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नई दिल्ली · फाल्गुन शुक्ल एकादशी

आमलकी एकादशी 2027
गुरुवार, 18 मार्च 2027

फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी, होली से कुछ दिन पहले।

पारण शुक्रवार, 19 मार्च, सुबह 7:14 से 8:51 तकविष्णु2026, 2027, 2028
आमलकी एकादशी 2027 · नई दिल्लीगुरुवार, 18 मार्चआमलकी एकादशी · फाल्गुन शुक्ल एकादशी
एकादशी शुरू
18 मार्च, सुबह 4:21
एकादशी समाप्त
18–19 मार्च की रात 1:51
पारण (व्रत खोलने का समय)
19 मार्च, सुबह 7:14 से 8:51 तक
हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) समाप्त
19 मार्च, सुबह 7:14
उसके बाद · नई दिल्लीमंगलवार, 7 मार्च 2028आमलकी एकादशी · फाल्गुन शुक्ल एकादशी
एकादशी शुरू
6 मार्च, रात 11:01
एकादशी समाप्त
7 मार्च, रात 8:30
पारण (व्रत खोलने का समय)
8 मार्च, सुबह 6:39 से 8:59 तक

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।

2026, 2027, 2028 में आमलकी एकादशी

तिथि और पारण के साथ
202627 फ़रवरीशुक्रवारएकादशी 26–27 फ़रवरी की रात 12:33 से 27 फ़रवरी, रात 10:33 तकपारण 28 फ़रवरी, सुबह 6:48 से 9:05 तक
202718 मार्चगुरुवारएकादशी 18 मार्च, सुबह 4:21 से 18–19 मार्च की रात 1:51 तकपारण 19 मार्च, सुबह 7:14 से 8:51 तक
20287 मार्चमंगलवारएकादशी 6 मार्च, रात 11:01 से 7 मार्च, रात 8:30 तकपारण 8 मार्च, सुबह 6:39 से 8:59 तक
आमलकी एकादशी रख रहे हैं?हमारे मुहूर्त ज्योतिषी एस्ट्रो मुहूर्त से व्रत, उसकी पूजा और अपने शहर के समय के बारे में पूछें।

आमलकी एकादशी के बारे में

इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा होती है, और काशी में यह रंगभरी एकादशी है, जब काशी विश्वनाथ में पहली बार गुलाल खेला जाता है।

दूसरे नाम: आंवला एकादशी; काशी में रंगभरी एकादशी।

यह किस लिए रखी जाती है

आँवले के पेड़ की पूजा, रक्षा और पुण्य के लिए, जैसा इसकी कथा में है।

आमलकी एकादशी व्रत कथा

वैदिश नगर में राजा चैत्ररथ और उनकी सारी प्रजा आमलकी एकादशी रखती थी, मंदिर के पास आंवले के पेड़ की पूजा करती और रात भर जागती थी। एक भूखा बहेलिया वहाँ आया, देखने-सुनने के लिए रुक गया, और रात भर उनके साथ जागता रहा।

अगले जन्म में वह राजा वसुरथ हुआ। एक बार वन में सोते समय लुटेरों ने उस पर हमला किया, और उसके शरीर से एक देवी प्रकट होकर उन्हें नष्ट कर गई। उसे बताया गया कि यह उसी एक रात का पुण्य था।

पद्म पुराण के उत्तर खंड के एकादशी माहात्म्य से, जहाँ श्री कृष्ण युधिष्ठिर को हर एकादशी की कथा और उसका पुण्य सुनाते हैं।

व्रत विधि

आँवले के पेड़ के पास: जड़ में जल और रोली, घी का दीपक, और तने पर कच्चा सूत लपेटा जाता है। भगवान विष्णु को आँवला चढ़ाया जाता है, जिनका वास इस पेड़ में माना जाता है।

बाक़ी यह हर एकादशी की तरह रखी जाती है: दशमी को बिना चावल का एक बार सात्विक भोजन, सुबह संकल्प, एक दिन पहले तोड़ी तुलसी से विष्णु पूजा, कथा, और पारण तक कोई अनाज नहीं, उसकी जगह फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़ा। एकादशी पेज पर हर चरण और क्या खाएँ, किससे बचें, इसकी पूरी सूची है।

व्रत कब खोलें

हरि वासर, यानी द्वादशी का पहला चौथाई भाग, 19 मार्च, सुबह 7:14 पर, प्रातःकाल यानी दिन के पहले पाँचवें हिस्से में ही, ख़त्म होता है, इसलिए व्रत तभी से खोला जाता है: शुक्रवार, 19 मार्च को सुबह 7:14 से 8:51 तक, नई दिल्ली में।

सभी एकादशी

और हर एक कब है
5नवंबररमा एकादशीकार्तिक कृष्ण एकादशीगुरुवार, 5 नवंबर 202620नवंबरदेवउठनी एकादशीकार्तिक शुक्ल एकादशीशुक्रवार, 20 नवंबर 20264दिसंबरउत्पन्ना एकादशीअगहन कृष्ण एकादशीशुक्रवार, 4 दिसंबर 202620दिसंबरमोक्षदा एकादशीअगहन शुक्ल एकादशीरविवार, 20 दिसंबर 20263जनवरीसफला एकादशीपौष कृष्ण एकादशीरविवार, 3 जनवरी 202718जनवरीपौष पुत्रदा एकादशीपौष शुक्ल एकादशीसोमवार, 18 जनवरी 20272फ़रवरीषटतिला एकादशीमाघ कृष्ण एकादशीमंगलवार, 2 फ़रवरी 202717फ़रवरीजया एकादशीमाघ शुक्ल एकादशीबुधवार, 17 फ़रवरी 20274मार्चविजया एकादशीफाल्गुन कृष्ण एकादशीगुरुवार, 4 मार्च 202718मार्चआमलकी एकादशीफाल्गुन शुक्ल एकादशीगुरुवार, 18 मार्च 20272अप्रैलपापमोचनी एकादशीचैत्र कृष्ण एकादशीशुक्रवार, 2 अप्रैल 202717अप्रैलकामदा एकादशीचैत्र शुक्ल एकादशीशनिवार, 17 अप्रैल 20272मईवरूथिनी एकादशीवैशाख कृष्ण एकादशीरविवार, 2 मई 202716मईमोहिनी एकादशीवैशाख शुक्ल एकादशीरविवार, 16 मई 20271जूनअपरा एकादशीज्येष्ठ कृष्ण एकादशीमंगलवार, 1 जून 202714जूननिर्जला एकादशीज्येष्ठ शुक्ल एकादशीसोमवार, 14 जून 202730जूनयोगिनी एकादशीआषाढ़ कृष्ण एकादशीबुधवार, 30 जून 202714जुलाईदेवशयनी एकादशीआषाढ़ शुक्ल एकादशीबुधवार, 14 जुलाई 202729जुलाईकामिका एकादशीसावन कृष्ण एकादशीगुरुवार, 29 जुलाई 202712अगस्तश्रावण पुत्रदा एकादशीसावन शुक्ल एकादशीगुरुवार, 12 अगस्त 202728अगस्तअजा एकादशीभादों कृष्ण एकादशीशनिवार, 28 अगस्त 202711सितंबरपरिवर्तिनी एकादशीभादों शुक्ल एकादशीशनिवार, 11 सितंबर 202726सितंबरइंदिरा एकादशीआश्विन कृष्ण एकादशीरविवार, 26 सितंबर 202711अक्टूबरपापांकुशा एकादशीआश्विन शुक्ल एकादशीसोमवार, 11 अक्टूबर 202726मार्चपद्मिनी एकादशीअधिक चैत्र शुक्ल एकादशीसोमवार, 26 मार्च 20299अप्रैलपरमा एकादशीअधिक चैत्र कृष्ण एकादशीसोमवार, 9 अप्रैल 2029

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

8 सवाल
2027 में आमलकी एकादशी कब है?

2027 में आमलकी एकादशी गुरुवार, 18 मार्च 2027 को है, नई दिल्ली में। एकादशी 18 मार्च, सुबह 4:21 से 18–19 मार्च की रात 1:51 तक रहेगी।

2027 में आमलकी एकादशी का पारण कब है?

शुक्रवार, 19 मार्च को, सुबह 7:14 से 8:51 तक, नई दिल्ली में। सूर्योदय के बाद, हरि वासर ख़त्म होने पर और द्वादशी ख़त्म होने से पहले व्रत खोलें।

फ़रवरी 2026 में आमलकी एकादशी की तारीख़?

नई दिल्ली में शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2026; पारण 28 फ़रवरी को, सुबह 6:48 से 9:05 तक।

मार्च 2028 में आमलकी एकादशी की तारीख़?

नई दिल्ली में मंगलवार, 7 मार्च 2028; पारण 8 मार्च को, सुबह 6:39 से 8:59 तक।

आमलकी एकादशी किस महीने में आती है?

फाल्गुन शुक्ल एकादशी, उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में।

क्या एकादशी पर पानी पी सकते हैं?

हाँ, अगर आपने निर्जला का संकल्प नहीं लिया है। ज़्यादातर परिवार एकादशी जल और फलाहार के साथ रखते हैं; परंपरा में सिर्फ़ ज्येष्ठ की निर्जला एकादशी बिना पानी के रखी जाती है। कौन-सा व्रत रख रहे हैं, यह संकल्प के समय तय करें।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा एकादशी के व्रत से हर अनाज को, और सबसे पहले चावल को, दूर रखती है; पुराण कहते हैं कि इस दिन पाप अन्न में आश्रय लेता है। जो व्रत नहीं रखते, वे भी आमतौर पर उस दिन चावल नहीं खाते।

पारण क्या है, और समय छूट जाए तो?

पारण का मतलब है द्वादशी को, हर तारीख़ के साथ दिए समय में, व्रत खोलना। समय निकल जाए तो द्वादशी रहते जितनी जल्दी हो सके, जल और थोड़े प्रसाद से व्रत खोलें। परंपरा में दोष द्वादशी ख़त्म होने के बाद व्रत खोलना माना जाता है।

व्रत का दिन सबके लिए एक होता है, पर हर किसी की कुंडली अलग होती है।

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आपकी कुंडली से रिपोर्ट

9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
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