हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।
हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।
खरमास सोमवार, 15 मार्च से मंगलवार, 13 अप्रैल तक: सूर्य मीन में, मेष संक्रांति तक; यह शादी और मुंडन के मुहूर्त बुधवार, 14 अप्रैल तक, उस दिन समेत, बंद रखता है: सूर्य उस दिन सूर्योदय के बाद राशि बदलते हैं, इसलिए वह दिन भी खरमास में गिना जाता है; जनेऊ, गृह प्रवेश, नई गाड़ी और नए व्यापार के मुहूर्त पंचांग में फिर भी हैं, पर उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं।
चैत्र नवरात्रि बुधवार, 7 अप्रैल से गुरुवार, 15 अप्रैल तक: वसंत की नवरात्रि, हिंदू नव वर्ष से राम नवमी तक।
2027 के सारे त्योहार, महीने के हिसाब से: हिंदू त्योहार 2027
नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।
| दिन | सूर्योदय की तिथि | मास | व्रत-त्योहार |
|---|---|---|---|
| 1 गुरु | कृष्ण दशमी | चैत्र | |
| 2 शुक्र | कृष्ण एकादशी | चैत्र | पापमोचनी एकादशी |
| 3 शनि | कृष्ण द्वादशी | चैत्र | |
| 4 रवि | कृष्ण त्रयोदशी | चैत्र | रवि प्रदोष व्रत |
| 5 सोम | कृष्ण चतुर्दशी | चैत्र | मासिक शिवरात्रि |
| 6 मंगल | अमावस्या | चैत्र | चैत्र अमावस्या |
| 7 बुध | शुक्ल प्रतिपदा | चैत्र | चैत्र नवरात्रि · नव संवत 2084 शुरू · गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र) · उगादी (कर्नाटक, आंध्र, तेलंगाना) |
| 8 गुरु | शुक्ल द्वितीया | चैत्र | |
| 9 शुक्र | शुक्ल तृतीया | चैत्र | गणगौर |
| 10 शनि | शुक्ल चतुर्थी | चैत्र | |
| 11 रवि | शुक्ल पंचमी | चैत्र | |
| 12 सोम | शुक्ल षष्ठी | चैत्र | |
| 13 मंगल | शुक्ल सप्तमी | चैत्र | |
| 14 बुध | शुक्ल अष्टमी | चैत्र | बैसाखी (पंजाब) · पुथांडु (तमिलनाडु) · बोहाग बिहू (असम) · चैत्र नवरात्रि दुर्गा अष्टमी · मेष संक्रांति |
| 15 गुरु | शुक्ल नवमी | चैत्र | राम नवमी · विशु (केरल) |
| 16 शुक्र | शुक्ल दशमी | चैत्र | |
| 17 शनि | शुक्ल एकादशी | चैत्र | कामदा एकादशी |
| 18 रवि | शुक्ल द्वादशी | चैत्र | रवि प्रदोष व्रत |
| 19 सोम | शुक्ल त्रयोदशी | चैत्र | महावीर जयंती |
| 20 मंगल | पूर्णिमा | चैत्र | हनुमान जयंती |
| 21 बुध | कृष्ण प्रतिपदा | वैशाख | |
| 22 गुरु | कृष्ण द्वितीया | वैशाख | |
| 23 शुक्र | कृष्ण तृतीया | वैशाख | |
| 24 शनि | कृष्ण चतुर्थी | वैशाख | संकष्टी चतुर्थी |
| 25 रवि | कृष्ण पंचमी | वैशाख | |
| 26 सोम | कृष्ण पंचमी | वैशाख | |
| 27 मंगल | कृष्ण षष्ठी | वैशाख | |
| 28 बुध | कृष्ण सप्तमी | वैशाख | |
| 29 गुरु | कृष्ण अष्टमी | वैशाख | |
| 30 शुक्र | कृष्ण नवमी | वैशाख |
तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।
जब तारीख़ अदालत दे, तो कोर्ट की सुनवाई वाले पेज पर हर दिन की सूर्य होरा है; क़ानूनी नोटिस के लिए नोटिस का जवाब वाले पेज पर जवाब के दिन हैं।
उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 अप्रैल से 20 अप्रैल तक चैत्र; फिर 21 अप्रैल से 30 अप्रैल तक वैशाख। विक्रम संवत 2083–2084।
नई दिल्ली में चैत्र पूर्णिमा व्रत मंगलवार, 20 अप्रैल को।
नई दिल्ली में चैत्र अमावस्या मंगलवार, 6 अप्रैल को।
नई दिल्ली में पापमोचनी एकादशी शुक्रवार, 2 अप्रैल को और कामदा एकादशी शनिवार, 17 अप्रैल को।
गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र) बुधवार, 7 अप्रैल को; उगादी (कर्नाटक, आंध्र, तेलंगाना) बुधवार, 7 अप्रैल को; चैत्र नवरात्रि बुधवार, 7 अप्रैल को; बैसाखी (पंजाब) बुधवार, 14 अप्रैल को; पुथांडु (तमिलनाडु) बुधवार, 14 अप्रैल को; बोहाग बिहू (असम) बुधवार, 14 अप्रैल को; राम नवमी गुरुवार, 15 अप्रैल को; विशु (केरल) गुरुवार, 15 अप्रैल को; हनुमान जयंती मंगलवार, 20 अप्रैल को। नई दिल्ली के लिए।
नई दिल्ली में सुबह 11:04 से दोपहर 1:21 तक: मध्याह्न, यानी दिन का बीच का समय, जब नवमी चल रही हो। श्री राम का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए पूजा और जन्मोत्सव तभी किए जाते हैं।
अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ, या 24 ज्योतिषियों में से किसी से पूछें कि कौन-सा व्रत आपके किस ग्रह को बल देगा। पैसे मिनट के हिसाब से।


