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बारह राशियों में पाँचवीं · निरयन (स्थिर तारों वाले) राशिचक्र के 120°–150°

सिंह राशि
चंद्र राशि · स्वामी सूर्य

जन्म के समय चंद्रमा सिंह में हों तो आपकी राशि सिंह है: इसी से आपका राशिफल, साढ़े साती और नाम अक्षर देखे जाते हैं। जिनके चंद्रमा सिंह में हों, वे स्वाभिमानी, उदार और दिलदार होते हैं। इसके स्वामी सूर्य हैं, नक्षत्र मघा, पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी (चरण 1) हैं, और परंपरा में सिंह राशि के बच्चे का नाम मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू या टे अक्षर से रखा जाता है।

राशि चक्र में सिंह राशि, बारह में पाँचवीं, शनि मीन में चिह्नितराशि चक्र में सिंह राशि, बारह में पाँचवीं, शनि मीन में चिह्नित

सिंह राशि एक नज़र में

राशि की अपनी बातें, जो हर सिंह राशि वाले के लिए एक-सी हैं।

स्वामीसूर्य
आकृतिसिंह
तत्त्वअग्नि
स्वभावस्थिर
विषम या समविषम (मेष से पहली, तीसरी, पाँचवीं… राशि): शास्त्र विषम राशियों को पुरुष और क्रूर कहते हैं; यह नाम भर है, स्वभाव पर फ़ैसला नहीं
कालपुरुष में (पूरा राशिचक्र एक शरीर के रूप में)पेट (बृहत् जातक 1.4)
वश्य (मिलान में आपसी आकर्षण का वर्ग)वनचर (जंगली)
शुभ अंक, रंग, दिन1, ताँबे जैसा, रविवार
देवताभगवान शिव
यहाँ बली या निर्बल ग्रहसूर्य: मूलत्रिकोण में (राशि का वह हिस्सा जहाँ ग्रह बहुत सहज रहते हैं; बल में इसका दर्जा उच्च के ठीक बाद आता है)

सिंह राशि वालों का स्वभाव

चंद्रमा मन के कारक हैं, इसलिए उनकी राशि बताती है कि व्यक्ति कैसा महसूस करता है और किसी बात पर कैसे पेश आता है। लग्न और बाक़ी कुंडली इसे आगे गढ़ते हैं।

अगुवाई करना, सम्मान पाना और काम शान से करना इन्हें पसंद है; जो इन पर निर्भर हों, ये उनकी रक्षा करते हैं और खुलकर देते हैं। अहं और पहचान की चाह से इन्हें सलाह देना मुश्किल हो सकता है। सिंह सूर्य की राशि है, इसलिए ये अधिकार वाले पदों और सरकारी कामों में अच्छा करते हैं।

वराहमिहिर क्या कहते हैं

बृहत् जातक के अनुसार चंद्र सिंह राशि में हों तो जातक दानी, युद्ध में निडर, अपने सिद्धांतों पर अडिग, स्वाभिमानी और माता का भक्त होता है। वह जल्दी क्रोधित होता है, छोटी बातों पर देर तक रूठा रहता है और उसे वन तथा पर्वत प्रिय होते हैं। श्लोक भूख-प्यास, पेट और दाँत के कष्ट और मानसिक चिंता से सावधान करता है, और उसका जबड़ा भारी, चेहरा चौड़ा और आँखें भूरी बताता है। वराहमिहिर स्वयं कहते हैं (17.13) कि यह फल पूरा तभी मिलता है जब जन्म के समय चंद्रमा, सिंह राशि और उसके स्वामी सूर्य तीनों बली हों।

बृहत् जातक 17.5

ख़ूबियाँ

पिता और राजकाज के कारक सूर्य सिंह वालों को कुल की मर्यादा का बोध देते हैं, इसलिए ज़मीन-जायदाद का मामला न्याय से निपटाना हो या अफ़सरों के सामने घर की बात रखनी हो, अक्सर यही आगे आते हैं। स्थिर अग्नि राशि होने से इनका संकल्प टिकता है: दफ़्तर में या मोहल्ले में कोई काम हाथ में लें तो उसे अंजाम तक पहुँचाते हैं। सबके सामने दिया गया सिंह वालों का वचन लोग भरोसे लायक़ मानते हैं।

किन बातों का ध्यान रखें

दिखावे के लिए किया गया ख़र्च सिंह वालों को महँगा पड़ सकता है, चाहे हैसियत से बढ़कर की गई शादी हो या रौब जमाने के लिए दिया गया महँगा उपहार। हर ज़िम्मेदारी अकेले उठाना इस बलवान राशि को भी थका देता है। बड़े पारिवारिक आयोजन से पहले ख़र्च की सीमा तय कर लेना और एक काम घर के किसी छोटे सदस्य को सौंप देना जेब और ऊर्जा, दोनों को बचाए रखता है।

सिंह राशि: काम-काज, विवाह और सेहत

ज्योतिष चंद्र राशि को लग्न मानकर (चंद्र लग्न) भी पढ़ता है: काम के लिए चंद्र से दसवाँ भाव, विवाह के लिए सातवाँ, और सेहत के लिए राशि का अपना अंग और तत्त्व। सातवीं राशि जीवनसाथी के स्वभाव का संकेत है, इसका मतलब यह नहीं कि जीवनसाथी की राशि यही होगी। यह परंपरा है, भविष्यवाणी नहीं; पूरा फल आपकी कुंडली तय करती है।

काम-काज

सिंह के लिए चंद्र से दसवीं राशि वृषभ है, जिसके स्वामी शुक्र हैं, इसलिए परंपरा कला, आतिथ्य, सुंदर वस्तुओं, वाहनों और चीज़ों को सँवारने वाले कामों की ओर देखती है। राशि के स्वामी सूर्य सरकार, प्रशासन और चिकित्सा जोड़ते हैं, इसलिए सरकारी विभाग का पद, अस्पताल का प्रबंधन या वस्त्र और आतिथ्य का पारिवारिक व्यापार इस राशि के लिए ठीक बैठता है। जहाँ ज़िम्मेदारी इन्हें सौंपी जाए और इन पर भरोसा किया जाए, वहाँ सिंह वाले सबसे अच्छा काम करते हैं।

विवाह

चंद्र से सातवीं राशि कुंभ है, जिसके स्वामी शनि हैं, इसलिए परंपरा ऐसे जीवनसाथी की बात करती है जो गंभीर, स्थिर और कर्तव्य को दिल से निभाने वाला हो। कुंभ भी, सिंह की तरह, स्थिर राशि है, इसलिए दोनों अपनी बात पर टिके रहते हैं; सिंह वाले साथी को अपनी जगह दें और साथी उन्हें वह सम्मान दे जो उन्हें प्रिय है, तो दांपत्य सुखी रहता है। छोटी अनबन को उसी दिन सुलझा लेना, ताकि वह गाँठ न बन जाए, घर में अपनापन बनाए रखता है।

सेहत

परंपरा कालपुरुष के शरीर में सिंह को उदर, यानी पेट, से जोड़ती है (बृहत् जातक 1.4), और अग्नि तत्त्व की राशि होने से शरीर की गर्मी से। ऊपर का श्लोक भी पेट और दाँतों से सावधान करता है, इसलिए समय पर भोजन करें, भरपूर पानी पिएँ और दाँतों की देखभाल करें; परंपरा यही सलाह देती है।

सिंह राशि के नक्षत्र और नाम अक्षर

हर राशि में नौ चरण होते हैं, हर एक किसी नक्षत्र का एक चौथाई। जन्म के समय चंद्रमा जिस चरण में हों, परंपरा में नाम उसी के अक्षर से रखा जाता है।

नक्षत्रस्वामीसिंह में अंशसिंह में चरणनाम अक्षर
मघाकेतु0°–13°20′चारोंमा, मी, मू, मे
पूर्वा फाल्गुनीशुक्र13°20′–26°40′चारोंमो, टा, टी, टू
उत्तरा फाल्गुनीसूर्य26°40′–30°1टे

नक्षत्र और चरण से बच्चों के नाम →

सिंह राशि के लिए अभी शनि, गुरु और राहु

ये भाव चंद्र राशि से गिने गए हैं, जैसे राशिफल में। चंद्र से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में शनि हों तो साढ़े साती होती है, लगभग साढ़े सात साल; चौथे (कंटक) या आठवें (अष्टम) में हों तो ढैय्या, लगभग ढाई साल। यह हर सिंह राशि वाले के लिए एक जैसा है; असर कैसा होगा, यह आपकी कुंडली तय करती है।

  • शनिसिंह राशि पर अष्टम शनि (ढैय्या, शनि आठवें भाव में) 23 फ़रवरी 2028 तक। बीच में 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तक शनि मेष (आपके नौवें भाव) में रहेंगे, तब ढैय्या थमी रहेगी। उसके बाद साढ़े साती 13 जुलाई 2034 से 28 जनवरी 2041 तक, फिर 6 फ़रवरी 2041 से 26 सितंबर 2041 तक। साढ़े साती · ढैय्या की तारीख़ें।
  • गुरुअभी चंद्र राशि से बारहवें भाव (ख़र्च, नींद, विदेश यात्रा और त्याग) में हैं। इसके बाद 31 अक्टूबर 2026 से पहले भाव (अपनी सेहत, आत्मविश्वास और दूसरों की नज़र में आपकी छवि) में, 25 जनवरी 2027 से फिर बारहवें भाव में, 26 जून 2027 से फिर पहले भाव में और 26 नवंबर 2027 से दूसरे भाव (परिवार, जमा-पूँजी और बोलचाल) में रहेंगे।
  • राहुअभी चंद्र राशि से सातवें भाव (विवाह, साझेदार और कारोबारी लेन-देन) में हैं। इसके बाद 5 दिसंबर 2026 से छठे भाव (दबाव वाला काम, विरोधी, क़र्ज़ और बीमारी) में रहेंगे।

सिंह राशिफल 2027: महीने दर महीने →

सिंह राशि का उपाय: स्वामी सूर्य

राशि को उसके स्वामी के ज़रिए बल मिलता है। ये उपाय मुफ़्त हैं, और हर एक के साथ उसकी वजह है।

  • सूर्य का मंत्र, रविवार को 108 बारॐ सूर्याय नमःसिंह राशि के स्वामी का सबसे सरल मंत्र, आत्मविश्वास, सेहत और अधिकारियों से अच्छे संबंध के लिए।
  • बीज मंत्र, नियमित जप के लिएॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमःसूर्य के पूरे जप के लिए, रोज़ 108 बार, जब सिंह राशि के स्वामी को बल चाहिए: उनकी दशा (ग्रह की अवधि) में, या जब वे आपकी कुंडली में निर्बल हों।
  • भगवान शिव की पूजासिंह राशि से परंपरा में जुड़े देवता, जिनकी पूजा शांति और भय से मुक्ति के लिए की जाती है; मंदिर में दर्शन या घर में दीया सबसे सरल रूप है।

रत्न राशि से नहीं बताया जाता। जो रत्न एक कुंडली को फ़ायदा देता है, वही दूसरी को नुकसान कर सकता है, इसलिए रत्न पूरी कुंडली देखकर चुना जाता है।

कुंडली मिलान में सिंह राशि

गुण मिलान के आठ कूटों (मिलान के हिस्सों) में से चार सिर्फ़ राशि से देखे जाते हैं, जो 36 में से 15 अंक के हैं: वर्ण (1, राशि का वर्ग), वश्य (2, आपसी आकर्षण), ग्रह मैत्री (5, स्वामियों की मित्रता) और भकूट (7, प्रेम और परिवार की भलाई)।

  • सिर्फ़ राशि से सबसे अच्छा और सबसे कठिन मेलसिंह को लड़के की राशि मानें, तो बाक़ी ग्यारह राशियों में सिंह का सबसे ज़्यादा मेल मिथुन और वृश्चिक से (12.5/15) और सबसे कम मकर से (2/15) है। एक ही राशि के दो लोगों को इन चारों पर पूरे 15 अंक मिलते हैं। वर्ण और वश्य में लड़के और लड़की की राशि अदल-बदल करने से अंक बदल सकते हैं, इसलिए जोड़ी वाले पेज पर दोनों तरह से गिनती दी गई है। बाक़ी चार कूट, 21 अंक, दोनों के नक्षत्र से निकलते हैं।
  • भकूटभकूट, 7 अंकों का कूट, तब 0 देता है जब दोनों राशियाँ एक-दूसरे से दूसरे-बारहवें, पाँचवें-नौवें या छठे-आठवें स्थान पर हों। कन्या और मकर के साथ भकूट दोष बनता है और बना रहता है। कर्क, धनु, मेष और मीन के साथ दोष बनता है पर रद्द हो जाता है, क्योंकि दोनों राशियों के स्वामी एक ही ग्रह हैं या आपस में मित्र: भकूट के 7 में से 0 अंक ही रहते हैं, पर ज्योतिषी इसे मिलान में रुकावट नहीं मानते।
  • वश्य (2 अंक)सिंह वनचर (जंगली) राशि है, जिस वर्ग में कोई और राशि नहीं, इसलिए वश्य, आपसी आकर्षण का कूट, सिंह को पूरे 2 अंक सिर्फ़ सिंह राशि वाले साथी के साथ देता है। मेष, वृषभ और मकर (पहला आधा) के साथ 1 अंक मिलता है, बाक़ी के साथ आधा अंक। धनु और मकर का वर्ग 15° पर बदल जाता है, और ऊपर की गिनती उनके पहले आधे की है: धनु के दूसरे आधे में चंद्रमा हों तो सिंह को 1 अंक मिलता है और मकर के दूसरे आधे में चंद्रमा हों तो सिंह को आधा अंक मिलता है।

हर राशि से सिंह का मेल, कूट दर कूट → · पूरा कुंडली मिलान

पराशर के शब्दों में सिंह राशि

राशि का अपना स्वरूप, उसमें बैठे ग्रहों से अलग।

  • रंग: श्वेत
  • विशाल शरीर
  • चतुष्पद (चार पैरों वाली)
  • दिन में बली
  • दिशा: पूर्व
  • वन में वास
  • सत्त्वगुणी
  • शीर्षोदय (सिर से उदय होने वाली)
  • स्वामी: सूर्य
  • स्थिर, पुरुष और क्रूर राशि
  • पित्त प्रकृति

सत्त्व, रज और तम तीन गुण हैं (शांत समझ, सक्रियता और जड़ता)। वात, पित्त और कफ आयुर्वेद के तीन दोष हैं (शरीर में वायु, अग्नि और जल)। राशि का उदय सिर की ओर से (शीर्षोदय) या पीठ की ओर से (पृष्ठोदय) होता है, जैसे उसकी आकृति पूर्व में उगती है; शास्त्र इसे, दिन या रात के बल के साथ, फल का समय देखने में लेते हैं। पराशर राशि की अपनी प्रकृति बताते हैं, और ऊपर वराहमिहिर उस व्यक्ति की जिसके चंद्रमा इसमें हों, इसलिए दोनों में अंतर हो सकता है।

बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 4.5, 4.12

आम सवाल

सिंह राशि क्या है?

सिंह बारह राशियों में पाँचवीं है, निरयन राशिचक्र के 120°–150°, और इसके स्वामी सूर्य हैं। जन्म के समय चंद्रमा इसमें हों तो यह आपकी राशि है।

सिंह राशि के नाम अक्षर क्या हैं?

मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे: नौ चरणों के लिए एक-एक, क्रम से। जन्म के समय चंद्रमा जिस चरण में हों, उसी का अक्षर लिया जाता है।

सिंह राशि का सबसे अच्छा मेल किन राशियों से है?

राशि से तय होने वाले चार कूटों पर बाक़ी ग्यारह राशियों में सिंह का सबसे अच्छा मेल मिथुन और वृश्चिक से है (12.5/15, सिंह को वर की राशि मानकर); एक ही राशि के दो लोगों को पूरे 15 अंक मिलते हैं। असली मिलान के लिए दोनों कुंडलियाँ चाहिए: 36 में से 21 अंक नक्षत्र के कूटों से आते हैं।

सिंह राशि का मंत्र क्या है?

इसके स्वामी सूर्य का मंत्र ॐ सूर्याय नमः, रविवार को 108 बार। बीज मंत्र और देवता ऊपर उपाय वाले हिस्से में हैं।

क्या सिंह राशि पर अभी साढ़े साती या ढैय्या है?

हाँ: अष्टम शनि (ढैय्या, शनि आठवें भाव में) 23 फ़रवरी 2028 तक। बीच में 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 तक शनि मेष (आपके नौवें भाव) में रहेंगे और ढैय्या नहीं रहेगी। इसके बाद: साढ़े साती 13 जुलाई 2034 से 28 जनवरी 2041 तक, फिर 6 फ़रवरी 2041 से 26 सितंबर 2041 तक। शनि मीन में हैं, सिंह से आठवें भाव में।

सिंह राशि के लिए 2027 कैसा है?

2027 में सबसे अच्छे महीने सितंबर और दिसंबर हैं और सबसे कमज़ोर फ़रवरी और मार्च। 2027 के राशिफल में हर महीने का हाल है, ऊपर बताए शनि, गुरु और राहु के बदलावों के साथ।

आपकी राशि आपकी कुंडली का बस एक हिस्सा है

आपका लग्न, नक्षत्र का चरण और दशा बाक़ी बताते हैं। आचार्य पराशर (AI ज्योतिषी) आपकी पूरी कुंडली देखकर जवाब देते हैं।

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AI वैदिक ज्योतिषी। किसी भी भारतीय भाषा में चैट करें; कॉल हिंदी और अंग्रेज़ी में।ऐसे पूछें“मेरी कुंडली का पूरा और विस्तार से विश्लेषण कीजिए”“मेरी जन्म कुंडली में कौन-से दुर्लभ योग हैं?”“इस महीने की मेरी सूक्ष्म दशा का विश्लेषण कीजिए”चैट कॉल शुल्क हर मिनट के हिसाब से लगता है, और सिर्फ़ तब तक जब तक चैट या कॉल चालू रहे। जब चाहें बंद करें।

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9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
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