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नई दिल्ली

हिंदू कैलेंडर अक्टूबर 2027
आश्विन – कार्तिक

हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।

विक्रम संवत 2084पूर्णिमांत12 त्योहार
पूर्णिमा15 अक्टूबरआश्विन पूर्णिमा व्रत
अमावस्या29 अक्टूबरकार्तिक अमावस्या
एकादशी11 अक्टूबरपापांकुशा एकादशी25 अक्टूबररमा एकादशी
संक्रांति18 अक्टूबरतुला संक्रांति
अक्टूबर 2027 आश्विन · कार्तिक
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि12233445566778दुर्गा अष्टमी88महानवमी99दशहरा10101111एकादशी1212प्रदोष13131414शरद पूर्णिमा15○161172183करवा चौथ194205216227अहोई अष्टमी2382492511एकादशी26122713धनतेरस2814नरक चतुर्दशी29●दिवाली301गोवर्धन पूजा312भाई दूज
शुक्ल पक्ष कृष्ण पक्ष त्योहार ○ पूर्णिमा   ● अमावस्या

हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।

चातुर्मास बुधवार, 14 जुलाई से बुधवार, 10 नवंबर तक: विष्णु जी के विश्राम के चार महीने, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक; इसमें शादी, जनेऊ और विद्यारंभ के मुहूर्त नहीं निकलते; ये बुधवार, 10 नवंबर, यानी देवउठनी एकादशी के दिन से फिर हो सकते हैं; बाक़ी काम इन दिनों वैसे भी बंद हैं: मुंडन सूर्य की राशि के कारण, गृह प्रवेश चंद्र मास के कारण।

शारदीय नवरात्रि गुरुवार, 30 सितंबर से शुक्रवार, 8 अक्टूबर तक: शरद ऋतु की नवरात्रि, दशहरे से एक दिन पहले तक।

अक्टूबर 2027 के व्रत-त्योहार

12 त्योहार, 7 व्रत
अक्टूबर 20277गुरुदुर्गा अष्टमीआश्विन शुक्ल अष्टमी · सूर्योदय पर8शुक्रमहानवमीआश्विन शुक्ल नवमी · दोपहर बाद (अपराह्न)9शनिदशहराआश्विन शुक्ल दशमी · दोपहर बाद (अपराह्न)14गुरुशरद पूर्णिमाआश्विन शुक्ल पूर्णिमा · जिस रात पूर्णिमा हो, उस रात चाँदनी में18सोमकरवा चौथकार्तिक कृष्ण चतुर्थी · शाम को चंद्रोदय तक; चाँद देखकर व्रत खोला जाता है · नई दिल्ली में चंद्रोदय शाम 7:3522शुक्रअहोई अष्टमीकार्तिक कृष्ण अष्टमी · सूर्यास्त के बाद (प्रदोष) · अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त शाम 5:45 से 7:01 तक27बुधधनतेरसकार्तिक कृष्ण त्रयोदशी · सूर्यास्त के बाद (प्रदोष) · धनतेरस पूजा मुहूर्त शाम 6:43 से रात 8:15 तक28गुरुनरक चतुर्दशीकार्तिक कृष्ण चतुर्दशी · सूर्योदय पर29शुक्रदिवालीकार्तिक कृष्ण अमावस्या · सूर्यास्त के बाद (प्रदोष) · लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 6:35 से 7:06 तक30शनिगोवर्धन पूजाकार्तिक शुक्ल प्रतिपदा · सूर्योदय पर · सुबह का पूजा मुहूर्त सुबह 6:31 से 8:45 तक31रविभाई दूजकार्तिक शुक्ल द्वितीया · सूर्योदय पर · तिलक मुहूर्त (अपराह्न) दोपहर 1:11 से 3:24 तक31रविचित्रगुप्त पूजाभाई दूज वाले दिन
अक्टूबर 202711सोमपापांकुशा एकादशीएकादशी 10 अक्टूबर, सुबह 11:41 से 11 अक्टूबर, दोपहर 2:09 तक · पारण 12 अक्टूबर, सुबह 6:20 से 8:38 तक12मंगलभौम प्रदोष व्रतत्रयोदशी 12 अक्टूबर, शाम 4:14 से 13 अक्टूबर, शाम 5:48 तक · पूजा शाम 5:55 से रात 8:24 तक15शुक्रआश्विन पूर्णिमा व्रतपूर्णिमा 14 अक्टूबर, शाम 6:49 से 15 अक्टूबर, शाम 7:16 तक18सोमसंकष्टी चतुर्थीचतुर्थी 18 अक्टूबर, शाम 5:52 से 19 अक्टूबर, शाम 4:42 तक · चंद्रोदय शाम 7:3525सोमरमा एकादशीएकादशी 25 अक्टूबर, सुबह 5:40 से 25–26 अक्टूबर की रात 3:22 तक · पारण 26 अक्टूबर, दोपहर 1:13 से 3:26 तक27बुधबुध प्रदोष व्रतत्रयोदशी 26–27 अक्टूबर की रात 1:04 से 27 अक्टूबर, रात 10:50 तक · पूजा शाम 5:41 से रात 8:15 तक27बुधमासिक शिवरात्रिचतुर्दशी 27 अक्टूबर, रात 10:50 से 28 अक्टूबर, रात 8:48 तक · निशीथ 27 अक्टूबर, रात 11:39 से 12:30 तक

इस महीने ये दिन भी

15अक्टूबर · शुक्रवाल्मीकि जयंतीआश्विन शुक्ल पूर्णिमा · सूर्योदय पर · रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि का जन्मदिन, आश्विन पूर्णिमा पर।

2027 के सारे त्योहार, महीने के हिसाब से: हिंदू त्योहार 2027

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।

दिन-ब-दिन

सूर्योदय की तिथि और मास
दिनसूर्योदय की तिथिमासव्रत-त्योहार
1 शुक्रशुक्ल द्वितीयाआश्विन
2 शनिशुक्ल तृतीयाआश्विन
3 रविशुक्ल चतुर्थीआश्विन
4 सोमशुक्ल पंचमीआश्विन
5 मंगलशुक्ल षष्ठीआश्विन
6 बुधशुक्ल सप्तमीआश्विन
7 गुरुशुक्ल अष्टमीआश्विनदुर्गा अष्टमी
8 शुक्रशुक्ल अष्टमीआश्विनमहानवमी
9 शनिशुक्ल नवमीआश्विनदशहरा
10 रविशुक्ल दशमीआश्विन
11 सोमशुक्ल एकादशीआश्विनपापांकुशा एकादशी
12 मंगलशुक्ल द्वादशीआश्विनभौम प्रदोष व्रत
13 बुधशुक्ल त्रयोदशीआश्विन
14 गुरुशुक्ल चतुर्दशीआश्विनशरद पूर्णिमा
15 शुक्रपूर्णिमाआश्विनआश्विन पूर्णिमा व्रत · वाल्मीकि जयंती
16 शनिकृष्ण प्रतिपदाकार्तिक
17 रविकृष्ण द्वितीयाकार्तिक
18 सोमकृष्ण तृतीयाकार्तिककरवा चौथ · संकष्टी चतुर्थी · तुला संक्रांति
19 मंगलकृष्ण चतुर्थीकार्तिक
20 बुधकृष्ण पंचमीकार्तिक
21 गुरुकृष्ण षष्ठीकार्तिक
22 शुक्रकृष्ण सप्तमीकार्तिकअहोई अष्टमी
23 शनिकृष्ण अष्टमीकार्तिक
24 रविकृष्ण नवमीकार्तिक
25 सोमकृष्ण एकादशीकार्तिकरमा एकादशी
26 मंगलकृष्ण द्वादशीकार्तिक
27 बुधकृष्ण त्रयोदशीकार्तिकधनतेरस · बुध प्रदोष व्रत · मासिक शिवरात्रि
28 गुरुकृष्ण चतुर्दशीकार्तिकनरक चतुर्दशी
29 शुक्रअमावस्याकार्तिकदिवाली
30 शनिशुक्ल प्रतिपदाकार्तिकगोवर्धन पूजा
31 रविशुक्ल द्वितीयाकार्तिकभाई दूज · चित्रगुप्त पूजा

तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।

शरद पूर्णिमा गुरुवार, 14 अक्टूबर को है और आश्विन पूर्णिमा व्रत शुक्रवार, 15 अक्टूबर को: शरद पूर्णिमा में पूर्णिमा रात को, चाँदनी में देखी जाती है, और पूर्णिमा का व्रत उस पहले दिन रखा जाता है जिस दिन मध्याह्न में, यानी दोपहर में पूर्णिमा हो।

इस पेज के शब्द

हर शब्द का मतलब
  • पूर्णिमांत: उत्तर भारत का कैलेंडर, जिसमें महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है। पश्चिम और दक्षिण के अमांत कैलेंडर में महीना अमावस्या पर ख़त्म होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों महीने का नाम अलग बताते हैं।
  • शुक्ल और कृष्ण पक्ष: महीने का उजाला पखवाड़ा, जब चंद्रमा बढ़कर पूर्णिमा तक जाता है, और अँधेरा पखवाड़ा, जब घटकर अमावस्या तक।
  • संक्रांति: जिस दिन सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं; इनमें मकर संक्रांति सबसे जानी-मानी है।
  • प्रदोष: सूर्यास्त के ठीक बाद की शाम का समय।
  • निशीथ: आधी रात का समय, जब शिवरात्रि और जन्माष्टमी की पूजा होती है।
  • अपराह्न और मध्याह्न: दोपहर बाद का समय (दिन के पाँच बराबर भागों में चौथा) और दिन का बीच का समय, यानी दोपहर।
  • पारण: व्रत खोलने का समय, जैसे एकादशी का व्रत अगली सुबह खोला जाता है।
  • स्नान-दान: पूर्णिमा या अमावस्या पर पवित्र स्नान और दान।
  • क्षय: वह तिथि जो एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाए, इसलिए किसी सूर्योदय पर न दिखे; वह उसी दिन मानी जाती है जिस दिन शुरू होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

11 सवाल
अक्टूबर 2027 में कौन-सा हिंदू महीना है?

उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक आश्विन; फिर 16 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक कार्तिक। विक्रम संवत 2084।

अक्टूबर 2027 में पूर्णिमा कब है?

नई दिल्ली में आश्विन पूर्णिमा व्रत शुक्रवार, 15 अक्टूबर को।

अक्टूबर 2027 में अमावस्या कब है?

नई दिल्ली में कार्तिक अमावस्या शुक्रवार, 29 अक्टूबर को।

अक्टूबर 2027 में एकादशी कब है?

नई दिल्ली में पापांकुशा एकादशी सोमवार, 11 अक्टूबर को और रमा एकादशी सोमवार, 25 अक्टूबर को।

अक्टूबर 2027 में कौन-से हिंदू त्योहार हैं?

दुर्गा अष्टमी गुरुवार, 7 अक्टूबर को; महानवमी शुक्रवार, 8 अक्टूबर को; दशहरा शनिवार, 9 अक्टूबर को; शरद पूर्णिमा गुरुवार, 14 अक्टूबर को; करवा चौथ सोमवार, 18 अक्टूबर को; अहोई अष्टमी शुक्रवार, 22 अक्टूबर को; धनतेरस बुधवार, 27 अक्टूबर को; नरक चतुर्दशी गुरुवार, 28 अक्टूबर को; दिवाली शुक्रवार, 29 अक्टूबर को; गोवर्धन पूजा शनिवार, 30 अक्टूबर को; भाई दूज रविवार, 31 अक्टूबर को; चित्रगुप्त पूजा रविवार, 31 अक्टूबर को। नई दिल्ली के लिए।

करवा चौथ 2027 पर चाँद कब निकलेगा?

नई दिल्ली में शाम 7:35। भारत के पूर्व में चाँद पहले और पश्चिम व दक्षिण में बाद में निकलता है: 2027 में गुवाहाटी में शाम 6:41 से कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में रात 8:20 तक। हर शहर का समय करवा चौथ के पेज पर दिया है।

अहोई अष्टमी 2027 पर तारे कब दिखेंगे?

नई दिल्ली में शाम 6:09, सूर्यास्त के एक घड़ी (24 मिनट) बाद; माताएँ तभी तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। पूजा सूर्यास्त से, शाम 5:45 से 7:01 तक, की जाती है। जो परिवार चाँद का इंतज़ार करते हैं, वे चंद्रोदय पर, रात 11:41, व्रत खोलते हैं; इस रात चाँद देर से निकलता है।

2027 में धनतेरस पूजा का मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली में शाम 6:43 से रात 8:15 तक: जब प्रदोष काल (शाम 5:41 से रात 8:15 तक) और स्थिर लग्न वृषभ काल साथ हों और त्रयोदशी चल रही हो, वही नियम जो दिवाली की लक्ष्मी पूजा का है।

दिवाली 2027 पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली में शाम 6:35 से शाम 7:06 तक। यह वह समय है जब प्रदोष काल (शाम 5:39 से रात 8:13 तक) और स्थिर लग्न वृषभ काल साथ हों और अमावस्या चल रही हो: स्थिर लग्न में की गई लक्ष्मी पूजा से लक्ष्मी घर में ठहरती हैं, ऐसा माना जाता है।

2027 में गोवर्धन पूजा का मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली में मुहूर्त सुबह 6:31 से 8:45 तक है, यानी दिन का पहला पाँचवाँ भाग। शाम का मुहूर्त दोपहर 3:25 से शाम 5:38 तक है, यानी दिन का आख़िरी पाँचवाँ भाग, जब तक प्रतिपदा चल रही हो।

भाई दूज 2027 पर तिलक का मुहूर्त क्या है?

नई दिल्ली में दोपहर 1:11 से 3:24 तक: अपराह्न, यानी दिन का चौथा पाँचवाँ भाग, जब द्वितीया चल रही हो। बहन इसी समय भाई को तिलक लगाती है, और भाई उसके हाथ का बना खाना खाता है।

व्रत का दिन सबके लिए एक होता है, पर हर किसी की कुंडली अलग होती है।

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आपकी कुंडली से रिपोर्ट

9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
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