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मकर राशि · वार्षिक राशिफल

मकर राशिफल 2027
पूरा साल

मकर ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि है। इस पेज पर मकर राशि का 2027 का हाल है, मकर से गिने भावों में ग्रहों की चाल के हिसाब से।

मकर2027वैदिक ज्योतिषचंद्र राशि से
आप मकर पढ़ रहे हैं · बदलने के लिए दूसरी राशि चुनेंकृष्ण पक्ष, घटता चंद्रमा · चंद्रमा 93% रोशन
शनिमकर राशि पर अभी साढ़े साती नहीं है।अगली साढ़े साती 8 दिसंबर 2046 से शुरू होगी। तारीख़ें देखें →
2027 · मकर · स्वामी शनि
अच्छा

2027 में सबसे अच्छे महीने अप्रैल, मई और दिसंबर हैं और सबसे धीमे जुलाई, अगस्त और अक्टूबर — साथ में 3 जून से 19 अक्टूबर तक कंटक शनि, यानी ढैय्या।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

गुरु आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव का भाव) में हैं। योजनाएँ बिना बताए बदल सकती हैं, इसलिए बचत अलग रखें और सेहत व पैसे के फ़ैसले सोच-समझकर लें।

25 जनवरी से 25 जून तक

गुरु आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी का भाव) में आते हैं। शादी, रिश्ता तय होने और अच्छे व्यापारिक साझेदार मिलने का यह ख़ास समय है। इस दौर में गुरु कर्क राशि में हैं, जो उनकी उच्च राशि है — शास्त्रों के अनुसार यहाँ वे सबसे बलवान होते हैं।

26 नवंबर से

गुरु आपके नौवें भाव (भाग्य और धर्म का भाव) में आते हैं। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं, और तीर्थ, उच्च शिक्षा व लंबी यात्राएँ अच्छी रहती हैं।

2 जून तक, और फिर 20 अक्टूबर सेशनि आपके तीसरे भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — हिम्मत और लगातार मेहनत का फल मिलता है।

3 जून से 19 अक्टूबर तकशनि आपके चौथे भाव में (कंटक शनि, यानी शनि की ढैय्या): घर, वाहन और मन की शांति पर ध्यान चाहिए।

करियर67प्रेम70स्वास्थ्य66धन70घर-परिवार69
कुल मिलाकर68
01

2027 में करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू का सार और सबसे अच्छा समय; पूरा फल उसके अपने पेज पर
करियर67

काम के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 26 जून से 19 अक्टूबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए काम के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से: वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है।

2027 में करियर का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

प्रेम70

प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 26 जून से 19 अक्टूबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए प्रेम और विवाह के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 15 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय खरमास (सूर्य के धनु या मीन में रहने का महीना, जिसमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

2027 में प्रेम और विवाह का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

स्वास्थ्य66

सेहत के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 26 जून से 19 अक्टूबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए सेहत के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

2027 में सेहत का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

धन70

धन के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 26 जून से 19 अक्टूबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए धन के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से: एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें।

2027 में पैसा का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

घर-परिवार69

घर-परिवार के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 26 जून से 19 अक्टूबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए घर-परिवार के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

आठवें भाव में गुरु का होना घर-परिवार के लिए परीक्षा का समय है: अचानक ख़र्च, किसी बड़े की सेहत, या ससुराल या विरासत से जुड़ा कोई मामला आपका समय ले सकता है। पुश्तैनी प्रॉपर्टी के पुराने विवाद फिर उठ सकते हैं। आपात स्थिति के लिए पैसा अलग रखें, बीमा और प्रॉपर्टी के काग़ज़ ठीक कर लें, और रिश्तेदारों को उधार देने से बचें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे और चौथे भाव पर भी है: पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है; घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

25 जनवरी से 25 जून तक

सातवें भाव में गुरु घर में मेल-जोल लाते हैं: जीवनसाथी का साथ मज़बूत रहता है, ससुराल से रिश्ते सुधरते हैं, और बड़े परिवार में किसी की शादी की संभावना है। भाई-बहन भी क़रीब आते हैं। पारिवारिक कार्यक्रम रखने, साथ मिलकर रिश्तेदारों से मिलने और संयुक्त परिवार के मामले आपसी सहमति से सुलझाने का अच्छा समय है। पर आपके चौथे भाव में शनि के कारण 3 जून से 25 जून तक का समय घर-परिवार के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 26 नवंबर से है।

26 नवंबर से

नौवें भाव में गुरु पिता, बड़ों और गुरुजनों का आशीर्वाद दिलाते हैं: उनका साथ, सलाह या पैसे की मदद ज़रूरत के समय मिलती है। माता-पिता के साथ तीर्थ यात्रा, घर में कथा या हवन, या परिवार में किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए बहुत अच्छा समय है। पिता के साथ समय बिताएँ, परिवार के बड़े फ़ैसलों में बड़ों की सलाह लें, और जिस तीर्थ यात्रा की बात चल रही है, उसे पूरा करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है।

2 जून तक

तीसरा भाव शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक है: पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ निभाने की ताक़त मिलती है, और कोई भाई या बहन आपके साथ खड़ा रहता है। भाई-बहनों या चचेरे-ममेरे रिश्तों को सुधारने की कोशिश का फल मिलता है। पारिवारिक योजनाओं में आगे बढ़कर पहल करें — कार्यक्रम का इंतज़ाम, रिश्तेदारों के साथ यात्रा या कोई साझा फ़ैसला — सब अच्छा रहता है। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके पाँचवें और नौवें भाव पर भी है: बच्चों को दबाव नहीं, धैर्य और लगातार सहारा चाहिए; पिता या बड़े दूर-दूर से लग सकते हैं, इसलिए उनसे मिलते रहें और उनकी ज़िम्मेदारियों में हाथ बँटाएँ।

3 जून से 19 अक्टूबर तक

चौथे भाव में शनि (कंटक शनि, छोटी पनौती) घर की ज़िंदगी को अस्थिर करते हैं: लंबी खिंचती मरम्मत, मजबूरी में घर बदलना, प्रॉपर्टी का विवाद या बार-बार परेशान करने वाला वाहन। माँ की सेहत का ध्यान रखना ज़रूरी है, और घर में सुकून मुश्किल से मिलता है। जल्दबाज़ी में प्रॉपर्टी न ख़रीदें — ज़रूरी हो तो हर काग़ज़ दो बार जाँचें — और माँ को अपना समय दें।

पूरे साल

पहले भाव में राहु घर में बेचैनी और जल्दी भड़कने की आदत देते हैं; बोलने से पहले रुकें और मूड में आकर परिवार के बड़े फ़ैसले न लें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 2 जून तक और 26 नवंबर से: गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। इस दौर में गृह प्रवेश के मुहूर्त 7 मई से 2 जून तक और 26 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय गृह प्रवेश के लिए वर्जित हिंदू महीनों के कारण बंद है; खरमास में पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार उनमें गृह प्रवेश नहीं रखते, इसलिए गृह प्रवेश की तारीख़ इन्हीं में रखें। गृह प्रवेश मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

सावधानी
  • 13 अप्रैल तक

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

  • 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक

    मंगल वक्री: घर में ग़ुस्सा जल्दी आता है और प्रॉपर्टी के झगड़े भड़कते हैं; भाई-बहनों से बहस से बचें और निर्माण का काम शुरू न करें

  • 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक; 10 जून से 5 जुलाई तक; 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

02

2027 के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
68जन॰
77फ़र॰
80मार्च
82अप्रैल
सबसे अच्छा84मई
68जून
52जुल॰
सबसे कमज़ोर51अग॰
54सित॰
52अक्टू॰
68नव॰
82दिस॰
  • जन॰ · 68

    गुरु आठवें भाव में — भारी जगह; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह; गुरु और मंगल वक्री

  • फ़र॰ · 77

    गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री; सूर्य ग्रहण 6 फ़रवरी; चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी

  • मार्च · 80

    गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री

  • अप्रैल · 82

    गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह; गुरु और मंगल वक्री

  • मई · 84

    गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह

  • जून · 68

    गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि चौथे भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री

  • जुल॰ · 52

    गुरु आठवें भाव में — भारी जगह; शनि चौथे भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री; चंद्र ग्रहण 18 जुलाई

  • अग॰ · 51

    गुरु आठवें भाव में — भारी जगह; शनि चौथे भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री; सूर्य ग्रहण 2 अगस्त; चंद्र ग्रहण 17 अगस्त

  • सित॰ · 54

    गुरु आठवें भाव में — भारी जगह; शनि चौथे भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री

  • अक्टू॰ · 52

    गुरु आठवें भाव में — भारी जगह; शनि चौथे भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि और बुध वक्री

  • नव॰ · 68

    गुरु आठवें भाव में — भारी जगह; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह; शनि वक्री

  • दिस॰ · 82

    गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह; शनि तीसरे भाव में — अच्छी जगह; शनि वक्री

03

2027 की अहम तारीख़ें

गुरु और शनि का राशि बदलना, वक्री (उल्टी चाल वाले) ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 13 अप्रैल तक, आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में, और 25 जनवरी से सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 10 जन॰वक्री

    मंगल वक्री 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक, आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में, और 10 मार्च से सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में: ग़ुस्सा जल्दी आता है; हो सके तो प्रॉपर्टी सौदे और पहले से तय ऑपरेशन टालें।

  3. 25 जन॰गोचर

    गुरु आपके सातवें भाव में: विवाह और साझेदारी के लिए शुभ — शादी और नए व्यापारिक साझेदारों का ख़ास समय। कर्क गुरु की उच्च राशि है, जहाँ वे सबसे बलवान होते हैं।

  4. 6 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 6 फ़रवरी: आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में।

  5. 9 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में, और 24 फ़रवरी से पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  6. 21 फ़र॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 21 फ़रवरी: आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में। उपच्छाया ग्रहण।

  7. 3 जूनगोचर

    शनि आपके चौथे भाव में (कंटक शनि, यानी शनि की ढैय्या): घर, वाहन और मन की शांति पर ध्यान चाहिए। मेष शनि की नीच राशि है, जहाँ वे सबसे कमज़ोर होते हैं।

  8. 10 जूनवक्री

    बुध फिर वक्री 10 जून से 5 जुलाई तक, आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में; वही सावधानी रखें।

  9. 26 जूनगोचर

    गुरु आपके आठवें भाव में: छिपे बदलाव, शोध और विरासत के मामले; सेहत और पैसे में सावधानी चाहिए।

  10. 18 जुल॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 18 जुलाई: आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में। उपच्छाया ग्रहण।

  11. 2 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त: आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में। नई दिल्ली से दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखेगा; सूतक रात 3:53 से।

  12. 9 अग॰वक्री

    शनि वक्री 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक, आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में, और 20 अक्टूबर से तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  13. 17 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 17 अगस्त: आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में।

  14. 7 अक्टू॰वक्री

    बुध फिर वक्री 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक, आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में, और 21 अक्टूबर से नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में; वही सावधानी रखें।

  15. 20 अक्टू॰गोचर

    शनि आपके तीसरे भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — हिम्मत और लगातार मेहनत का फल मिलता है।

  16. 26 नव॰गोचर

    गुरु आपके नौवें भाव में: भाग्य, धर्म और गुरु साथ हैं — तीर्थयात्रा, ऊँची पढ़ाई और लंबी यात्राएँ अच्छी रहती हैं।

जिन ग्रहणों के आगे "भारत से दिखेगा" या "उपच्छाया" नहीं लिखा, वे भारत से नहीं दिखेंगे, इसलिए उनका सूतक नहीं माना जाता।

उपच्छाया ग्रहण में चंद्रमा बस हल्का धुँधला होता है, इसलिए दिखने पर भी सूतक नहीं माना जाता।

शादी और गृह प्रवेश के मुहूर्त, 2027

2027 में शादी के मुहूर्त 15 जनवरी से 14 मार्च तक, 15 अप्रैल से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं, और गृह प्रवेश के 7 फ़रवरी से 14 मार्च तक, 7 मई से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 14 जनवरी तक, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक और 16 दिसंबर से है, और चातुर्मास (विष्णु जी के विश्राम के चार महीने) 14 जुलाई से 9 नवंबर तक; इनमें शादी नहीं होती, और गृह प्रवेश के लिए पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार इनके बाद ही गृह प्रवेश करते हैं। (नई दिल्ली के अनुसार; हर दिन की तारीख़ें मुहूर्त पेज पर हैं।)

विवाह मुहूर्त 2027 · गृह प्रवेश मुहूर्त 2027

04

मकर राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

जिनके चंद्रमा मकर में हों, वे अनुशासित, व्यावहारिक और महत्वाकांक्षी होते हैं। ऐसे लोग मेहनत करते हैं, लंबी योजना बनाते हैं और कम उम्र में ज़िम्मेदारी उठा लेते हैं; प्यार बातों से कम, कर्तव्य से ज़्यादा जताते हैं। ये कभी रूखे लग सकते हैं और भविष्य की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। मकर शनि की राशि है, इसलिए इनकी सफलता धीरे आती है, पर टिकती है।

प्रतीकमगर
तत्वपृथ्वी
प्रकारचर
स्वामीशनि
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा (दूसरा से चौथा चरण), श्रवण, धनिष्ठा (पहला-दूसरा चरण) (चरण यानी नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा; इस राशि में उतने ही चरण आते हैं जितने लिखे हैं)
शुभ दिनशनिवार
स्वभाव की बातें
अनुशासितव्यावहारिकमहत्वाकांक्षीमेहनतीकर्तव्यनिष्ठ
ख़ूबियाँ
दूरदर्शीअडिगज़िम्मेदारव्यवस्थित
इन पर ध्यान दें
भावनाएँ कम जताने वालासुरक्षा को लेकर चिंतितज़रूरत से ज़्यादा गंभीरकभी-कभी निराशावादी
करियर
इंजीनियरिंगनिर्माण कार्यउद्योग-धंधेखननप्रशासन
05

2027 के उपाय

2027 और आपकी राशि के लिए
मंत्रॐ शं शनैश्चराय नमः — रोज़ 108 बार, आपकी राशि के स्वामी शनि के लिए। इससे मन स्थिर रहता है; दिन का कोई भी शांत समय ठीक है।
शनि के उपायऊपर वाला मंत्र शनिवार शाम भी 108 बार जपें; शनिवार को काले तिल और लोहे का दान करें, या किसी बुज़ुर्ग या मेहनतकश की मदद करें। शनि की ढैय्या: तारीख़ें और उपाय →
सुझाव2027 में प्रेम और पैसा आपके सबसे मज़बूत पक्ष हैं (70) और सेहत पर सबसे ज़्यादा ध्यान चाहिए (66)। कुल मिलाकर साल के सबसे अच्छे महीने अप्रैल, मई और दिसंबर हैं; हर पक्ष का अपना सबसे अच्छा समय उसके खाने में दिया है।
पूरा विवरणसाल भर रोज़ सुबह या शाम किसी शांत समय शनि का मंत्र «ॐ शं शनैश्चराय नमः» 108 बार जपें; शनिवार को यह ख़ास तौर पर करें। साल के कुछ हिस्से में शनि आपकी चंद्र राशि से चौथे भाव में हैं, इसलिए शनिवार को काले तिल और लोहे का दान करें, या किसी बुज़ुर्ग या मेहनतकश की मदद करें — शनि आपकी राशि के स्वामी भी हैं, इसलिए ऊपर का मंत्र ही काफ़ी है। 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक गुरु आपके आठवें भाव में हैं: इन महीनों में गुरुवार को «ॐ गुरवे नमः» का 108 बार जाप करें और चने की दाल और हल्दी का दान करें।
मकर का आज का राशिफल पढ़ें →

इस पेज के शब्द

आसान भाषा में
भाव
जीवन के बारह हिस्से जिनसे कुंडली पढ़ी जाती है, यहाँ आपकी चंद्र राशि से गिने गए: पहला भाव आप ख़ुद, दूसरा परिवार और बचत, सातवाँ विवाह, दसवाँ काम, बारहवाँ ख़र्च।
वक्री
जब कोई ग्रह धरती से देखने पर कुछ हफ़्तों तक उल्टी चाल चलते दिखते हैं। उनसे जुड़े काम धीमे पड़ते हैं और पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
दृष्टि
ग्रह जिस भाव में बैठे हों, वहाँ से जिन भावों को "देखते" हैं और उन पर असर डालते हैं: हर ग्रह अपने से सातवें भाव को; गुरु पाँचवें और नौवें को भी, शनि तीसरे और दसवें को, मंगल चौथे और आठवें को।
ढैय्या
चंद्र राशि से चौथे (कंटक शनि) या आठवें भाव (अष्टम शनि) में शनि के ढाई साल: साढ़े साती से छोटी, असर घर और सेहत पर।
पनौती
चंद्र राशि पर शनि के भारी दौर का दूसरा नाम: साढ़े साती बड़ी पनौती है, ढैय्या छोटी।
चरण (नक्षत्र का)
नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा, आकाश के 3°20′। जो नक्षत्र दो राशियों में बँटा हो, उसके कुछ चरण एक राशि में और बाक़ी दूसरी में आते हैं।
चातुर्मास और खरमास
दो दौर जिनमें शादी और दूसरे नए शुभ काम नहीं रखे जाते। चातुर्मास भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने हैं, आषाढ़ की देवशयनी एकादशी से कार्तिक की देव उठनी एकादशी तक। खरमास वह महीना है जब सूर्य धनु में, और फिर मीन में होते हैं — लगभग मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी और मध्य मार्च से मध्य अप्रैल।
ग्रहण और सूतक
ग्रहण यानी सूर्य या चंद्रमा पर छाया पड़ना। भारत से दिखने वाले ग्रहण से पहले का समय सूतक कहलाता है — सूर्य ग्रहण में लगभग बारह घंटे, चंद्र ग्रहण में नौ — जिसमें पूजा, खाना बनाना और नए काम रोके जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
2027 मकर राशि के लिए कैसा रहेगा?

अच्छा, 100 में से 68। चारों पहलू आसपास हैं, 66 से 70 के बीच।

2027 में मकर राशि के लिए सबसे अच्छा महीना कौन-सा है?

सबसे अच्छे: मई (84), अप्रैल और दिसंबर (82)। सबसे धीमे: अगस्त (51), जुलाई और अक्टूबर (52)।

क्या 2027 में मकर राशि पर साढ़े साती है?

नहीं। 2027 में शनि किसी भी समय मकर से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में नहीं हैं। पर इस साल शनि की ढैय्या चल रही है: अगला सवाल देखें।

क्या 2027 में मकर राशि पर शनि की ढैय्या है?

हाँ। ढैय्या चंद्र राशि से चौथे (कंटक शनि) या आठवें भाव (अष्टम शनि) में शनि के ढाई साल हैं। 3 जून से 19 अक्टूबर तक कंटक शनि (ढैय्या)। कंटक शनि 3 जून 2027 को शुरू होगा और 17 अप्रैल 2030 को ख़त्म होगा; बीच में 20 अक्टूबर 2027 से 22 फ़रवरी 2028 तक विराम रहेगा, जब शनि मीन राशि में होंगे।

2027 में मकर राशि के शुभ अंक और रंग क्या हैं?

अंक 4, 8; रंग भूरा, स्लेटी और काला।

राशिफल सौ करोड़ लोगों को बारह हिस्सों में बाँटता है।

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