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नई दिल्ली · आश्विन कृष्ण एकादशी

इंदिरा एकादशी 2027
रविवार, 26 सितंबर 2027

आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी, जो पितृ पक्ष में पड़ती है।

पारण सोमवार, 27 सितंबर, सुबह 6:12 से 8:35 तकविष्णु2026, 2027, 2028
इंदिरा एकादशी 2027 · नई दिल्लीरविवार, 26 सितंबरइंदिरा एकादशी · आश्विन कृष्ण एकादशी
एकादशी शुरू
25 सितंबर, रात 10:31
एकादशी समाप्त
26 सितंबर, शाम 7:49
पारण (व्रत खोलने का समय)
27 सितंबर, सुबह 6:12 से 8:35 तक
उसके बाद · नई दिल्लीशुक्रवार, 15 सितंबर 2028इंदिरा एकादशी · आश्विन कृष्ण एकादशी
एकादशी शुरू
14 सितंबर, दोपहर 3:55
एकादशी समाप्त
15 सितंबर, दोपहर 1:42
पारण (व्रत खोलने का समय)
16 सितंबर, सुबह 6:07 से 8:34 तक

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।

2026, 2027, 2028 में इंदिरा एकादशी

तिथि और पारण के साथ
20266 अक्टूबरमंगलवारएकादशी 5–6 अक्टूबर की रात 2:08 से 6–7 अक्टूबर की रात 12:35 तकपारण 7 अक्टूबर, सुबह 6:18 से 8:37 तक
202726 सितंबररविवारएकादशी 25 सितंबर, रात 10:31 से 26 सितंबर, शाम 7:49 तकपारण 27 सितंबर, सुबह 6:12 से 8:35 तक
202815 सितंबरशुक्रवारएकादशी 14 सितंबर, दोपहर 3:55 से 15 सितंबर, दोपहर 1:42 तकपारण 16 सितंबर, सुबह 6:07 से 8:34 तक
इंदिरा एकादशी रख रहे हैं?हमारे मुहूर्त ज्योतिषी एस्ट्रो मुहूर्त से व्रत, उसकी पूजा और अपने शहर के समय के बारे में पूछें।

इंदिरा एकादशी के बारे में

यह पितरों के लिए रखी जाती है, और उस दिन का श्राद्ध भी इसी के साथ होता है।

यह किस लिए रखी जाती है

पितर: पितृ पक्ष में रखी जाती है, और इसका पुण्य दिवंगत माता-पिता को दिया जाता है।

इंदिरा एकादशी व्रत कथा

नारद जी माहिष्मती के राजा इंद्रसेन के पास एक समाचार लेकर आए: उन्होंने राजा के पिता को यमलोक में देखा था, जहाँ वे इसलिए रुके थे कि उन्होंने कभी एकादशी का व्रत तोड़ दिया था।

नारद जी ने इंद्रसेन को आश्विन की इंदिरा एकादशी श्राद्ध और दान के साथ रखकर उसका पुण्य पिता को देने को कहा। राजा ने व्रत रखा, और उनके पिता बैकुंठ गए।

पद्म पुराण के उत्तर खंड के एकादशी माहात्म्य से, जहाँ श्री कृष्ण युधिष्ठिर को हर एकादशी की कथा और उसका पुण्य सुनाते हैं।

व्रत विधि

श्राद्ध दोपहर में किया जाता है: पितरों के नाम से ब्राह्मण, गाय और कौओं को भोजन दिया जाता है, और व्रत का पुण्य दिवंगत माता या पिता को अर्पित किया जाता है।

बाक़ी यह हर एकादशी की तरह रखी जाती है: दशमी को बिना चावल का एक बार सात्विक भोजन, सुबह संकल्प, एक दिन पहले तोड़ी तुलसी से विष्णु पूजा, कथा, और पारण तक कोई अनाज नहीं, उसकी जगह फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़ा। एकादशी पेज पर हर चरण और क्या खाएँ, किससे बचें, इसकी पूरी सूची है।

व्रत कब खोलें

हरि वासर, यानी द्वादशी का पहला चौथाई भाग, 26–27 सितंबर की रात 1:07 तक, सूर्योदय से पहले ही, ख़त्म हो जाता है, इसलिए व्रत प्रातःकाल यानी दिन के पहले पाँचवें हिस्से में खोला जाता है: सोमवार, 27 सितंबर को सुबह 6:12 से 8:35 तक, नई दिल्ली में।

सभी एकादशी

और हर एक कब है
5नवंबररमा एकादशीकार्तिक कृष्ण एकादशीगुरुवार, 5 नवंबर 202620नवंबरदेवउठनी एकादशीकार्तिक शुक्ल एकादशीशुक्रवार, 20 नवंबर 20264दिसंबरउत्पन्ना एकादशीअगहन कृष्ण एकादशीशुक्रवार, 4 दिसंबर 202620दिसंबरमोक्षदा एकादशीअगहन शुक्ल एकादशीरविवार, 20 दिसंबर 20263जनवरीसफला एकादशीपौष कृष्ण एकादशीरविवार, 3 जनवरी 202718जनवरीपौष पुत्रदा एकादशीपौष शुक्ल एकादशीसोमवार, 18 जनवरी 20272फ़रवरीषटतिला एकादशीमाघ कृष्ण एकादशीमंगलवार, 2 फ़रवरी 202717फ़रवरीजया एकादशीमाघ शुक्ल एकादशीबुधवार, 17 फ़रवरी 20274मार्चविजया एकादशीफाल्गुन कृष्ण एकादशीगुरुवार, 4 मार्च 202718मार्चआमलकी एकादशीफाल्गुन शुक्ल एकादशीगुरुवार, 18 मार्च 20272अप्रैलपापमोचनी एकादशीचैत्र कृष्ण एकादशीशुक्रवार, 2 अप्रैल 202717अप्रैलकामदा एकादशीचैत्र शुक्ल एकादशीशनिवार, 17 अप्रैल 20272मईवरूथिनी एकादशीवैशाख कृष्ण एकादशीरविवार, 2 मई 202716मईमोहिनी एकादशीवैशाख शुक्ल एकादशीरविवार, 16 मई 20271जूनअपरा एकादशीज्येष्ठ कृष्ण एकादशीमंगलवार, 1 जून 202714जूननिर्जला एकादशीज्येष्ठ शुक्ल एकादशीसोमवार, 14 जून 202730जूनयोगिनी एकादशीआषाढ़ कृष्ण एकादशीबुधवार, 30 जून 202714जुलाईदेवशयनी एकादशीआषाढ़ शुक्ल एकादशीबुधवार, 14 जुलाई 202729जुलाईकामिका एकादशीसावन कृष्ण एकादशीगुरुवार, 29 जुलाई 202712अगस्तश्रावण पुत्रदा एकादशीसावन शुक्ल एकादशीगुरुवार, 12 अगस्त 202728अगस्तअजा एकादशीभादों कृष्ण एकादशीशनिवार, 28 अगस्त 202711सितंबरपरिवर्तिनी एकादशीभादों शुक्ल एकादशीशनिवार, 11 सितंबर 202726सितंबरइंदिरा एकादशीआश्विन कृष्ण एकादशीरविवार, 26 सितंबर 202711अक्टूबरपापांकुशा एकादशीआश्विन शुक्ल एकादशीसोमवार, 11 अक्टूबर 202726मार्चपद्मिनी एकादशीअधिक चैत्र शुक्ल एकादशीसोमवार, 26 मार्च 20299अप्रैलपरमा एकादशीअधिक चैत्र कृष्ण एकादशीसोमवार, 9 अप्रैल 2029

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

8 सवाल
2027 में इंदिरा एकादशी कब है?

2027 में इंदिरा एकादशी रविवार, 26 सितंबर 2027 को है, नई दिल्ली में। एकादशी 25 सितंबर, रात 10:31 से 26 सितंबर, शाम 7:49 तक रहेगी।

2027 में इंदिरा एकादशी का पारण कब है?

सोमवार, 27 सितंबर को, सुबह 6:12 से 8:35 तक, नई दिल्ली में। सूर्योदय के बाद, हरि वासर ख़त्म होने पर और द्वादशी ख़त्म होने से पहले व्रत खोलें।

अक्टूबर 2026 में इंदिरा एकादशी की तारीख़?

नई दिल्ली में मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026; पारण 7 अक्टूबर को, सुबह 6:18 से 8:37 तक।

सितंबर 2028 में इंदिरा एकादशी की तारीख़?

नई दिल्ली में शुक्रवार, 15 सितंबर 2028; पारण 16 सितंबर को, सुबह 6:07 से 8:34 तक।

इंदिरा एकादशी किस महीने में आती है?

आश्विन कृष्ण एकादशी, उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में। दक्षिण और पश्चिम के अमांत कैलेंडर में यह पिछले महीने में गिनी जाती है, क्योंकि वहाँ कृष्ण पक्ष पिछले महीने के नाम से चलता है; तारीख़ वही रहती है।

क्या एकादशी पर पानी पी सकते हैं?

हाँ, अगर आपने निर्जला का संकल्प नहीं लिया है। ज़्यादातर परिवार एकादशी जल और फलाहार के साथ रखते हैं; परंपरा में सिर्फ़ ज्येष्ठ की निर्जला एकादशी बिना पानी के रखी जाती है। कौन-सा व्रत रख रहे हैं, यह संकल्प के समय तय करें।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा एकादशी के व्रत से हर अनाज को, और सबसे पहले चावल को, दूर रखती है; पुराण कहते हैं कि इस दिन पाप अन्न में आश्रय लेता है। जो व्रत नहीं रखते, वे भी आमतौर पर उस दिन चावल नहीं खाते।

पारण क्या है, और समय छूट जाए तो?

पारण का मतलब है द्वादशी को, हर तारीख़ के साथ दिए समय में, व्रत खोलना। समय निकल जाए तो द्वादशी रहते जितनी जल्दी हो सके, जल और थोड़े प्रसाद से व्रत खोलें। परंपरा में दोष द्वादशी ख़त्म होने के बाद व्रत खोलना माना जाता है।

व्रत का दिन सबके लिए एक होता है, पर हर किसी की कुंडली अलग होती है।

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9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
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