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नई दिल्ली · सावन शुक्ल एकादशी

श्रावण पुत्रदा एकादशी 2027
गुरुवार, 12 अगस्त 2027

श्रावण शुक्ल पक्ष की एकादशी, जो ख़ासकर संतान की कामना करने वाले दंपती रखते हैं।

पारण शुक्रवार, 13 अगस्त, दोपहर 1:46 से शाम 4:24 तकविष्णु2026, 2027, 2028
श्रावण पुत्रदा एकादशी 2027 · नई दिल्लीगुरुवार, 12 अगस्तश्रावण पुत्रदा एकादशी · सावन शुक्ल एकादशी
एकादशी शुरू
11–12 अगस्त की रात 12:59
एकादशी समाप्त
12–13 अगस्त की रात 3:00
पारण (व्रत खोलने का समय)
13 अगस्त, दोपहर 1:46 से शाम 4:24 तक
हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) समाप्त
13 अगस्त, सुबह 9:36
उसके बाद · नई दिल्लीमंगलवार, 1 अगस्त 2028श्रावण पुत्रदा एकादशी · सावन शुक्ल एकादशी
एकादशी शुरू
31 जुलाई, सुबह 8:49
एकादशी समाप्त
1 अगस्त, सुबह 8:51
पारण (व्रत खोलने का समय)
2 अगस्त, सुबह 5:44 से 8:24 तक

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।

2026, 2027, 2028 में श्रावण पुत्रदा एकादशी

तिथि और पारण के साथ
202623 अगस्तरविवारएकादशी 22–23 अगस्त की रात 2:00 से 24 अगस्त, सुबह 4:19 तकपारण 24 अगस्त, दोपहर 1:42 से शाम 4:16 तक
202712 अगस्तगुरुवारएकादशी 11–12 अगस्त की रात 12:59 से 12–13 अगस्त की रात 3:00 तकपारण 13 अगस्त, दोपहर 1:46 से शाम 4:24 तक
20281 अगस्तमंगलवारएकादशी 31 जुलाई, सुबह 8:49 से 1 अगस्त, सुबह 8:51 तकपारण 2 अगस्त, सुबह 5:44 से 8:24 तक
श्रावण पुत्रदा एकादशी रख रहे हैं?हमारे मुहूर्त ज्योतिषी एस्ट्रो मुहूर्त से व्रत, उसकी पूजा और अपने शहर के समय के बारे में पूछें।

श्रावण पुत्रदा एकादशी के बारे में

साल की दो पुत्रदा एकादशियों में से एक; दूसरी पौष में आती है।

दूसरे नाम: पवित्रा एकादशी।

यह किस लिए रखी जाती है

संतान: जिन्हें संतान की कामना है वे इसे रखते हैं, जैसे प्रजा ने राजा के लिए रखी।

श्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत कथा

माहिष्मती के राजा महीजित अच्छा राज करते थे, पर उनके कोई पुत्र नहीं था। उनके मंत्री लोमश ऋषि के पास गए, जिन्होंने देखा कि पिछले जन्म में राजा एक ग़रीब व्यापारी थे, जिन्होंने एक द्वादशी को ख़ुद प्यासे होने पर एक प्यासी गाय को तालाब से हटा दिया था।

ऋषि ने प्रजा से श्रावण की पुत्रदा एकादशी रखकर उसका पुण्य राजा को देने को कहा। सबने व्रत रखा, और समय पर रानी को पुत्र हुआ।

पद्म पुराण के उत्तर खंड के एकादशी माहात्म्य से, जहाँ श्री कृष्ण युधिष्ठिर को हर एकादशी की कथा और उसका पुण्य सुनाते हैं।

व्रत विधि

बाल गोपाल, यानी बाल रूप श्री कृष्ण की पूजा होती है, और पति-पत्नी दोनों साथ व्रत रखते हैं।

बाक़ी यह हर एकादशी की तरह रखी जाती है: दशमी को बिना चावल का एक बार सात्विक भोजन, सुबह संकल्प, एक दिन पहले तोड़ी तुलसी से विष्णु पूजा, कथा, और पारण तक कोई अनाज नहीं, उसकी जगह फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू और सिंघाड़ा। एकादशी पेज पर हर चरण और क्या खाएँ, किससे बचें, इसकी पूरी सूची है।

व्रत कब खोलें

हरि वासर, यानी द्वादशी का पहला चौथाई भाग, 13 अगस्त, सुबह 9:36 तक चलता है, सुबह के बाद तक, और दोपहर में व्रत नहीं खोला जाता, इसलिए पारण मध्याह्न के बाद होता है: शुक्रवार, 13 अगस्त को दोपहर 1:46 से शाम 4:24 तक, नई दिल्ली में।

2028 में: हरि वासर, यानी द्वादशी का पहला चौथाई भाग, 1 अगस्त, दोपहर 3:00 तक, सूर्योदय से पहले ही, ख़त्म हो जाता है, इसलिए व्रत प्रातःकाल यानी दिन के पहले पाँचवें हिस्से में खोला जाता है: बुधवार, 2 अगस्त 2028 को सुबह 5:44 से 8:24 तक, नई दिल्ली में।

सभी एकादशी

और हर एक कब है
5नवंबररमा एकादशीकार्तिक कृष्ण एकादशीगुरुवार, 5 नवंबर 202620नवंबरदेवउठनी एकादशीकार्तिक शुक्ल एकादशीशुक्रवार, 20 नवंबर 20264दिसंबरउत्पन्ना एकादशीअगहन कृष्ण एकादशीशुक्रवार, 4 दिसंबर 202620दिसंबरमोक्षदा एकादशीअगहन शुक्ल एकादशीरविवार, 20 दिसंबर 20263जनवरीसफला एकादशीपौष कृष्ण एकादशीरविवार, 3 जनवरी 202718जनवरीपौष पुत्रदा एकादशीपौष शुक्ल एकादशीसोमवार, 18 जनवरी 20272फ़रवरीषटतिला एकादशीमाघ कृष्ण एकादशीमंगलवार, 2 फ़रवरी 202717फ़रवरीजया एकादशीमाघ शुक्ल एकादशीबुधवार, 17 फ़रवरी 20274मार्चविजया एकादशीफाल्गुन कृष्ण एकादशीगुरुवार, 4 मार्च 202718मार्चआमलकी एकादशीफाल्गुन शुक्ल एकादशीगुरुवार, 18 मार्च 20272अप्रैलपापमोचनी एकादशीचैत्र कृष्ण एकादशीशुक्रवार, 2 अप्रैल 202717अप्रैलकामदा एकादशीचैत्र शुक्ल एकादशीशनिवार, 17 अप्रैल 20272मईवरूथिनी एकादशीवैशाख कृष्ण एकादशीरविवार, 2 मई 202716मईमोहिनी एकादशीवैशाख शुक्ल एकादशीरविवार, 16 मई 20271जूनअपरा एकादशीज्येष्ठ कृष्ण एकादशीमंगलवार, 1 जून 202714जूननिर्जला एकादशीज्येष्ठ शुक्ल एकादशीसोमवार, 14 जून 202730जूनयोगिनी एकादशीआषाढ़ कृष्ण एकादशीबुधवार, 30 जून 202714जुलाईदेवशयनी एकादशीआषाढ़ शुक्ल एकादशीबुधवार, 14 जुलाई 202729जुलाईकामिका एकादशीसावन कृष्ण एकादशीगुरुवार, 29 जुलाई 202712अगस्तश्रावण पुत्रदा एकादशीसावन शुक्ल एकादशीगुरुवार, 12 अगस्त 202728अगस्तअजा एकादशीभादों कृष्ण एकादशीशनिवार, 28 अगस्त 202711सितंबरपरिवर्तिनी एकादशीभादों शुक्ल एकादशीशनिवार, 11 सितंबर 202726सितंबरइंदिरा एकादशीआश्विन कृष्ण एकादशीरविवार, 26 सितंबर 202711अक्टूबरपापांकुशा एकादशीआश्विन शुक्ल एकादशीसोमवार, 11 अक्टूबर 202726मार्चपद्मिनी एकादशीअधिक चैत्र शुक्ल एकादशीसोमवार, 26 मार्च 20299अप्रैलपरमा एकादशीअधिक चैत्र कृष्ण एकादशीसोमवार, 9 अप्रैल 2029

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

8 सवाल
2027 में श्रावण पुत्रदा एकादशी कब है?

2027 में श्रावण पुत्रदा एकादशी गुरुवार, 12 अगस्त 2027 को है, नई दिल्ली में। एकादशी 11–12 अगस्त की रात 12:59 से 12–13 अगस्त की रात 3:00 तक रहेगी।

2027 में श्रावण पुत्रदा एकादशी का पारण कब है?

शुक्रवार, 13 अगस्त को, दोपहर 1:46 से शाम 4:24 तक, नई दिल्ली में। सूर्योदय के बाद, हरि वासर ख़त्म होने पर और द्वादशी ख़त्म होने से पहले व्रत खोलें।

अगस्त 2026 में श्रावण पुत्रदा एकादशी की तारीख़?

नई दिल्ली में रविवार, 23 अगस्त 2026; पारण 24 अगस्त को, दोपहर 1:42 से शाम 4:16 तक।

अगस्त 2028 में श्रावण पुत्रदा एकादशी की तारीख़?

नई दिल्ली में मंगलवार, 1 अगस्त 2028; पारण 2 अगस्त को, सुबह 5:44 से 8:24 तक।

श्रावण पुत्रदा एकादशी किस महीने में आती है?

सावन शुक्ल एकादशी, उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में।

क्या एकादशी पर पानी पी सकते हैं?

हाँ, अगर आपने निर्जला का संकल्प नहीं लिया है। ज़्यादातर परिवार एकादशी जल और फलाहार के साथ रखते हैं; परंपरा में सिर्फ़ ज्येष्ठ की निर्जला एकादशी बिना पानी के रखी जाती है। कौन-सा व्रत रख रहे हैं, यह संकल्प के समय तय करें।

एकादशी पर चावल क्यों नहीं खाते?

परंपरा एकादशी के व्रत से हर अनाज को, और सबसे पहले चावल को, दूर रखती है; पुराण कहते हैं कि इस दिन पाप अन्न में आश्रय लेता है। जो व्रत नहीं रखते, वे भी आमतौर पर उस दिन चावल नहीं खाते।

पारण क्या है, और समय छूट जाए तो?

पारण का मतलब है द्वादशी को, हर तारीख़ के साथ दिए समय में, व्रत खोलना। समय निकल जाए तो द्वादशी रहते जितनी जल्दी हो सके, जल और थोड़े प्रसाद से व्रत खोलें। परंपरा में दोष द्वादशी ख़त्म होने के बाद व्रत खोलना माना जाता है।

व्रत का दिन सबके लिए एक होता है, पर हर किसी की कुंडली अलग होती है।

अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ, या 24 ज्योतिषियों में से किसी से पूछें कि कौन-सा व्रत आपके किस ग्रह को बल देगा। पैसे मिनट के हिसाब से।

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9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
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