हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।
हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।
2027 के सारे त्योहार, महीने के हिसाब से: हिंदू त्योहार 2027
नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।
| दिन | सूर्योदय की तिथि | मास | व्रत-त्योहार |
|---|---|---|---|
| 1 शनि | कृष्ण दशमी | वैशाख | |
| 2 रवि | कृष्ण एकादशी | वैशाख | वरूथिनी एकादशी |
| 3 सोम | कृष्ण द्वादशी | वैशाख | सोम प्रदोष व्रत |
| 4 मंगल | कृष्ण त्रयोदशी | वैशाख | मासिक शिवरात्रि |
| 5 बुध | कृष्ण चतुर्दशी | वैशाख | |
| 6 गुरु | अमावस्या | वैशाख | वैशाख अमावस्या |
| 7 शुक्र | शुक्ल प्रतिपदा | वैशाख | |
| 8 शनि | शुक्ल द्वितीया | वैशाख | अक्षय तृतीया |
| 9 रवि | शुक्ल तृतीया | वैशाख | |
| 10 सोम | शुक्ल चतुर्थी | वैशाख | |
| 11 मंगल | शुक्ल षष्ठी | वैशाख | |
| 12 बुध | शुक्ल सप्तमी | वैशाख | |
| 13 गुरु | शुक्ल अष्टमी | वैशाख | मासिक दुर्गाष्टमी |
| 14 शुक्र | शुक्ल नवमी | वैशाख | सीता नवमी |
| 15 शनि | शुक्ल दशमी | वैशाख | वृषभ संक्रांति |
| 16 रवि | शुक्ल एकादशी | वैशाख | मोहिनी एकादशी |
| 17 सोम | शुक्ल द्वादशी | वैशाख | सोम प्रदोष व्रत |
| 18 मंगल | शुक्ल त्रयोदशी | वैशाख | नरसिंह जयंती |
| 19 बुध | शुक्ल चतुर्दशी | वैशाख | |
| 20 गुरु | पूर्णिमा | वैशाख | बुद्ध पूर्णिमा |
| 21 शुक्र | कृष्ण प्रतिपदा | ज्येष्ठ | |
| 22 शनि | कृष्ण द्वितीया | ज्येष्ठ | |
| 23 रवि | कृष्ण तृतीया | ज्येष्ठ | संकष्टी चतुर्थी |
| 24 सोम | कृष्ण चतुर्थी | ज्येष्ठ | |
| 25 मंगल | कृष्ण पंचमी | ज्येष्ठ | |
| 26 बुध | कृष्ण षष्ठी | ज्येष्ठ | |
| 27 गुरु | कृष्ण सप्तमी | ज्येष्ठ | |
| 28 शुक्र | कृष्ण सप्तमी | ज्येष्ठ | |
| 29 शनि | कृष्ण अष्टमी | ज्येष्ठ | |
| 30 रवि | कृष्ण नवमी | ज्येष्ठ | |
| 31 सोम | कृष्ण दशमी | ज्येष्ठ |
तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।
जब तारीख़ अदालत दे, तो कोर्ट की सुनवाई वाले पेज पर हर दिन की सूर्य होरा है; क़ानूनी नोटिस के लिए नोटिस का जवाब वाले पेज पर जवाब के दिन हैं।
उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 मई से 20 मई तक वैशाख; फिर 21 मई से 31 मई तक ज्येष्ठ। विक्रम संवत 2084।
नई दिल्ली में वैशाख पूर्णिमा व्रत गुरुवार, 20 मई को।
नई दिल्ली में वैशाख अमावस्या गुरुवार, 6 मई को।
नई दिल्ली में वरूथिनी एकादशी रविवार, 2 मई को और मोहिनी एकादशी रविवार, 16 मई को।
अक्षय तृतीया शनिवार, 8 मई को; सीता नवमी शुक्रवार, 14 मई को; नरसिंह जयंती मंगलवार, 18 मई को; बुद्ध पूर्णिमा गुरुवार, 20 मई को। नई दिल्ली के लिए।
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