बारह राशियों में बारहवीं · निरयन (स्थिर तारों वाले) राशिचक्र के 330°–360°
जन्म के समय चंद्रमा मीन में हों तो आपकी राशि मीन है: इसी से आपका राशिफल, साढ़े साती और नाम अक्षर देखे जाते हैं। जिनके चंद्रमा मीन में हों, वे दयालु, कल्पनाशील और आध्यात्मिक होते हैं। इसके स्वामी गुरु हैं, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (चरण 4), उत्तरा भाद्रपद और रेवती हैं, और परंपरा में मीन राशि के बच्चे का नाम दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा या ची अक्षर से रखा जाता है।
राशि की अपनी बातें, जो हर मीन राशि वाले के लिए एक-सी हैं।
चंद्रमा मन के कारक हैं, इसलिए उनकी राशि बताती है कि व्यक्ति कैसा महसूस करता है और किसी बात पर कैसे पेश आता है। लग्न और बाक़ी कुंडली इसे आगे गढ़ते हैं।
ऐसे लोग दूसरों का दर्द समझते हैं, आसानी से माफ़ कर देते हैं और धर्म, संगीत और कला की ओर खिंचते हैं। ये कभी ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा कर लेते हैं, सपनों में रहते हैं या कड़वे सच से बचते हैं। मीन गुरु की राशि है, इसलिए ये उपचार, पढ़ाने, कला और सेवा के कामों में अच्छा करते हैं।
बृहत् जातक के अनुसार चंद्र मीन राशि में हों तो जातक व्यापार में, विशेषकर समुद्र से मिलने वाली वस्तुओं के व्यापार में, सफल होता है और धनवान, सुखी तथा विद्वान होता है। उसे जीवनसाथी और अच्छे वस्त्र प्रिय होते हैं, वह विरोधियों को परास्त करता है और घर की स्त्रियों की बात बहुत मानता है। श्लोक उसके सुडौल अंग, तेजस्वी, उजला रूप और सुंदर आँखें बताता है। वराहमिहिर स्वयं कहते हैं (17.13) कि यह फल पूरा तभी मिलता है जब जन्म के समय चंद्रमा, मीन राशि और उसके स्वामी गुरु तीनों बली हों।
बृहत् जातक 17.12
मीन बारहवीं और अंतिम राशि है, जो त्याग का स्थान है, और मीन वाले बिना हिसाब रखे देते हैं, चाहे गुरुद्वारे के लंगर में घंटे भर की सेवा हो या पड़ोसी की चुपचाप मदद। गुरु की राशि होने से बुरे समय में भी इनकी आस्था नहीं डगमगाती, और अस्पताल के गलियारे में या लंबे इंतज़ार में मीन वाले साथ हों तो माहौल शांत लगता है।
व्यय बारहवें भाव का विषय है, और मीन बारहवीं राशि है, इसीलिए मीन वालों का पैसा अक्सर दूसरों की ज़रूरतों में निकल जाता है: कभी किसी रिश्तेदार की आपात ज़रूरत, कभी कोई दान। मुसीबत में पड़े दोस्त को मना करना इन्हें लगभग असंभव लगता है। देने के लिए हर महीने एक तय रक़म अलग रख लें और बाक़ी को न छुएँ, तो मीन वाले अपने परिवार को तंगी में डाले बिना दूसरों की मदद कर पाते हैं।
ज्योतिष चंद्र राशि को लग्न मानकर (चंद्र लग्न) भी पढ़ता है: काम के लिए चंद्र से दसवाँ भाव, विवाह के लिए सातवाँ, और सेहत के लिए राशि का अपना अंग और तत्त्व। सातवीं राशि जीवनसाथी के स्वभाव का संकेत है, इसका मतलब यह नहीं कि जीवनसाथी की राशि यही होगी। यह परंपरा है, भविष्यवाणी नहीं; पूरा फल आपकी कुंडली तय करती है।
मीन के लिए चंद्र से दसवीं राशि धनु है, और दोनों राशियों के स्वामी गुरु हैं, इसलिए गुरु के कामों को दोहरा बल मिलता है: अध्यापन, क़ानून, वित्त और सलाह। अध्यापक, वकील, वित्त संस्था का अधिकारी, परामर्शदाता या शास्त्रों का विद्वान, सब इस राशि के लिए ठीक रहते हैं। ऊपर का श्लोक समुद्र से मिलने वाली वस्तुओं के व्यापार का नाम लेता है, और निर्यात या जहाज़रानी का काम भी उससे मेल खाता है।
चंद्र से सातवीं राशि कन्या है, जिसके स्वामी बुध हैं, इसलिए परंपरा ऐसे जीवनसाथी की बात करती है जो सावधान और व्यावहारिक हो, और बारीकी व हिसाब में पक्का हो। कल्पनाशील, भरोसा करने वाले मीन वाले और ऐसा सटीक साथी एक-दूसरे की कमी पूरी करते हैं। ध्यान बस इतना रखना है कि साथी कोई कड़वा सच बताए तो मीन वाले उसे सुनें।
परंपरा कालपुरुष के शरीर में अंतिम राशि मीन को अंतिम अंग, यानी पैरों, से जोड़ती है (बृहत् जातक 1.4), और जल तत्त्व की राशि होने से शरीर के तरल पदार्थों और कोमल मन से। इसलिए अच्छे जूते-चप्पल पहनें, पैरों की देखभाल करें, और जो मन दूसरों का दर्द अपने ऊपर ले लेता है, उसे भरपूर आराम दें।
हर राशि में नौ चरण होते हैं, हर एक किसी नक्षत्र का एक चौथाई। जन्म के समय चंद्रमा जिस चरण में हों, परंपरा में नाम उसी के अक्षर से रखा जाता है।
| नक्षत्र | स्वामी | मीन में अंश | मीन में चरण | नाम अक्षर |
|---|---|---|---|---|
| पूर्वा भाद्रपद | गुरु | 0°–3°20′ | 4 | दी |
| उत्तरा भाद्रपद | शनि | 3°20′–16°40′ | चारों | दू, थ, झ, ञ |
| रेवती | बुध | 16°40′–30° | चारों | दे, दो, चा, ची |
ये भाव चंद्र राशि से गिने गए हैं, जैसे राशिफल में। चंद्र से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में शनि हों तो साढ़े साती होती है, लगभग साढ़े सात साल; चौथे (कंटक) या आठवें (अष्टम) में हों तो ढैय्या, लगभग ढाई साल। यह हर मीन राशि वाले के लिए एक जैसा है; असर कैसा होगा, यह आपकी कुंडली तय करती है।
राशि को उसके स्वामी के ज़रिए बल मिलता है। ये उपाय मुफ़्त हैं, और हर एक के साथ उसकी वजह है।
रत्न राशि से नहीं बताया जाता। जो रत्न एक कुंडली को फ़ायदा देता है, वही दूसरी को नुकसान कर सकता है, इसलिए रत्न पूरी कुंडली देखकर चुना जाता है।
गुण मिलान के आठ कूटों (मिलान के हिस्सों) में से चार सिर्फ़ राशि से देखे जाते हैं, जो 36 में से 15 अंक के हैं: वर्ण (1, राशि का वर्ग), वश्य (2, आपसी आकर्षण), ग्रह मैत्री (5, स्वामियों की मित्रता) और भकूट (7, प्रेम और परिवार की भलाई)।
राशि का अपना स्वरूप, उसमें बैठे ग्रहों से अलग।
सत्त्व, रज और तम तीन गुण हैं (शांत समझ, सक्रियता और जड़ता)। वात, पित्त और कफ आयुर्वेद के तीन दोष हैं (शरीर में वायु, अग्नि और जल)। राशि का उदय सिर की ओर से (शीर्षोदय) या पीठ की ओर से (पृष्ठोदय) होता है, जैसे उसकी आकृति पूर्व में उगती है; शास्त्र इसे, दिन या रात के बल के साथ, फल का समय देखने में लेते हैं। पराशर राशि की अपनी प्रकृति बताते हैं, और ऊपर वराहमिहिर उस व्यक्ति की जिसके चंद्रमा इसमें हों, इसलिए दोनों में अंतर हो सकता है।
बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.5, 4.22–24
मीन बारह राशियों में बारहवीं है, निरयन राशिचक्र के 330°–360°, और इसके स्वामी गुरु हैं। जन्म के समय चंद्रमा इसमें हों तो यह आपकी राशि है।
दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची: नौ चरणों के लिए एक-एक, क्रम से। जन्म के समय चंद्रमा जिस चरण में हों, उसी का अक्षर लिया जाता है।
राशि से तय होने वाले चार कूटों पर बाक़ी ग्यारह राशियों में मीन का सबसे अच्छा मेल धनु से है (14/15, मीन को वर की राशि मानकर); एक ही राशि के दो लोगों को पूरे 15 अंक मिलते हैं। असली मिलान के लिए दोनों कुंडलियाँ चाहिए: 36 में से 21 अंक नक्षत्र के कूटों से आते हैं।
इसके स्वामी गुरु का मंत्र ॐ गुरवे नमः, गुरुवार को 108 बार। बीज मंत्र और देवता ऊपर उपाय वाले हिस्से में हैं।
हाँ: साढ़े साती 17 अप्रैल 2030 तक चलेगी। अभी बीच का दौर है, शनि चंद्र राशि से पहले भाव में, 3 जून 2027 तक। इसके बाद: कंटक शनि (ढैय्या, शनि चौथे भाव में) 31 मई 2032 से 13 जुलाई 2034 तक। शनि मीन में ही हैं, यानी आपकी चंद्र राशि में।
2027 में सबसे अच्छे महीने मई और जून हैं और सबसे कमज़ोर जनवरी, जुलाई और अगस्त। 2027 के राशिफल में हर महीने का हाल है, ऊपर बताए शनि, गुरु और राहु के बदलावों के साथ।
आपका लग्न, नक्षत्र का चरण और दशा बाक़ी बताते हैं। आचार्य पराशर (AI ज्योतिषी) आपकी पूरी कुंडली देखकर जवाब देते हैं।
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