मीन ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि है। इस पेज पर मीन राशि का 2027 का हाल है, मीन से गिने भावों में ग्रहों की चाल के हिसाब से।
2027 में सबसे अच्छे महीने मई और जून हैं और सबसे धीमे जनवरी, जुलाई और अगस्त — साथ में 2 जून तक और 20 अक्टूबर से साढ़े साती का चरम, यानी दूसरा चरण; 3 जून से 19 अक्टूबर तक साढ़े साती का आख़िरी चरण।
गुरु आपके छठे भाव (काम, सेहत और विरोधियों का भाव) में हैं। काम का बोझ बढ़ता है, सेहत को नियम चाहिए, और अभी लिया गया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है।
गुरु आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में आते हैं — यह उनकी सबसे अच्छी जगहों में से एक है। सोच तेज़ रहती है, फ़ैसले सही निकलते हैं और संतान या पढ़ाई से अच्छी ख़बर की संभावना है। इस दौर में गुरु कर्क राशि में हैं, जो उनकी उच्च राशि है — शास्त्रों के अनुसार यहाँ वे सबसे बलवान होते हैं।
गुरु आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी का भाव) में आते हैं। शादी, रिश्ता तय होने और अच्छे व्यापारिक साझेदार मिलने का यह ख़ास समय है।
2 जून तक, और फिर 20 अक्टूबर सेशनि आपकी चंद्र राशि के ऊपर: साढ़े साती का बीच का चरण — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम और मन भारी; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3 जून से 19 अक्टूबर तकशनि कुछ महीनों के लिए आपके दूसरे भाव में: दबाव धन और परिवार पर आता है और कुछ समय हल्का रहता है; 20 अक्टूबर को शनि फिर आपकी राशि में लौट आते हैं।
काम के लिए 2027: पूरा साल मिला-जुला रहता है।
इस साल कोई भी समय बड़े क़दम के लिए पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। अगर नौकरी बदलनी ही हो, तो 14 अप्रैल से अपेक्षाकृत आसान समय है; वरना हुनर बढ़ाएँ और इंतज़ार करें।
2027 में करियर का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए प्रेम और विवाह के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
14 अप्रैल से 25 जून तक और 26 नवंबर से: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 15 अप्रैल से 25 जून तक और 26 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय खरमास (सूर्य के धनु या मीन में रहने का महीना, जिसमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
2027 में प्रेम और विवाह का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
सेहत के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से है; 26 जून से 19 अक्टूबर तक मिला-जुला; 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए सेहत के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
14 अप्रैल से 25 जून तक और 26 नवंबर से: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।
2027 में सेहत का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
धन के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए धन के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
14 अप्रैल से 25 जून तक और 26 नवंबर से: एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 10 जून से 25 जून तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।
2027 में पैसा का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
घर-परिवार के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 25 जून तक है; 26 नवंबर से मिला-जुला; 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए घर-परिवार के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
छठे भाव में गुरु पारिवारिक जीवन में खटपट लाते हैं: किसी रिश्तेदार से विवाद, परिवार के भीतर पैसे का दावा, या किसी बड़े की सेहत जिसके लिए आपको समय देना पड़े। ननिहाल के लोग इसमें शामिल हो सकते हैं — मदद के लिए भी और मतभेद के लिए भी। पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए क़र्ज़ न लें, बड़ों की नियमित जाँच करवाते रहें, और विवाद अदालत के बजाय बातचीत से सुलझाएँ। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है।
पाँचवें भाव में गुरु संतान के लिए शुभ हैं: बच्चों की पढ़ाई या करियर से अच्छी ख़बर, बेटे-बेटी की शादी या परिवार में बच्चे का जन्म संभव है, और संतान की आशा रखने वाले दंपती के लिए यह अनुकूल समय है। पारिवारिक मामलों में आपकी समझ सही रहती है और बड़े आपके फ़ैसलों का साथ देते हैं। बच्चों को इत्मीनान से समय दें, और उनका दाख़िला या मुंडन, नामकरण जैसे संस्कार इसी समय में तय करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।
सातवें भाव में गुरु घर में मेल-जोल लाते हैं: जीवनसाथी का साथ मज़बूत रहता है, ससुराल से रिश्ते सुधरते हैं, और बड़े परिवार में किसी की शादी की संभावना है। भाई-बहन भी क़रीब आते हैं। पारिवारिक कार्यक्रम रखने, साथ मिलकर रिश्तेदारों से मिलने और संयुक्त परिवार के मामले आपसी सहमति से सुलझाने का अच्छा समय है। पर आपके पहले भाव में शनि के कारण 26 नवंबर से आगे का समय घर-परिवार के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: परिवार की बड़ी योजनाएँ छोटी और बिना जल्दबाज़ी के रखें।
पहले भाव में शनि, साढ़े साती के चरम पर, घर के माहौल पर भारी पड़ते हैं: परिवार की ज़िम्मेदारी ज़्यादा होती है, थकान रहती है और घर में आप चिड़चिड़े लग सकते हैं। परिवार वाले शायद न समझ पाएँ कि आप किस दौर से गुज़र रहे हैं। बोझ चुपचाप अकेले न उठाएँ, बाँटें; माता-पिता और बच्चों से नरमी से बात करें, और घर ख़रीदने जैसे बड़े फ़ैसले पूरी योजना के बिना न करें।
दूसरे भाव में शनि, साढ़े साती का आख़िरी चरण, परिवार में बोलचाल और पैसे पर असर डालते हैं: एक कड़वी बात रिश्ते को लंबे समय तक चुभती है, और घर का हाथ तंग रहता है। संयुक्त परिवार में पैसे या विरासत को लेकर मतभेद उठ सकते हैं। ख़ासकर पारिवारिक मेल-जोल में नरमी से बोलें, घर का हिसाब साफ़ रखें और रिश्तेदारों को उधार देने से बचें। 20 अक्टूबर को शनि फिर आपकी राशि में लौट आते हैं, इसलिए यह साढ़े साती का ठहराव है, अंत नहीं। शनि की दृष्टि आपके चौथे भाव पर भी है: घर और प्रॉपर्टी के काम धीरे चलते हैं, और माँ को ज़्यादा देखभाल चाहिए।
ग्यारहवें भाव में राहु परिवार की इच्छाएँ पूरी करते हैं और बड़े भाई-बहनों व दोस्तों से मदद दिलाते हैं; घर की आमदनी बढ़ सकती है। पाँचवें भाव में केतु बच्चों को अपने में खोया हुआ सा बना सकते हैं; उन्हें इत्मीनान से समय दें और उनकी सुनें।
14 अप्रैल से 25 जून तक: गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 10 जून से 25 जून तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें। इस दौर में गृह प्रवेश के मुहूर्त सिर्फ़ 7 मई से 25 जून तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय गृह प्रवेश के लिए वर्जित हिंदू महीनों के कारण बंद है, इसलिए गृह प्रवेश की तारीख़ इन्हीं में रखें। गृह प्रवेश मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें
मंगल वक्री: घर में ग़ुस्सा जल्दी आता है और प्रॉपर्टी के झगड़े भड़कते हैं; भाई-बहनों से बहस से बचें और निर्माण का काम शुरू न करें
बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें
सूर्य ग्रहण: आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में ग्रहण — इसके आसपास के हफ़्ते में गृह प्रवेश, मुंडन या कोई और पारिवारिक संस्कार न करें
शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ
गुरु छठे भाव में — भारी जगह; शनि पहले भाव में — भारी जगह; गुरु और मंगल वक्री
गुरु पाँचवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि पहले भाव में — भारी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री; सूर्य ग्रहण 6 फ़रवरी; चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी
गुरु पाँचवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि पहले भाव में — भारी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री
गुरु पाँचवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि पहले भाव में — भारी जगह; गुरु और मंगल वक्री
गुरु पाँचवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि पहले भाव में — भारी जगह
गुरु पाँचवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री
गुरु छठे भाव में — भारी जगह; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री; चंद्र ग्रहण 18 जुलाई
गुरु छठे भाव में — भारी जगह; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री; सूर्य ग्रहण 2 अगस्त; चंद्र ग्रहण 17 अगस्त
गुरु छठे भाव में — भारी जगह; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री
गुरु छठे भाव में — भारी जगह; शनि दूसरे भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि और बुध वक्री
गुरु छठे भाव में — भारी जगह; शनि पहले भाव में — भारी जगह; शनि वक्री
गुरु सातवें भाव में — अच्छी जगह; शनि पहले भाव में — भारी जगह; शनि वक्री
गुरु वक्री 13 अप्रैल तक, आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में, और 25 जनवरी से पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।
मंगल वक्री 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक, आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में, और 10 मार्च से पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में: ग़ुस्सा जल्दी आता है; हो सके तो प्रॉपर्टी सौदे और पहले से तय ऑपरेशन टालें।
गुरु आपके पाँचवें भाव में: गुरु की सबसे अच्छी जगहों में से एक — सोच तेज़, फ़ैसले सही, और संतान, पढ़ाई व प्रेम पर कृपा। कर्क गुरु की उच्च राशि है, जहाँ वे सबसे बलवान होते हैं।
सूर्य ग्रहण, 6 फ़रवरी: आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में।
बुध वक्री 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में, और 24 फ़रवरी से ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।
चंद्र ग्रहण, 21 फ़रवरी: आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में। उपच्छाया ग्रहण।
शनि कुछ महीनों के लिए आपके दूसरे भाव में: दबाव धन और परिवार पर आता है और कुछ समय हल्का रहता है; 20 अक्टूबर को शनि फिर आपकी राशि में लौट आते हैं। मेष शनि की नीच राशि है, जहाँ वे सबसे कमज़ोर होते हैं।
बुध फिर वक्री 10 जून से 5 जुलाई तक, आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में; वही सावधानी रखें।
गुरु आपके छठे भाव में: रोज़ के काम, सेहत और क़र्ज़ पर ध्यान चाहिए, और विरोधी सक्रिय रहते हैं।
चंद्र ग्रहण, 18 जुलाई: आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में। उपच्छाया ग्रहण।
सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त: आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में। नई दिल्ली से दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखेगा; सूतक रात 3:53 से।
शनि वक्री 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक, आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में, और 20 अक्टूबर से पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।
चंद्र ग्रहण, 17 अगस्त: आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में।
बुध फिर वक्री 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक, आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में, और 21 अक्टूबर से सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में; वही सावधानी रखें।
शनि आपकी चंद्र राशि के ऊपर: साढ़े साती का बीच का चरण — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम और मन भारी; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
गुरु आपके सातवें भाव में: विवाह और साझेदारी के लिए शुभ — शादी और नए व्यापारिक साझेदारों का ख़ास समय।
जिन ग्रहणों के आगे "भारत से दिखेगा" या "उपच्छाया" नहीं लिखा, वे भारत से नहीं दिखेंगे, इसलिए उनका सूतक नहीं माना जाता।
उपच्छाया ग्रहण में चंद्रमा बस हल्का धुँधला होता है, इसलिए दिखने पर भी सूतक नहीं माना जाता।
2027 में शादी के मुहूर्त 15 जनवरी से 14 मार्च तक, 15 अप्रैल से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं, और गृह प्रवेश के 7 फ़रवरी से 14 मार्च तक, 7 मई से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 14 जनवरी तक, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक और 16 दिसंबर से है, और चातुर्मास (विष्णु जी के विश्राम के चार महीने) 14 जुलाई से 9 नवंबर तक; इनमें शादी नहीं होती, और गृह प्रवेश के लिए पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार इनके बाद ही गृह प्रवेश करते हैं। (नई दिल्ली के अनुसार; हर दिन की तारीख़ें मुहूर्त पेज पर हैं।)
जिनके चंद्रमा मीन में हों, वे दयालु, कल्पनाशील और आध्यात्मिक होते हैं। ऐसे लोग दूसरों का दर्द समझते हैं, आसानी से माफ़ कर देते हैं और धर्म, संगीत और कला की ओर खिंचते हैं। ये कभी ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा कर लेते हैं, सपनों में रहते हैं या कड़वे सच से बचते हैं। मीन गुरु की राशि है, इसलिए ये उपचार, पढ़ाने, कला और सेवा के कामों में अच्छा करते हैं।
अच्छा, 100 में से 67। चारों पहलू आसपास हैं, 66 से 69 के बीच।
सबसे अच्छे: मई–जून (76)। सबसे धीमे: अगस्त (58), जनवरी और जुलाई (60)।
हाँ। 2 जून तक और 20 अक्टूबर से साढ़े साती का दूसरा चरण, सबसे भारी; 3 जून से 19 अक्टूबर तक साढ़े साती का आख़िरी चरण। यह साढ़े साती 29 अप्रैल 2022 को शुरू हुई और 17 अप्रैल 2030 को ख़त्म होगी।
अंक 3, 7; रंग सफ़ेद, बैंगनी और पीला।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

