हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।
हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।
खरमास बुधवार, 16 दिसंबर 2026 से गुरुवार, 14 जनवरी तक: सूर्य धनु में, मकर संक्रांति तक; यह शादी, मुंडन और जनेऊ के मुहूर्त गुरुवार, 14 जनवरी 2027 तक बंद रखता है; गृह प्रवेश, ज़मीन-जायदाद की ख़रीद, नई गाड़ी और नए व्यापार के मुहूर्त पंचांग में फिर भी हैं, पर उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं।
2027 के सारे त्योहार, महीने के हिसाब से: हिंदू त्योहार 2027
नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।
| दिन | सूर्योदय की तिथि | मास | व्रत-त्योहार |
|---|---|---|---|
| 1 शुक्र | कृष्ण नवमी | पौष | |
| 2 शनि | कृष्ण दशमी | पौष | |
| 3 रवि | कृष्ण एकादशी | पौष | सफला एकादशी |
| 4 सोम | कृष्ण द्वादशी | पौष | |
| 5 मंगल | कृष्ण त्रयोदशी | पौष | भौम प्रदोष व्रत · मासिक शिवरात्रि |
| 6 बुध | कृष्ण चतुर्दशी | पौष | |
| 7 गुरु | अमावस्या | पौष | पौष अमावस्या |
| 8 शुक्र | शुक्ल प्रतिपदा | पौष | |
| 9 शनि | शुक्ल द्वितीया | पौष | |
| 10 रवि | शुक्ल तृतीया | पौष | |
| 11 सोम | शुक्ल तृतीया | पौष | |
| 12 मंगल | शुक्ल चतुर्थी | पौष | |
| 13 बुध | शुक्ल पंचमी | पौष | |
| 14 गुरु | शुक्ल षष्ठी | पौष | लोहड़ी (पंजाब) |
| 15 शुक्र | शुक्ल सप्तमी | पौष | मकर संक्रांति · पोंगल (तमिलनाडु) · उत्तरायण (गुजरात) |
| 16 शनि | शुक्ल अष्टमी | पौष | मासिक दुर्गाष्टमी |
| 17 रवि | शुक्ल नवमी | पौष | |
| 18 सोम | शुक्ल दशमी | पौष | पौष पुत्रदा एकादशी |
| 19 मंगल | शुक्ल एकादशी | पौष | |
| 20 बुध | शुक्ल त्रयोदशी | पौष | बुध प्रदोष व्रत |
| 21 गुरु | शुक्ल चतुर्दशी | पौष | |
| 22 शुक्र | पूर्णिमा | पौष | पौष पूर्णिमा |
| 23 शनि | कृष्ण प्रतिपदा | माघ | |
| 24 रवि | कृष्ण द्वितीया | माघ | |
| 25 सोम | कृष्ण तृतीया | माघ | सकट चौथ |
| 26 मंगल | कृष्ण पंचमी | माघ | |
| 27 बुध | कृष्ण षष्ठी | माघ | |
| 28 गुरु | कृष्ण सप्तमी | माघ | |
| 29 शुक्र | कृष्ण अष्टमी | माघ | |
| 30 शनि | कृष्ण नवमी | माघ | |
| 31 रवि | कृष्ण दशमी | माघ |
तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।
पौष पुत्रदा एकादशी सोमवार, 18 जनवरी को है, हालाँकि अगले दिन सूर्योदय पर एकादशी है: इस बार द्वादशी किसी सूर्योदय पर नहीं पड़ती, इसलिए व्रत एक दिन पहले रखा जाता है, ताकि पारण (व्रत खोलना) द्वादशी में हो सके। कुछ परिवार अगले दिन भी व्रत रखते हैं, जिसे गौण एकादशी कहते हैं।
जब तारीख़ अदालत दे, तो कोर्ट की सुनवाई वाले पेज पर हर दिन की सूर्य होरा है; क़ानूनी नोटिस के लिए नोटिस का जवाब वाले पेज पर जवाब के दिन हैं।
उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 जनवरी से 22 जनवरी तक पौष; फिर 23 जनवरी से 31 जनवरी तक माघ। विक्रम संवत 2083।
नई दिल्ली में पौष पूर्णिमा व्रत शुक्रवार, 22 जनवरी को।
नई दिल्ली में पौष अमावस्या गुरुवार, 7 जनवरी को।
नई दिल्ली में सफला एकादशी रविवार, 3 जनवरी को और पौष पुत्रदा एकादशी सोमवार, 18 जनवरी को।
लोहड़ी (पंजाब) गुरुवार, 14 जनवरी को; मकर संक्रांति शुक्रवार, 15 जनवरी को; पोंगल (तमिलनाडु) शुक्रवार, 15 जनवरी को; उत्तरायण (गुजरात) शुक्रवार, 15 जनवरी को; पौष पूर्णिमा शुक्रवार, 22 जनवरी को; सकट चौथ सोमवार, 25 जनवरी को। नई दिल्ली के लिए।
अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ, या 24 ज्योतिषियों में से किसी से पूछें कि कौन-सा व्रत आपके किस ग्रह को बल देगा। पैसे मिनट के हिसाब से।


