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नई दिल्ली

हिंदू कैलेंडर अप्रैल 2027
चैत्र – वैशाख

हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।

विक्रम संवत 2083–2084पूर्णिमांत9 त्योहार
पूर्णिमा20 अप्रैलचैत्र पूर्णिमा व्रत
अमावस्या6 अप्रैलचैत्र अमावस्या
एकादशी2 अप्रैलपापमोचनी एकादशी17 अप्रैलकामदा एकादशी
संक्रांति14 अप्रैलमेष संक्रांति
अप्रैल 2027 चैत्र · वैशाख
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि110211एकादशी312413प्रदोष514शिवरात्रि6●71चैत्र नवरात्रि8293104115126137148बैसाखी159राम नवमी16101711एकादशी1812प्रदोष191320○हनुमान जयंती211222233244संकष्टी255265276287298309
शुक्ल पक्ष कृष्ण पक्ष त्योहार ○ पूर्णिमा   ● अमावस्या

हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।

खरमास सोमवार, 15 मार्च से मंगलवार, 13 अप्रैल तक: सूर्य मीन में, मेष संक्रांति तक; यह शादी और मुंडन के मुहूर्त बुधवार, 14 अप्रैल तक, उस दिन समेत, बंद रखता है: सूर्य उस दिन सूर्योदय के बाद राशि बदलते हैं, इसलिए वह दिन भी खरमास में गिना जाता है; जनेऊ, गृह प्रवेश, नई गाड़ी और नए व्यापार के मुहूर्त पंचांग में फिर भी हैं, पर उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं।

चैत्र नवरात्रि बुधवार, 7 अप्रैल से गुरुवार, 15 अप्रैल तक: वसंत की नवरात्रि, हिंदू नव वर्ष से राम नवमी तक।

अप्रैल 2027 के व्रत-त्योहार

9 त्योहार, 8 व्रत
अप्रैल 20272शुक्रपापमोचनी एकादशीएकादशी 1–2 अप्रैल की रात 12:45 से 2–3 अप्रैल की रात 2:52 तक · पारण 3 अप्रैल, दोपहर 1:40 से शाम 4:10 तक4रविरवि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 4 अप्रैल, सुबह 4:27 से 5 अप्रैल, सुबह 5:23 तक · पूजा शाम 6:41 से रात 8:58 तक5सोममासिक शिवरात्रिचतुर्दशी 5 अप्रैल, सुबह 5:23 से 6 अप्रैल, सुबह 5:40 तक · निशीथ 5–6 अप्रैल की रात 12:00 से 12:46 तक6मंगलचैत्र अमावस्याअमावस्या 6 अप्रैल, सुबह 5:40 से 7 अप्रैल, सुबह 5:21 तक14बुधचैत्र नवरात्रि दुर्गा अष्टमीअष्टमी 13 अप्रैल, शाम 5:29 से 14 अप्रैल, दोपहर 3:24 तक17शनिकामदा एकादशीएकादशी 16 अप्रैल, सुबह 11:22 से 17 अप्रैल, सुबह 9:28 तक · पारण 18 अप्रैल, सुबह 5:53 से 7:42 तक18रविरवि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 18 अप्रैल, सुबह 7:42 से 19 अप्रैल, सुबह 6:08 तक · पूजा शाम 6:49 से रात 9:01 तक24शनिसंकष्टी चतुर्थीचतुर्थी 24 अप्रैल, सुबह 4:21 से 25 अप्रैल, सुबह 5:42 तक · चंद्रोदय रात 10:32

इस महीने ये दिन भी

9अप्रैल · शुक्रगणगौर राजस्थान, मध्य प्रदेशचैत्र शुक्ल तृतीया · सूर्योदय पर · होली के अगले दिन से अठारह दिन की पूजा के बाद महिलाएँ ईसर (शिव) के साथ गौरी की पूजा करती हैं।
19अप्रैल · सोममहावीर जयंती जैनचैत्र शुक्ल त्रयोदशी · सूर्योदय पर · जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मदिन।

2027 के सारे त्योहार, महीने के हिसाब से: हिंदू त्योहार 2027

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।

दिन-ब-दिन

सूर्योदय की तिथि और मास
दिनसूर्योदय की तिथिमासव्रत-त्योहार
1 गुरुकृष्ण दशमीचैत्र
2 शुक्रकृष्ण एकादशीचैत्रपापमोचनी एकादशी
3 शनिकृष्ण द्वादशीचैत्र
4 रविकृष्ण त्रयोदशीचैत्ररवि प्रदोष व्रत
5 सोमकृष्ण चतुर्दशीचैत्रमासिक शिवरात्रि
6 मंगलअमावस्याचैत्रचैत्र अमावस्या
7 बुधशुक्ल प्रतिपदाचैत्रचैत्र नवरात्रि · नव संवत 2084 शुरू · गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र) · उगादी (कर्नाटक, आंध्र, तेलंगाना)
8 गुरुशुक्ल द्वितीयाचैत्र
9 शुक्रशुक्ल तृतीयाचैत्रगणगौर
10 शनिशुक्ल चतुर्थीचैत्र
11 रविशुक्ल पंचमीचैत्र
12 सोमशुक्ल षष्ठीचैत्र
13 मंगलशुक्ल सप्तमीचैत्र
14 बुधशुक्ल अष्टमीचैत्रबैसाखी (पंजाब) · पुथांडु (तमिलनाडु) · बोहाग बिहू (असम) · चैत्र नवरात्रि दुर्गा अष्टमी · मेष संक्रांति
15 गुरुशुक्ल नवमीचैत्रराम नवमी · विशु (केरल)
16 शुक्रशुक्ल दशमीचैत्र
17 शनिशुक्ल एकादशीचैत्रकामदा एकादशी
18 रविशुक्ल द्वादशीचैत्ररवि प्रदोष व्रत
19 सोमशुक्ल त्रयोदशीचैत्रमहावीर जयंती
20 मंगलपूर्णिमाचैत्रहनुमान जयंती
21 बुधकृष्ण प्रतिपदावैशाख
22 गुरुकृष्ण द्वितीयावैशाख
23 शुक्रकृष्ण तृतीयावैशाख
24 शनिकृष्ण चतुर्थीवैशाखसंकष्टी चतुर्थी
25 रविकृष्ण पंचमीवैशाख
26 सोमकृष्ण पंचमीवैशाख
27 मंगलकृष्ण षष्ठीवैशाख
28 बुधकृष्ण सप्तमीवैशाख
29 गुरुकृष्ण अष्टमीवैशाख
30 शुक्रकृष्ण नवमीवैशाख

तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।

इस पेज के शब्द

हर शब्द का मतलब
  • पूर्णिमांत: उत्तर भारत का कैलेंडर, जिसमें महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है। पश्चिम और दक्षिण के अमांत कैलेंडर में महीना अमावस्या पर ख़त्म होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों महीने का नाम अलग बताते हैं।
  • शुक्ल और कृष्ण पक्ष: महीने का उजाला पखवाड़ा, जब चंद्रमा बढ़कर पूर्णिमा तक जाता है, और अँधेरा पखवाड़ा, जब घटकर अमावस्या तक।
  • संक्रांति: जिस दिन सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं; इनमें मकर संक्रांति सबसे जानी-मानी है।
  • प्रदोष: सूर्यास्त के ठीक बाद की शाम का समय।
  • निशीथ: आधी रात का समय, जब शिवरात्रि और जन्माष्टमी की पूजा होती है।
  • अपराह्न और मध्याह्न: दोपहर बाद का समय (दिन के पाँच बराबर भागों में चौथा) और दिन का बीच का समय, यानी दोपहर।
  • पारण: व्रत खोलने का समय, जैसे एकादशी का व्रत अगली सुबह खोला जाता है।
  • स्नान-दान: पूर्णिमा या अमावस्या पर पवित्र स्नान और दान।
  • क्षय: वह तिथि जो एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाए, इसलिए किसी सूर्योदय पर न दिखे; वह उसी दिन मानी जाती है जिस दिन शुरू होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

6 सवाल
अप्रैल 2027 में कौन-सा हिंदू महीना है?

उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 अप्रैल से 20 अप्रैल तक चैत्र; फिर 21 अप्रैल से 30 अप्रैल तक वैशाख। विक्रम संवत 2083–2084।

अप्रैल 2027 में पूर्णिमा कब है?

नई दिल्ली में चैत्र पूर्णिमा व्रत मंगलवार, 20 अप्रैल को।

अप्रैल 2027 में अमावस्या कब है?

नई दिल्ली में चैत्र अमावस्या मंगलवार, 6 अप्रैल को।

अप्रैल 2027 में एकादशी कब है?

नई दिल्ली में पापमोचनी एकादशी शुक्रवार, 2 अप्रैल को और कामदा एकादशी शनिवार, 17 अप्रैल को।

अप्रैल 2027 में कौन-से हिंदू त्योहार हैं?

गुड़ी पड़वा (महाराष्ट्र) बुधवार, 7 अप्रैल को; उगादी (कर्नाटक, आंध्र, तेलंगाना) बुधवार, 7 अप्रैल को; चैत्र नवरात्रि बुधवार, 7 अप्रैल को; बैसाखी (पंजाब) बुधवार, 14 अप्रैल को; पुथांडु (तमिलनाडु) बुधवार, 14 अप्रैल को; बोहाग बिहू (असम) बुधवार, 14 अप्रैल को; राम नवमी गुरुवार, 15 अप्रैल को; विशु (केरल) गुरुवार, 15 अप्रैल को; हनुमान जयंती मंगलवार, 20 अप्रैल को। नई दिल्ली के लिए।

2027 में राम नवमी की पूजा का मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली में सुबह 11:04 से दोपहर 1:21 तक: मध्याह्न, यानी दिन का बीच का समय, जब नवमी चल रही हो। श्री राम का जन्म दोपहर में हुआ था, इसलिए पूजा और जन्मोत्सव तभी किए जाते हैं।

व्रत का दिन सबके लिए एक होता है, पर हर किसी की कुंडली अलग होती है।

अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ, या 24 ज्योतिषियों में से किसी से पूछें कि कौन-सा व्रत आपके किस ग्रह को बल देगा। पैसे मिनट के हिसाब से।

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आपकी कुंडली से रिपोर्ट

9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
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