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नई दिल्ली

हिंदू कैलेंडर जनवरी 2027
पौष – माघ

हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।

विक्रम संवत 2083पूर्णिमांत6 त्योहार
पूर्णिमा22 जनवरीपौष पूर्णिमा व्रत
अमावस्या7 जनवरीपौष अमावस्या
एकादशी3 जनवरीसफला एकादशी18 जनवरीपौष पुत्रदा एकादशी
संक्रांति15 जनवरीमकर संक्रांति
जनवरी 2027 पौष · माघ
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि19210311एकादशी412513प्रदोष6147●8192103113124135146लोहड़ी157मकर संक्रांति168दुर्गाष्टमी1791810एकादशी19112013प्रदोष211422○पौष पूर्णिमा231242253सकट चौथ2652762872983093110
शुक्ल पक्ष कृष्ण पक्ष त्योहार ○ पूर्णिमा   ● अमावस्या

हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।

खरमास बुधवार, 16 दिसंबर 2026 से गुरुवार, 14 जनवरी तक: सूर्य धनु में, मकर संक्रांति तक; यह शादी, मुंडन और जनेऊ के मुहूर्त गुरुवार, 14 जनवरी 2027 तक बंद रखता है; गृह प्रवेश, ज़मीन-जायदाद की ख़रीद, नई गाड़ी और नए व्यापार के मुहूर्त पंचांग में फिर भी हैं, पर उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं।

जनवरी 2027 के व्रत-त्योहार

6 त्योहार, 7 व्रत
जनवरी 20273रविसफला एकादशीएकादशी 2 जनवरी, दोपहर 2:24 से 3 जनवरी, शाम 4:08 तक · पारण 4 जनवरी, सुबह 7:15 से 9:18 तक5मंगलभौम प्रदोष व्रतत्रयोदशी 4 जनवरी, शाम 6:16 से 5 जनवरी, रात 8:40 तक · पूजा शाम 5:38 से रात 8:22 तक5मंगलमासिक शिवरात्रिचतुर्दशी 5 जनवरी, रात 8:40 से 6 जनवरी, रात 11:14 तक · निशीथ 5 जनवरी, रात 11:59 से 12:53 तक7गुरुपौष अमावस्याअमावस्या 6 जनवरी, रात 11:14 से 7–8 जनवरी की रात 1:54 तक16शनिमासिक दुर्गाष्टमीअष्टमी 15 जनवरी, दोपहर 2:14 से 16 जनवरी, दोपहर 1:43 तक18सोमपौष पुत्रदा एकादशीएकादशी 18 जनवरी, सुबह 10:27 से 19 जनवरी, सुबह 7:50 तक · पारण 19 जनवरी, दोपहर 1:36 से 3:42 तक20बुधबुध प्रदोष व्रतत्रयोदशी 20 जनवरी, सुबह 4:41 से 20–21 जनवरी की रात 1:12 तक · पूजा शाम 5:50 से रात 8:31 तक

2027 के सारे त्योहार, महीने के हिसाब से: हिंदू त्योहार 2027

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।

दिन-ब-दिन

सूर्योदय की तिथि और मास
दिनसूर्योदय की तिथिमासव्रत-त्योहार
1 शुक्रकृष्ण नवमीपौष
2 शनिकृष्ण दशमीपौष
3 रविकृष्ण एकादशीपौषसफला एकादशी
4 सोमकृष्ण द्वादशीपौष
5 मंगलकृष्ण त्रयोदशीपौषभौम प्रदोष व्रत · मासिक शिवरात्रि
6 बुधकृष्ण चतुर्दशीपौष
7 गुरुअमावस्यापौषपौष अमावस्या
8 शुक्रशुक्ल प्रतिपदापौष
9 शनिशुक्ल द्वितीयापौष
10 रविशुक्ल तृतीयापौष
11 सोमशुक्ल तृतीयापौष
12 मंगलशुक्ल चतुर्थीपौष
13 बुधशुक्ल पंचमीपौष
14 गुरुशुक्ल षष्ठीपौषलोहड़ी (पंजाब)
15 शुक्रशुक्ल सप्तमीपौषमकर संक्रांति · पोंगल (तमिलनाडु) · उत्तरायण (गुजरात)
16 शनिशुक्ल अष्टमीपौषमासिक दुर्गाष्टमी
17 रविशुक्ल नवमीपौष
18 सोमशुक्ल दशमीपौषपौष पुत्रदा एकादशी
19 मंगलशुक्ल एकादशीपौष
20 बुधशुक्ल त्रयोदशीपौषबुध प्रदोष व्रत
21 गुरुशुक्ल चतुर्दशीपौष
22 शुक्रपूर्णिमापौषपौष पूर्णिमा
23 शनिकृष्ण प्रतिपदामाघ
24 रविकृष्ण द्वितीयामाघ
25 सोमकृष्ण तृतीयामाघसकट चौथ
26 मंगलकृष्ण पंचमीमाघ
27 बुधकृष्ण षष्ठीमाघ
28 गुरुकृष्ण सप्तमीमाघ
29 शुक्रकृष्ण अष्टमीमाघ
30 शनिकृष्ण नवमीमाघ
31 रविकृष्ण दशमीमाघ

तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।

पौष पुत्रदा एकादशी सोमवार, 18 जनवरी को है, हालाँकि अगले दिन सूर्योदय पर एकादशी है: इस बार द्वादशी किसी सूर्योदय पर नहीं पड़ती, इसलिए व्रत एक दिन पहले रखा जाता है, ताकि पारण (व्रत खोलना) द्वादशी में हो सके। कुछ परिवार अगले दिन भी व्रत रखते हैं, जिसे गौण एकादशी कहते हैं।

इस पेज के शब्द

हर शब्द का मतलब
  • पूर्णिमांत: उत्तर भारत का कैलेंडर, जिसमें महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है। पश्चिम और दक्षिण के अमांत कैलेंडर में महीना अमावस्या पर ख़त्म होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों महीने का नाम अलग बताते हैं।
  • शुक्ल और कृष्ण पक्ष: महीने का उजाला पखवाड़ा, जब चंद्रमा बढ़कर पूर्णिमा तक जाता है, और अँधेरा पखवाड़ा, जब घटकर अमावस्या तक।
  • संक्रांति: जिस दिन सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं; इनमें मकर संक्रांति सबसे जानी-मानी है।
  • प्रदोष: सूर्यास्त के ठीक बाद की शाम का समय।
  • निशीथ: आधी रात का समय, जब शिवरात्रि और जन्माष्टमी की पूजा होती है।
  • अपराह्न और मध्याह्न: दोपहर बाद का समय (दिन के पाँच बराबर भागों में चौथा) और दिन का बीच का समय, यानी दोपहर।
  • पारण: व्रत खोलने का समय, जैसे एकादशी का व्रत अगली सुबह खोला जाता है।
  • स्नान-दान: पूर्णिमा या अमावस्या पर पवित्र स्नान और दान।
  • क्षय: वह तिथि जो एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाए, इसलिए किसी सूर्योदय पर न दिखे; वह उसी दिन मानी जाती है जिस दिन शुरू होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
जनवरी 2027 में कौन-सा हिंदू महीना है?

उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 जनवरी से 22 जनवरी तक पौष; फिर 23 जनवरी से 31 जनवरी तक माघ। विक्रम संवत 2083।

जनवरी 2027 में पूर्णिमा कब है?

नई दिल्ली में पौष पूर्णिमा व्रत शुक्रवार, 22 जनवरी को।

जनवरी 2027 में अमावस्या कब है?

नई दिल्ली में पौष अमावस्या गुरुवार, 7 जनवरी को।

जनवरी 2027 में एकादशी कब है?

नई दिल्ली में सफला एकादशी रविवार, 3 जनवरी को और पौष पुत्रदा एकादशी सोमवार, 18 जनवरी को।

जनवरी 2027 में कौन-से हिंदू त्योहार हैं?

लोहड़ी (पंजाब) गुरुवार, 14 जनवरी को; मकर संक्रांति शुक्रवार, 15 जनवरी को; पोंगल (तमिलनाडु) शुक्रवार, 15 जनवरी को; उत्तरायण (गुजरात) शुक्रवार, 15 जनवरी को; पौष पूर्णिमा शुक्रवार, 22 जनवरी को; सकट चौथ सोमवार, 25 जनवरी को। नई दिल्ली के लिए।

व्रत का दिन सबके लिए एक होता है, पर हर किसी की कुंडली अलग होती है।

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