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नई दिल्ली

हिंदू कैलेंडर जून 2027
ज्येष्ठ – आषाढ़

हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।

विक्रम संवत 2084पूर्णिमांत3 त्योहार
पूर्णिमा18 जूनज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत
अमावस्या4 जूनज्येष्ठ अमावस्या
एकादशी1 जूनअपरा एकादशी14 जूननिर्जला एकादशी30 जूनयोगिनी एकादशी
संक्रांति15 जूनमिथुन संक्रांति
जून 2027 ज्येष्ठ · आषाढ़
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि111एकादशी212प्रदोष313शिवरात्रि4●वट सावित्री व्रत5162738495106118दुर्गाष्टमी1291310गंगा दशहरा1411एकादशी15121613प्रदोष171418○19○201212223संकष्टी23424525626727828929103011एकादशी
शुक्ल पक्ष कृष्ण पक्ष त्योहार ○ पूर्णिमा   ● अमावस्या

हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।

जून 2027 के व्रत-त्योहार

3 त्योहार, 9 व्रत
जून 20271मंगलअपरा एकादशीएकादशी 31 मई, सुबह 10:02 से 1 जून, सुबह 9:40 तक · पारण 2 जून, सुबह 5:24 से 8:09 तक2बुधबुध प्रदोष व्रतत्रयोदशी 2 जून, सुबह 8:29 से 3 जून, सुबह 6:35 तक · पूजा शाम 7:15 से रात 9:17 तक3गुरुमासिक शिवरात्रिचतुर्दशी 3 जून, सुबह 6:35 से 4 जून, सुबह 4:05 तक · निशीथ 3 जून, रात 11:59 से 12:39 तक11शुक्रमासिक दुर्गाष्टमीअष्टमी 11 जून, सुबह 5:14 से 11–12 जून की रात 3:45 तक14सोमनिर्जला एकादशीएकादशी 13–14 जून की रात 2:12 से 14–15 जून की रात 2:08 तक · पारण 15 जून, दोपहर 1:46 से शाम 4:32 तक16बुधबुध प्रदोष व्रतत्रयोदशी 15–16 जून की रात 2:31 से 16–17 जून की रात 3:20 तक · पूजा शाम 7:21 से रात 9:21 तक18शुक्रज्येष्ठ पूर्णिमा व्रतपूर्णिमा 18 जून, सुबह 4:35 से 19 जून, सुबह 6:14 तक22मंगलअंगारकी संकष्टी चतुर्थीचतुर्थी 22 जून, दोपहर 1:07 से 23 जून, दोपहर 3:43 तक · चंद्रोदय रात 9:5730बुधयोगिनी एकादशीएकादशी 29 जून, रात 10:04 से 30 जून, रात 8:31 तक · पारण 1 जुलाई, सुबह 5:27 से 8:13 तक

इस महीने ये दिन भी

18जून · शुक्रकबीर जयंतीज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा · सूर्योदय पर · संत कबीरदास का जन्मदिन, ज्येष्ठ पूर्णिमा पर, उनके दोहे गाकर।

2027 के सारे त्योहार, महीने के हिसाब से: हिंदू त्योहार 2027

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।

दिन-ब-दिन

सूर्योदय की तिथि और मास
दिनसूर्योदय की तिथिमासव्रत-त्योहार
1 मंगलकृष्ण एकादशीज्येष्ठअपरा एकादशी
2 बुधकृष्ण द्वादशीज्येष्ठबुध प्रदोष व्रत
3 गुरुकृष्ण त्रयोदशीज्येष्ठमासिक शिवरात्रि
4 शुक्रअमावस्याज्येष्ठवट सावित्री व्रत · शनि जयंती
5 शनिशुक्ल प्रतिपदाज्येष्ठ
6 रविशुक्ल द्वितीयाज्येष्ठ
7 सोमशुक्ल तृतीयाज्येष्ठ
8 मंगलशुक्ल चतुर्थीज्येष्ठ
9 बुधशुक्ल पंचमीज्येष्ठ
10 गुरुशुक्ल षष्ठीज्येष्ठ
11 शुक्रशुक्ल अष्टमीज्येष्ठमासिक दुर्गाष्टमी
12 शनिशुक्ल नवमीज्येष्ठ
13 रविशुक्ल दशमीज्येष्ठगंगा दशहरा
14 सोमशुक्ल एकादशीज्येष्ठनिर्जला एकादशी
15 मंगलशुक्ल द्वादशीज्येष्ठमिथुन संक्रांति
16 बुधशुक्ल त्रयोदशीज्येष्ठबुध प्रदोष व्रत
17 गुरुशुक्ल चतुर्दशीज्येष्ठ
18 शुक्रपूर्णिमाज्येष्ठज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत · कबीर जयंती
19 शनिपूर्णिमाज्येष्ठ
20 रविकृष्ण प्रतिपदाआषाढ़
21 सोमकृष्ण द्वितीयाआषाढ़
22 मंगलकृष्ण तृतीयाआषाढ़अंगारकी संकष्टी चतुर्थी
23 बुधकृष्ण चतुर्थीआषाढ़
24 गुरुकृष्ण पंचमीआषाढ़
25 शुक्रकृष्ण षष्ठीआषाढ़
26 शनिकृष्ण सप्तमीआषाढ़
27 रविकृष्ण अष्टमीआषाढ़
28 सोमकृष्ण नवमीआषाढ़
29 मंगलकृष्ण दशमीआषाढ़
30 बुधकृष्ण एकादशीआषाढ़योगिनी एकादशी

तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।

इस पेज के शब्द

हर शब्द का मतलब
  • पूर्णिमांत: उत्तर भारत का कैलेंडर, जिसमें महीना पूर्णिमा पर ख़त्म होता है। पश्चिम और दक्षिण के अमांत कैलेंडर में महीना अमावस्या पर ख़त्म होता है, इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों महीने का नाम अलग बताते हैं।
  • शुक्ल और कृष्ण पक्ष: महीने का उजाला पखवाड़ा, जब चंद्रमा बढ़कर पूर्णिमा तक जाता है, और अँधेरा पखवाड़ा, जब घटकर अमावस्या तक।
  • संक्रांति: जिस दिन सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं; इनमें मकर संक्रांति सबसे जानी-मानी है।
  • प्रदोष: सूर्यास्त के ठीक बाद की शाम का समय।
  • निशीथ: आधी रात का समय, जब शिवरात्रि और जन्माष्टमी की पूजा होती है।
  • अपराह्न और मध्याह्न: दोपहर बाद का समय (दिन के पाँच बराबर भागों में चौथा) और दिन का बीच का समय, यानी दोपहर।
  • पारण: व्रत खोलने का समय, जैसे एकादशी का व्रत अगली सुबह खोला जाता है।
  • स्नान-दान: पूर्णिमा या अमावस्या पर पवित्र स्नान और दान।
  • क्षय: वह तिथि जो एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाए, इसलिए किसी सूर्योदय पर न दिखे; वह उसी दिन मानी जाती है जिस दिन शुरू होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
जून 2027 में कौन-सा हिंदू महीना है?

उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 जून से 19 जून तक ज्येष्ठ; फिर 20 जून से 30 जून तक आषाढ़। विक्रम संवत 2084।

जून 2027 में पूर्णिमा कब है?

नई दिल्ली में ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत शुक्रवार, 18 जून को।

जून 2027 में अमावस्या कब है?

नई दिल्ली में ज्येष्ठ अमावस्या शुक्रवार, 4 जून को।

जून 2027 में एकादशी कब है?

नई दिल्ली में अपरा एकादशी मंगलवार, 1 जून को, निर्जला एकादशी सोमवार, 14 जून को और योगिनी एकादशी बुधवार, 30 जून को।

जून 2027 में कौन-से हिंदू त्योहार हैं?

वट सावित्री व्रत शुक्रवार, 4 जून को; शनि जयंती शुक्रवार, 4 जून को; गंगा दशहरा रविवार, 13 जून को। नई दिल्ली के लिए।

व्रत का दिन सबके लिए एक होता है, पर हर किसी की कुंडली अलग होती है।

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