हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।
हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।
चातुर्मास बुधवार, 14 जुलाई से बुधवार, 10 नवंबर तक: विष्णु जी के विश्राम के चार महीने, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक; इसमें शादी, जनेऊ और विद्यारंभ के मुहूर्त नहीं निकलते; ये बुधवार, 10 नवंबर, यानी देवउठनी एकादशी के दिन से फिर हो सकते हैं; गृह प्रवेश के मुहूर्त इन दिनों चंद्र मास के कारण वैसे भी नहीं हैं; मुंडन के मुहूर्त पंचांग में फिर भी हैं, पर उत्तर भारत में कई परिवार देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं।
सावन सोमवार, 19 जुलाई से मंगलवार, 17 अगस्त तक: शिव जी का महीना; इसके हर सोमवार को सावन सोमवार का व्रत रखा जाता है।
चंद्र ग्रहण (उपच्छाया) रविवार, 18 जुलाई: 18 जुलाई को चंद्रमा पर पृथ्वी की केवल हल्की बाहरी छाया (उपच्छाया) पड़ती है, जो मुश्किल से दिखती है: पंचांग इसका सूतक नहीं मानते, और उस दिन के मुहूर्त बने रहते हैं।
2027 के सारे त्योहार, महीने के हिसाब से: हिंदू त्योहार 2027
नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।
| दिन | सूर्योदय की तिथि | मास | व्रत-त्योहार |
|---|---|---|---|
| 1 गुरु | कृष्ण द्वादशी | आषाढ़ | गुरु प्रदोष व्रत |
| 2 शुक्र | कृष्ण त्रयोदशी | आषाढ़ | मासिक शिवरात्रि |
| 3 शनि | कृष्ण चतुर्दशी | आषाढ़ | |
| 4 रवि | अमावस्या | आषाढ़ | आषाढ़ अमावस्या |
| 5 सोम | शुक्ल द्वितीया | आषाढ़ | जगन्नाथ रथ यात्रा (ओडिशा) |
| 6 मंगल | शुक्ल तृतीया | आषाढ़ | |
| 7 बुध | शुक्ल चतुर्थी | आषाढ़ | |
| 8 गुरु | शुक्ल पंचमी | आषाढ़ | |
| 9 शुक्र | शुक्ल षष्ठी | आषाढ़ | |
| 10 शनि | शुक्ल सप्तमी | आषाढ़ | |
| 11 रवि | शुक्ल अष्टमी | आषाढ़ | मासिक दुर्गाष्टमी |
| 12 सोम | शुक्ल नवमी | आषाढ़ | |
| 13 मंगल | शुक्ल दशमी | आषाढ़ | |
| 14 बुध | शुक्ल एकादशी | आषाढ़ | देवशयनी एकादशी |
| 15 गुरु | शुक्ल द्वादशी | आषाढ़ | गुरु प्रदोष व्रत |
| 16 शुक्र | शुक्ल त्रयोदशी | आषाढ़ | |
| 17 शनि | शुक्ल चतुर्दशी | आषाढ़ | कर्क संक्रांति |
| 18 रवि | पूर्णिमा | आषाढ़ | गुरु पूर्णिमा · चंद्र ग्रहण (उपच्छाया) |
| 19 सोम | कृष्ण प्रतिपदा | सावन | सावन शुरू; कांवड़ यात्रा शुरू · सावन सोमवार |
| 20 मंगल | कृष्ण द्वितीया | सावन | |
| 21 बुध | कृष्ण तृतीया | सावन | |
| 22 गुरु | कृष्ण चतुर्थी | सावन | संकष्टी चतुर्थी |
| 23 शुक्र | कृष्ण चतुर्थी | सावन | |
| 24 शनि | कृष्ण पंचमी | सावन | |
| 25 रवि | कृष्ण षष्ठी | सावन | |
| 26 सोम | कृष्ण सप्तमी | सावन | सावन सोमवार |
| 27 मंगल | कृष्ण अष्टमी | सावन | |
| 28 बुध | कृष्ण नवमी | सावन | |
| 29 गुरु | कृष्ण दशमी | सावन | कामिका एकादशी |
| 30 शुक्र | कृष्ण द्वादशी | सावन | |
| 31 शनि | कृष्ण त्रयोदशी | सावन | शनि प्रदोष व्रत · सावन शिवरात्रि |
तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।
कामिका एकादशी गुरुवार, 29 जुलाई को है, जिस दिन एकादशी शुरू होती है: यह उस दिन के सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाती है, इसलिए किसी सूर्योदय पर नहीं दिखती (क्षय तिथि)।
जब तारीख़ अदालत दे, तो कोर्ट की सुनवाई वाले पेज पर हर दिन की सूर्य होरा है; क़ानूनी नोटिस के लिए नोटिस का जवाब वाले पेज पर जवाब के दिन हैं।
उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 जुलाई से 18 जुलाई तक आषाढ़; फिर 19 जुलाई से 31 जुलाई तक सावन। विक्रम संवत 2084।
नई दिल्ली में आषाढ़ पूर्णिमा व्रत रविवार, 18 जुलाई को।
नई दिल्ली में आषाढ़ अमावस्या रविवार, 4 जुलाई को।
नई दिल्ली में देवशयनी एकादशी बुधवार, 14 जुलाई को और कामिका एकादशी गुरुवार, 29 जुलाई को।
जगन्नाथ रथ यात्रा (ओडिशा) सोमवार, 5 जुलाई को; गुरु पूर्णिमा रविवार, 18 जुलाई को; सावन सोमवार 19 जुलाई और 26 जुलाई को। नई दिल्ली के लिए।
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