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सिंह राशि · वार्षिक राशिफल

सिंह राशिफल 2027
पूरा साल

सिंह ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि है। इस पेज पर सिंह राशि का 2027 का हाल है, सिंह से गिने भावों में ग्रहों की चाल के हिसाब से।

सिंह2027वैदिक ज्योतिषचंद्र राशि से
आप सिंह पढ़ रहे हैं · बदलने के लिए दूसरी राशि चुनेंकृष्ण पक्ष, घटता चंद्रमा · चंद्रमा 93% रोशन
शनिसिंह राशि पर शनि की ढैय्या (अष्टम शनि) चल रही है।आपकी चंद्र राशि से आठवें भाव में शनि, लगभग ढाई साल के लिए। इसका क्या मतलब है →
2027 · सिंह · स्वामी सूर्य
अच्छा

2027 में सबसे अच्छे महीने सितंबर और दिसंबर हैं और सबसे धीमे फ़रवरी और मार्च — साथ में 2 जून तक और 20 अक्टूबर से अष्टम शनि, यानी ढैय्या।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

गुरु आपके पहले भाव (आपकी अपनी राशि) में हैं। आत्मविश्वास लौटता है और लोग फिर आपकी ओर देखते हैं, पर अपने ऊपर ख़र्च भी बढ़ता है, इसलिए क़दम-दर-क़दम चलें।

25 जनवरी से 25 जून तक

गुरु आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में आते हैं। पैसा बाहर जाता है, अक्सर अच्छे कामों में, और विदेश यात्रा व साधना के योग बनते हैं। पर इस दौर में गुरु कर्क राशि में उच्च के हैं, जिससे बारहवें भाव की मुश्किलें हल्की पड़ती हैं: वे आती हैं, पर कम, और ज़रूरत पर मदद मिलती है।

26 नवंबर से

गुरु आपके दूसरे भाव (धन और परिवार का भाव) में आते हैं। बचत बढ़ती है, परिवार में अपनापन बढ़ता है और आपकी बात का वज़न होता है।

2 जून तक, और फिर 20 अक्टूबर सेशनि आपके आठवें भाव में (अष्टम शनि, यानी शनि की ढैय्या): देरी और अचानक बदलावों वाला धीमा, परखने वाला दौर; धीरज का फल मिलता है।

3 जून से 19 अक्टूबर तकशनि आपके नौवें भाव में: भाग्य धीमा लगता है और बड़ों पर ध्यान चाहिए; आस्था की परीक्षा होती है।

करियर63प्रेम72स्वास्थ्य64धन65घर-परिवार66
कुल मिलाकर66
01

2027 में करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू का सार और सबसे अच्छा समय; पूरा फल उसके अपने पेज पर
करियर63

काम के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक और 3 जून से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक धीमा।

सबसे अच्छा समय

26 नवंबर से: वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें।

2027 में करियर का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

प्रेम72

प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक है; 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए प्रेम और विवाह के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

26 जून से 25 नवंबर तक: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। 24 जनवरी तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 26 जून से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

2027 में प्रेम और विवाह का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

स्वास्थ्य64

सेहत के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक और 3 जून से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक धीमा।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

26 नवंबर से: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

2027 में सेहत का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

धन65

धन के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक धीमा।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

26 जून से 19 अक्टूबर तक: एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 26 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें। बुध का वक्री दौर 10 जून से 5 जुलाई तक है; ऊपर उसके वही दिन हैं जो इस समय में पड़ते हैं।

2027 में पैसा का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

घर-परिवार66

घर-परिवार के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक धीमा।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

पहले भाव में गुरु आपको परिवार का सहारा बनाते हैं: बड़े आपकी बात सुनते हैं और आपकी एक बात से छोटे झगड़े सुलझ जाते हैं। पर शास्त्र इसे बेचैन स्थिति मानते हैं — घर बदलना या घर का ख़र्च बढ़ना आम है। माता-पिता और बच्चों को सिर्फ़ सलाह नहीं, समय दें, और परिवार की हर ज़िम्मेदारी अकेले अपने सिर न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और नौवें भाव पर भी है: बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है; पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

25 जनवरी से 25 जून तक

बारहवें भाव में गुरु दूरी लाते हैं: परिवार का कोई सदस्य काम या पढ़ाई के लिए दूर जा सकता है, या आपको कुछ समय घर से दूर रहना पड़ सकता है। घर का ख़र्च बढ़ता है — यात्रा, सेहत, किसी रिश्तेदार की ज़रूरत या धार्मिक काम पर — हालाँकि साथ मिलकर की गई तीर्थ यात्रा और दान अच्छे रहते हैं। माता-पिता से लगातार संपर्क में रहें, पारिवारिक ख़र्च का बजट पहले से बनाएँ और दिखावे के लिए क़र्ज़ न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके चौथे भाव पर भी है, इसलिए घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

26 नवंबर से

दूसरे भाव में गुरु का होना पारिवारिक जीवन के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक है: शादी, बच्चे के जन्म या किसी के घर लौटने से परिवार बढ़ता है, और घर की आर्थिक हालत सुधरती है। आपकी बात में मिठास भी होती है और वज़न भी, इसलिए किसी रिश्तेदार से पुरानी अनबन मिटाने का यही समय है। जो पारिवारिक पूजा या मिलन टलता आ रहा है, उसे अभी करें, और परिवार के लिए कुछ बचत अलग रखें। पर आपके आठवें भाव में शनि के कारण 26 नवंबर से आगे का समय घर-परिवार के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: परिवार की बड़ी योजनाएँ छोटी और बिना जल्दबाज़ी के रखें।

2 जून तक

आठवें भाव में शनि का होना (अष्टम शनि) घर-परिवार के लिए एक चुनौती भरी स्थिति है: अचानक ख़र्च, किसी बड़े की सेहत, पुश्तैनी प्रॉपर्टी का विवाद या ससुराल से तनाव परेशान कर सकता है। इस दौर में परिवार में मेल बनाए रखने के लिए ख़ास ध्यान चाहिए। स्वास्थ्य बीमा और प्रॉपर्टी के काग़ज़ ठीक रखें, जहाँ तक हो सके परिवार के मुक़दमों से बचें, और रिश्तेदारों के बीच बड़ी रक़म का लेन-देन न करें। शनि की दृष्टि आपके दूसरे और पाँचवें भाव पर भी है: घर का पैसा तंग रहता है और ग़ुस्से में कही बात देर तक चुभती है, इसलिए सँभलकर बोलें; बच्चों को दबाव नहीं, धैर्य और लगातार सहारा चाहिए।

3 जून से 19 अक्टूबर तक

नौवें भाव में शनि पिता और बड़ों से जुड़े मामलों पर असर डालते हैं: पिता से मतभेद या उनकी सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है, और बड़ों से मदद सीमित रहती है। धार्मिक योजनाएँ और तीर्थ यात्राएँ होती हैं, पर देर से। माता-पिता से नियमित मिलते रहें, असहमति में भी उनकी राय का सम्मान करें, और उनसे सहारे की उम्मीद के बजाय उनकी ज़िम्मेदारियाँ अपने ऊपर लें।

पूरे साल

छठे भाव में राहु पारिवारिक विवादों में जीत और क़र्ज़ चुकाने में मदद करते हैं; देखभाल से बड़ों की सेहत सुधरती है।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

26 जून से 19 अक्टूबर तक: गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 26 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें। इस दौर में गृह प्रवेश के मुहूर्त सिर्फ़ 26 जून से 4 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय गृह प्रवेश के लिए वर्जित हिंदू महीनों के कारण बंद है, इसलिए गृह प्रवेश की तारीख़ इन्हीं में रखें। गृह प्रवेश मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

सावधानी
  • 13 अप्रैल तक

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

  • 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक

    मंगल वक्री: घर में ग़ुस्सा जल्दी आता है और प्रॉपर्टी के झगड़े भड़कते हैं; भाई-बहनों से बहस से बचें और निर्माण का काम शुरू न करें

  • 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक; 10 जून से 5 जुलाई तक; 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

02

2027 के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
66जन॰
सबसे कमज़ोर53फ़र॰
56मार्च
58अप्रैल
60मई
66जून
72जुल॰
70अग॰
सबसे अच्छा75सित॰
73अक्टू॰
67नव॰
74दिस॰
  • जन॰ · 66

    गुरु पहले भाव में — मिली-जुली जगह; शनि आठवें भाव में — भारी जगह; गुरु और मंगल वक्री

  • फ़र॰ · 53

    गुरु बारहवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि आठवें भाव में — भारी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री; सूर्य ग्रहण 6 फ़रवरी; चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी

  • मार्च · 56

    गुरु बारहवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि आठवें भाव में — भारी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री

  • अप्रैल · 58

    गुरु बारहवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि आठवें भाव में — भारी जगह; गुरु और मंगल वक्री

  • मई · 60

    गुरु बारहवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि आठवें भाव में — भारी जगह

  • जून · 66

    गुरु बारहवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि नौवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री

  • जुल॰ · 72

    गुरु पहले भाव में — मिली-जुली जगह; शनि नौवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री; चंद्र ग्रहण 18 जुलाई

  • अग॰ · 70

    गुरु पहले भाव में — मिली-जुली जगह; शनि नौवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री; सूर्य ग्रहण 2 अगस्त; चंद्र ग्रहण 17 अगस्त

  • सित॰ · 75

    गुरु पहले भाव में — मिली-जुली जगह; शनि नौवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री

  • अक्टू॰ · 73

    गुरु पहले भाव में — मिली-जुली जगह; शनि नौवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि और बुध वक्री

  • नव॰ · 67

    गुरु पहले भाव में — मिली-जुली जगह; शनि आठवें भाव में — भारी जगह; शनि वक्री

  • दिस॰ · 74

    गुरु दूसरे भाव में — अच्छी जगह; शनि आठवें भाव में — भारी जगह; शनि वक्री

03

2027 की अहम तारीख़ें

गुरु और शनि का राशि बदलना, वक्री (उल्टी चाल वाले) ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 13 अप्रैल तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में, और 25 जनवरी से बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 10 जन॰वक्री

    मंगल वक्री 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में, और 10 मार्च से बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में: ग़ुस्सा जल्दी आता है; हो सके तो प्रॉपर्टी सौदे और पहले से तय ऑपरेशन टालें।

  3. 25 जन॰गोचर

    गुरु आपके बारहवें भाव में: ख़र्च, यात्रा और आध्यात्मिक काम — पैसा जाता है, अक्सर अच्छे कामों में; विदेश यात्रा के योग। कर्क गुरु की उच्च राशि है, जिससे इस भाव की मुश्किलें हल्की पड़ती हैं।

  4. 6 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 6 फ़रवरी: आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में।

  5. 9 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में, और 24 फ़रवरी से छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  6. 21 फ़र॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 21 फ़रवरी: आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में। उपच्छाया ग्रहण।

  7. 3 जूनगोचर

    शनि आपके नौवें भाव में: भाग्य धीमा लगता है और बड़ों पर ध्यान चाहिए; आस्था की परीक्षा होती है। मेष शनि की नीच राशि है, जहाँ वे सबसे कमज़ोर होते हैं।

  8. 10 जूनवक्री

    बुध फिर वक्री 10 जून से 5 जुलाई तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में; वही सावधानी रखें।

  9. 26 जूनगोचर

    गुरु आपकी चंद्र राशि के ऊपर: सोच बड़ी होती है, पर बेचैनी और अपने ऊपर ख़र्च भी बढ़ता है; परंपरा इस दौर में सँभलकर चलने को कहती है।

  10. 18 जुल॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 18 जुलाई: आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में। उपच्छाया ग्रहण।

  11. 2 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त: आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में। नई दिल्ली से दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखेगा; सूतक रात 3:53 से।

  12. 9 अग॰वक्री

    शनि वक्री 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में, और 20 अक्टूबर से आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  13. 17 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 17 अगस्त: आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में।

  14. 7 अक्टू॰वक्री

    बुध फिर वक्री 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में, और 21 अक्टूबर से दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में; वही सावधानी रखें।

  15. 20 अक्टू॰गोचर

    शनि आपके आठवें भाव में (अष्टम शनि, यानी शनि की ढैय्या): देरी और अचानक बदलावों वाला धीमा, परखने वाला दौर; धीरज का फल मिलता है।

  16. 26 नव॰गोचर

    गुरु आपके दूसरे भाव में: धन, परिवार और वाणी पर कृपा — बचत बढ़ती है, परिवार साथ आता है, और आपकी बात का वज़न होता है।

जिन ग्रहणों के आगे "भारत से दिखेगा" या "उपच्छाया" नहीं लिखा, वे भारत से नहीं दिखेंगे, इसलिए उनका सूतक नहीं माना जाता।

उपच्छाया ग्रहण में चंद्रमा बस हल्का धुँधला होता है, इसलिए दिखने पर भी सूतक नहीं माना जाता।

शादी और गृह प्रवेश के मुहूर्त, 2027

2027 में शादी के मुहूर्त 15 जनवरी से 14 मार्च तक, 15 अप्रैल से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं, और गृह प्रवेश के 7 फ़रवरी से 14 मार्च तक, 7 मई से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 14 जनवरी तक, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक और 16 दिसंबर से है, और चातुर्मास (विष्णु जी के विश्राम के चार महीने) 14 जुलाई से 9 नवंबर तक; इनमें शादी नहीं होती, और गृह प्रवेश के लिए पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार इनके बाद ही गृह प्रवेश करते हैं। (नई दिल्ली के अनुसार; हर दिन की तारीख़ें मुहूर्त पेज पर हैं।)

विवाह मुहूर्त 2027 · गृह प्रवेश मुहूर्त 2027

04

सिंह राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

जिनके चंद्रमा सिंह में हों, वे स्वाभिमानी, उदार और दिलदार होते हैं। अगुवाई करना, सम्मान पाना और काम शान से करना इन्हें पसंद है; जो इन पर निर्भर हों, ये उनकी रक्षा करते हैं और खुलकर देते हैं। अहं और पहचान की चाह से इन्हें सलाह देना मुश्किल हो सकता है। सिंह सूर्य की राशि है, इसलिए ये अधिकार वाले पदों और सरकारी कामों में अच्छा करते हैं।

प्रतीकशेर
तत्वअग्नि
प्रकारस्थिर
स्वामीसूर्य
नक्षत्रमघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी (पहला चरण) (चरण यानी नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा; इस राशि में उतने ही चरण आते हैं जितने लिखे हैं)
शुभ दिनरविवार
स्वभाव की बातें
स्वाभिमानीउदारगर्मजोशआत्मविश्वासीशाही मिज़ाज
ख़ूबियाँ
रौबदाररक्षा करने वालागरिमामयईमानदार
इन पर ध्यान दें
सलाह कम सुनने वालातारीफ़ चाहने वालाकभी-कभी हुक्म चलाने वालाजल्दी बुरा मानने वाला
करियर
सरकारी नौकरीप्रशासनराजनीतिचिकित्साप्रबंधन
05

2027 के उपाय

2027 और आपकी राशि के लिए
मंत्रॐ सूर्याय नमः — रोज़ 108 बार, आपकी राशि के स्वामी सूर्य के लिए। इससे मन स्थिर रहता है; दिन का कोई भी शांत समय ठीक है।
शनि के उपायशनिवार शाम ॐ शं शनैश्चराय नमः का 108 बार जाप; शनिवार को काले तिल और लोहे का दान करें, या किसी बुज़ुर्ग या मेहनतकश की मदद करें। शनि की ढैय्या: तारीख़ें और उपाय →
सुझाव2027 में प्रेम और विवाह आपके सबसे मज़बूत पक्ष है (72) और काम पर सबसे ज़्यादा ध्यान चाहिए (63)। कुल मिलाकर साल के सबसे अच्छे महीने सितंबर और दिसंबर हैं; हर पक्ष का अपना सबसे अच्छा समय उसके खाने में दिया है।
पूरा विवरणसाल भर रोज़ सुबह या शाम किसी शांत समय सूर्य का मंत्र «ॐ सूर्याय नमः» 108 बार जपें; रविवार को यह ख़ास तौर पर करें। साल के कुछ हिस्से में शनि आपकी चंद्र राशि से आठवें भाव में हैं, इसलिए शनिवार शाम «ॐ शं शनैश्चराय नमः» का 108 बार जाप करें और शनिवार को काले तिल और लोहे का दान करें, या किसी बुज़ुर्ग या मेहनतकश की मदद करें। 25 जनवरी से 25 जून तक गुरु आपके बारहवें भाव में हैं: इन महीनों में गुरुवार को «ॐ गुरवे नमः» का 108 बार जाप करें और चने की दाल और हल्दी का दान करें।
सिंह का आज का राशिफल पढ़ें →

इस पेज के शब्द

आसान भाषा में
भाव
जीवन के बारह हिस्से जिनसे कुंडली पढ़ी जाती है, यहाँ आपकी चंद्र राशि से गिने गए: पहला भाव आप ख़ुद, दूसरा परिवार और बचत, सातवाँ विवाह, दसवाँ काम, बारहवाँ ख़र्च।
वक्री
जब कोई ग्रह धरती से देखने पर कुछ हफ़्तों तक उल्टी चाल चलते दिखते हैं। उनसे जुड़े काम धीमे पड़ते हैं और पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
दृष्टि
ग्रह जिस भाव में बैठे हों, वहाँ से जिन भावों को "देखते" हैं और उन पर असर डालते हैं: हर ग्रह अपने से सातवें भाव को; गुरु पाँचवें और नौवें को भी, शनि तीसरे और दसवें को, मंगल चौथे और आठवें को।
ढैय्या
चंद्र राशि से चौथे (कंटक शनि) या आठवें भाव (अष्टम शनि) में शनि के ढाई साल: साढ़े साती से छोटी, असर घर और सेहत पर।
चरण (नक्षत्र का)
नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा, आकाश के 3°20′। जो नक्षत्र दो राशियों में बँटा हो, उसके कुछ चरण एक राशि में और बाक़ी दूसरी में आते हैं।
चातुर्मास और खरमास
दो दौर जिनमें शादी और दूसरे नए शुभ काम नहीं रखे जाते। चातुर्मास भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने हैं, आषाढ़ की देवशयनी एकादशी से कार्तिक की देव उठनी एकादशी तक। खरमास वह महीना है जब सूर्य धनु में, और फिर मीन में होते हैं — लगभग मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी और मध्य मार्च से मध्य अप्रैल।
ग्रहण और सूतक
ग्रहण यानी सूर्य या चंद्रमा पर छाया पड़ना। भारत से दिखने वाले ग्रहण से पहले का समय सूतक कहलाता है — सूर्य ग्रहण में लगभग बारह घंटे, चंद्र ग्रहण में नौ — जिसमें पूजा, खाना बनाना और नए काम रोके जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
2027 सिंह राशि के लिए कैसा रहेगा?

अच्छा, 100 में से 66। सबसे मज़बूत: प्रेम और विवाह (72); सँभलकर: करियर (63)।

2027 में सिंह राशि के लिए सबसे अच्छा महीना कौन-सा है?

सबसे अच्छे: सितंबर (75) और दिसंबर (74)। सबसे धीमे: फ़रवरी (53) और मार्च (56)।

क्या 2027 में सिंह राशि पर साढ़े साती है?

नहीं। 2027 में शनि किसी भी समय सिंह से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में नहीं हैं। पर इस साल शनि की ढैय्या चल रही है: अगला सवाल देखें।

क्या 2027 में सिंह राशि पर शनि की ढैय्या है?

हाँ। ढैय्या चंद्र राशि से चौथे (कंटक शनि) या आठवें भाव (अष्टम शनि) में शनि के ढाई साल हैं। 2 जून तक और 20 अक्टूबर से अष्टम शनि (ढैय्या)। अष्टम शनि 29 मार्च 2025 को शुरू हुआ और 23 फ़रवरी 2028 को ख़त्म होगा; बीच में 3 जून 2027 से 19 अक्टूबर 2027 तक विराम रहेगा, जब शनि मेष राशि में होंगे।

2027 में सिंह राशि के शुभ अंक और रंग क्या हैं?

अंक 1, 4; रंग ताँबई, पीला और सुनहरा।

राशिफल सौ करोड़ लोगों को बारह हिस्सों में बाँटता है।

आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।

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