश्चिक | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 29 जनवरी से 23 फ़रवरी तक | धनु | बारहवाँ | अच्छा |
| 24 फ़रवरी से 20 मार्च तक | मकर | पहला | अच्छा |
| 21 मार्च से 14 अप्रैल तक | कुंभ | दूसरा | अच्छा |
| 15 अप्रैल से 9 मई तक | मीन | तीसरा | अच्छा |
| 10 मई से 3 जून तक | मेष | चौथा | अच्छा |
| 4 जून से 27 जून तक | वृषभ | पाँचवाँ | अच्छा |
| 28 जून से 22 जुलाई तक | मिथुन | छठा | भारी |
| 23 जुलाई से 15 अगस्त तक | कर्क | सातवाँ | भारी |
| 16 अगस्त से 8 सितंबर तक | सिंह | आठवाँ | अच्छा |
| 9 सितंबर से 2 अक्टूबर तक | कन्या | नौवाँ | अच्छा |
| 3 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक | तुला | दसवाँ | भारी |
| 27 अक्टूबर से 20 नवंबर तक | वृश्चिक | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 21 नवंबर से 14 दिसंबर तक | धनु | बारहवाँ | अच्छा |
| 15 दिसंबर से | मकर | पहला | अच्छा |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
मकर से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
आप स्वयं: आप कैसे दिखते हैं और क्या चाहते हैं। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में राहु पूरे साल आपके पहले भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे।
परिवार, बसने वाला घर और आपस की बोलचाल। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
प्रेम, प्रेम-संबंध और संतान। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके पाँचवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके पाँचवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
विवाह और जीवनसाथी। इसके स्वामी चंद्र हैं। 2027 में केतु पूरे साल आपके सातवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके सातवें भाव में रहेंगे।
ससुराल और विवाह की लंबी उम्र। इसके स्वामी सूर्य हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके आठवें भाव में रहेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ सिंह, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
शादी के मुहूर्त
2027 में शादी के 92 मुहूर्तों में से 14 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 32 दिन प्रेम और विवाह के आपके सबसे अच्छे दौर (14 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
चंद्र आपके सातवें भाव (कर्क) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: विवाह और जीवनसाथी। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल प्रेम और विवाह के लिए चंद्र का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो सोमवार को ॐ सोमाय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन चावल और सफ़ेद वस्त्र का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। चंद्र के सभी उपाय →
100 में से 70, अच्छा। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 26 जून से 19 अक्टूबर तक समय धीमा रहता है।
प्रेम और विवाह के लिए सबसे ज़्यादा अंक अप्रैल (84), मई (85) और दिसंबर (84) के हैं, और सबसे कम अगस्त के (52)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
2027 में रिश्ता या शादी की बात आगे बढ़ाने का समय 14 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें। शादी के मुहूर्त इसके भीतर सिर्फ़ 15 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; सूर्य ग्रहण: 2 अगस्त; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
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